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जिस्म की गर्मी

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फ्रेंड्स
एक शादीशुदा महिला के लिए शारीरिक सुख अत्यंत ही आवश्यक होता है और मेरे जैसी औरत तो दस घाट का पानी पीकर मस्त रहने वाली है, २६ वर्ष की छलकती जवानी तो लंबाई ५ फीट ५ इंच साथ ही गोरा छरहरा बदन जिसके कई दीवाने हैं लेकिन इनकी दीवानगी बस मेरे जिस्म के साथ मस्ती करने तक है और मेरे हसबैंड तो वाईफ स्वैपिंग तक को स्वीकार्य कर चुके हैं, दीपा अपने करीबी रिश्तेदार तक से चुदाई करवाकर सभी सीमाओं को लांघ चुकी है, मेरे दोनो उफान लेती चूचियों को देख किसका लौड़ा टाईट नही होगा मुझे नहीं पता तो गोल गुंबदाकार चूतड किसी भी मर्द को लुभाने के लिए थे। मेरे हसबैंड का तबादला अंबाला से दानापुर हो गया तो मेरा ससुराल भी उत्तर प्रदेश में ही था और अब घर में सारे सामान की पैकिंग शुरू हुई, मूवर्स एंड पैकर्स से पति ने बात की और एक सुबह उसके दो स्टाफ आए, मैं नाईट गाऊन में ही दरवाजा खोलने चली गई और दो लड़के जोकि २३ – २४ साल के होंगे सामने खड़े थे ” जी मैडम हमलोग मूवर्स एंड पैकर्स से हैं
( मैं मुस्कुराई ) जी तो अंदर आईए ” , उसमें एक तो लंबा कद और शरीर से तंदरुस्त लग रहा था और दोनो अंदर आते ही बोले ” पहले ऐसे सामान को पैक करते हैं जिसकी मैडम आपको जरूरत नहीं है ” तो मैं उसे किचन ले गई, अगले तीन दिनों तक सिर्फ पैकिंग कराना था फिर दानापुर जाने का प्लान था, तभी मैं अपने बेडरूम आई और पर्दा खींचकर अपने नाईट गाऊन को उतारने लगी, दोनो मेरे स्तन के उभार को काफी घूर रहे थे, मैं स्कर्ट और टॉप्स बेड पर रख नाईट गाऊन को उतार नंगी थी तभी मेरी गर्दन पीछे की ओर मुड़ी तो पर्दे से झांकते हुए एक लड़के को देख मैं गुस्से से आग बबूला हो उठी, झट से उस नाईट गाऊन को पहन ली फिर रूम से बाहर निकली, वो लड़का किचन में सामान समेट रहा था और मैं किचन के बाहर से बोली ” हेल्लो तुम इधर सुनो ” वो लड़का सहमा हुआ था, मेरे सामने आया तो मैं धीरे से बोली ” तुम मुझे पर्दे के पीछे से क्यों देख रहे थे
( वो सर झुकाए बोला ) आपसे कुछ पूछने गया था तो आपको
( मैं ) ठीक है ठीक है जाकर काम करो ” फिर मैं अपने रूम आई और कपड़ा उतारकर वाशरूम घुसी, उसका नाम शोएब था लेकिन देखने में स्मार्ट और मेरी नजर तो उसके तंदरुस्त बदन पर था, मैं स्नान करके नाश्ता की फिर किचन की ओर गई तो वो लोग बड़े बड़े बॉक्स में सामान पैक कर रहे थे, मैं बोली ” शोएब तुम लोग खाना खाने तो जाओगे
( वो ) जी मैडम, फिर मैं शाम तक अकेले ही यहां पैकिंग करूंगा ” मैं खुश हुई की शोएब से एक राउंड चुदवा लूंगी और फिर दोपहर में उन दोनों के जाते ही मै व्हिस्की की बोतल निकाली और पैक बनाकर पीने लगी, दो पैक पीने के बाद शोएब को कॉल की ” जी मैडम
( मैं बोली ) तुम उधर से मेरे लिए खाना पैक कराकर लेते आना ” और मैं मिनी स्कर्ट और टॉप्स पहने तीसरे पैक ले रही थी कि डोर बेल बजने लगा, मैं उठकर दरवाजा खोली तो पड़ोस की मेरी दोस्त थी ” आओ विनीता
( वो अंदर घुसते ही बोली ) क्या तुम ड्रिंक्स ले रही हो
( मैं बोली ) हां क्या एक पैक लेगी
( वो बोली ) नही रात का खाना तुम दोनो का मेरे घर पर ही है, यही बोलने आई थी ” वो गई तो मैं ड्रिंक्स पूरा की, दरवाजा खुला ही छोड़ दी और अब नशे में उठकर खड़ी हुई फिर अपने बेडरूम में जाकर बेड पर लेट गई, मेरे स्कर्ट तो जांघो के ऊपर आ चुके थे तो जिस्म में काम वासना की आग लगी हुई थी, जल्दी से शोएब आए तो उसका लन्ड चुसूं और तभी मेरी आंख लग गई, कुछ देर के बाद मुझे एहसास हुआ की कोई धीमे स्वर में बोल रहा है ” मैडम प्लीज उठिए ” मैं करवट बदलकर देखी तो याकूब खड़ा था और मेरी स्कर्ट तो मानो चूतड के निचले हिस्से तक आ पहुंची थी, मैं उठकर बैठी फिर वो पलट कर जाने लगा और मैं भी बिना देर किए उसके पीछे गई और पहले तो दरवाजा लॉक कर दी, वो डाइनिंग हॉल में ही अपने शर्ट उतार कर सोफा पर रखा तो दीपा उसके चौड़ी छाती को घूरने लगी और ज्योंहि वो अपने पैंट के बटन पर हाथ लगाया मैं तो मुख मैथुन के ख्वाब देखने लगी, उसकी नजर मुझ पर पड़ी ” मैडम खाना डाइनिंग टेबल पर है खा लीजिए
( मैं उसके करीब गई ) तुम पैंट क्यों उतार रहे हो
( वो घ्बड़ा उठा ) मैडम थोड़ी गर्मी लग रही है अंदर हॉफ पैंट है ” और मैं दारू के नशे में चूर उसके करीब हुए उसके छाती पर हाथ फेरने लगी, दुसरा हाथ उसके लन्ड के उभार पर लगाई तो वो अपना हाथ मेरे पीठ पर रख सहलाने लगा ” मैडम यदि डाइनिंग हॉल का सामान खोलकर नही रखा तो मालिक गुस्सा करेगा
( मैं मुस्कुराते हुए उसके पैंट के बटन खोली फिर पैंट को नीचे कर दी ) मालिक का काम तो रोज करते हो आज मालकिन को खुश कर दो, वाजिब मेहनताना दूंगी ” और मैं बेशर्म औरत की तरह उसके बदन से सारे कपड़े निकाल उसको देखने लगी ” जाकर फटाफट स्नान कर लो फिर मुझे पैक करना ” वो नंगे ही दूसरे रूम घुसा तो पीछे से मैं गई ” इतनी जल्दी क्या है जान टावेल तो ले लो ” फिर उसे तोलिया दी, उसका लन्ड लंबा था लेकिन मोटाई अधिक थी फिर भी उसको देख मेरे मुंह से लार न टपके संभव नहीं, मैं उसी रूम के बेड पर लेट गई और खुद से अपने स्तन को दबाने लगी, कुछ देर बाद याकूब नंगे ही स्नान करके निकला और मेरे टॉप्स ऊपर की ओर देख बोला ” मैडम कुछ काम मुझे भी करने दीजिए ” वो बेड पर बैठा फिर मेरे टॉप्स को पकड़ गले से बाहर कर दिया, मेरे दोनो स्तन ब्रा से बाहर निकलने को आतुर थे तो वो मेरे स्कर्ट निकालकर मेरे ऊपर झुक गया फिर मेरे चेहरे को चूमने लगा, मैं उसके पीठ पर हाथ रख उसके चुम्बन का आनंद लेते हुए पूछी ” कुंवारे हो या शादी हो गई
( वो मेरे ओंठ को चूमा ) अभी तो कुंवारा हूं वैसे बेड पर थोड़ा अनुभव है ” और वो मेरे चेहरे को चूमता हुआ मेरे बदन पर लेटा हुआ मेरे दोनो स्तन को छाती से रगड़ने लगा तो मेरा हाथ उसके चूतड पर था और याकूब अब मेरे गर्दन चूमते हुए चूची की ओर बढ़ने लगा, मैं कंधे पर से ब्रा के स्ट्रीप को नीचे की तो वो ब्रा का हुक खोलकर मेरे दोनो स्तन को नग्न कर दिया। मेरे जिस्म पर याकूब चढ़ा हुआ था तो उसका लौड़ा मेरे जांघों के बीच लेकिन बुर के मुहाने पर ठोकर दे रही थी, फिलहाल वो मेरे चूची को पकड़ मुंह में लिया और दूसरी चूची दबाने लगा, मेरी हाथ उसके पीठ पर फिसल रही थी ” ओह जान अच्छे से पियो तो दूध अब कहां है आह मेरी बुर में खुजली
( वो चूची मुंह से निकाला ) लेकिन मैडम आप बहुत खूबसूरत और सेक्सी हैं
( मैं झेंपते हुए बोली ), हां नंगी औरत खूबसूरत ही होती है ” और वो बाईं चूची मुंह में लिए चूसने लगा तो मैं उसके चुम्बन और चूसन से गर्म होने लगी, उसके पीठ पर नाखून गड़ाते हुए सिसकियां ले रही थी ” उह उई मां बुर में तो गर्म लोहे की सलाख ही डाल दे, मैं मरी ” वो चूची मुंह से निकाला फिर जिस्म पर से उतर गया….. आगे क्या हुआ अगले भाग में।

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