छोटी मौसी : वाशरूम में दोनों साथ हुए | Erotic Stories
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छोटी मौसी : वाशरूम में दोनों साथ हुए

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हैलो फ्रेंड्स,
राहुल मल्होत्रा के लिए औरतों और लड़कियों की चुत कुछ जानी पहचानी सी हो गई, मात्र १८ साल की उम्र में पहली बार चुत की खुसबु मिली तो दो साल में ही अपने घर की एक महिला नेहा ( मॉम ), एक लौंडिया ( दीपा दीदी ) तो रिश्ते में अपनी चाची बबीता, बुआ बिनीता, मौसी स्नेहा और पास की एक महिला शीला के संग शारीरिक सम्बन्ध थे। राहुल का कसरती बदन साथ ही चौड़ी छाती उसपर से ६-७ इंच लम्बा तो डेढ़ इंच मोटा लंड किसी भी लड़कियों कि चुत को संतुष्ट करने के लिए काफी है लेकिन उम्रदार औरतों की ख्वाइश ही कुछ ऐसी होती है कि उसे पूरा कर पाना मुश्किल है, किसी को मोटा लंड पसंद होता है तो किसी को लंबा लेकिन कामुकता की देवी मेरी मॉम नेहा या फिर शीला आंटी इन सबों को मेरे लंड के साईज से कोई शिकायत नहीं है बस उन्हें देर तक चुत चटाई का मजा देना होता है साथ ही देर तक ( ८-१० मिनट ) चुदाई और इन दोनों काम में मैं दक्ष हूं। कुछ महीना पहले की बात है जब मेरी छोटी मौसी स्नेहा अपने छोटे बेटे संग कानपुर आई और हम दोनों के पहले भी शारीरिक सम्बन्ध बन चुके थे तो दोनों के बीच कोई हिचक और झिझक नहीं रह गया था, स्नेहा २७-२८ साल की जवान औरत है तो उनके छरहरे बदन साथ ही ५’५ फीट की लंबाई, चूचियां मध्यम आकार के और चूतड़ V शेप में, मुझे काफी सुंदर लगती थी। आज छुट्टी का दिन था तो घर में डैड, मॉम, दीदी सभी लोग थे तो मौसी के आते ही मैं उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया फिर बालकनी में बैठकर मैं न्यूज पेपर पढ़ने लगा तो ध्यान मेरी डायनिंग हॉल की ओर ही थी, वहां डैड, मॉम और मौसी सहित उनका बेटा था तो फिलहाल सुबह के ११;०० बज चुके थे तभी मौसी का बेटा मेरे पास आया ” आपको मेरी मम्मी बुला रही है
( मैं ) जरूर, चलो ” तो मैं डायनिंग हॉल आकर मौसी के बगल में बैठ पूछा ” हां मौसी जी, बोलिए
( मुझे देख हंसते हुए ) और क्या हाल है
( मै ) ठीक हूं
( स्नेहा ) अच्छा और तेरा आज शाम का क्या प्लान है
( मैं ) कुछ खास नहीं ” तभी मॉम उधर से चाय का प्याला लेकर आई फिर सब साथ ही चाय की चुस्की लेते हुए बात करने लगे तो स्नेहा मुझे तिरछी निगाहों से देखती रही लेकिन मॉम के सामने कुछ भी बात कर पाना कठिन था, जब वो उठकर चली गई तब मौसी बोली ” मैं तुम्हारे मॉम की रूम जा रही हूं, क्या समझे
( मैं कुछ समझ ही नहीं पाया ) तो जाइए मौसी, इसमें दिक्कत क्या है
( मौसी धीमे स्वर में बोली ) स्नान करने जा रही हूं क्या तुम ” अधूरे बात कह चुप हो गई तो मैं समझ गया कि स्नेहा मुझे बैक डोर से मॉम के वाशरूम में घुसने को बोल रही है तभी वो उठकर चली गई और मैं घर के बागान कि ओर चला गया जिधर से मॉम के वाशरूम के पिछले दरवाजे से अंदर घुस सकता था। राहुल सबको ये दिखाने के लिए की बागान में फूल और पौधों को पानी देना है एक बाल्टी लेकर उधर की ओर निकल पड़ा, फिर वहीं नल से बाल्टी में पानी भरकर फूल के पौधों में पानी देने लगा लेकिन ध्यान मॉम के वाशरूम के पिछले दरवाजे पर था फिर मैं उस दरवाजे के पास जाकर धीरे धीरे नॉक करने लगा तो थोड़ा सा दरवाजा खुला और स्नेहा मुझे देखते हुए ” जल्दी अंदर आओ ” मैं अंदर घुसा तो मौसी स्नेहा तुरंत ही मुझे अपने बाहों में लेकर लिपट गई तो मेरा हाथ उनके चूतड़ पर था।
स्नेहा अपनी साड़ी खोलकर सिर्फ ब्लाऊज और पेटीकोट में थी तो दोनों एक दूसरे को चूमने लगे और मेरा हाथ मौसी के गद्देदार गान्ड को जोर जोर से मसलने लगा, और वो मेरे मुंह में जीभ पेलकर चुसवा रही थी, महीनों बाद दोनों का मिलन हुआ था तो स्नेहा बेझिझक होकर मुझे ही वाशरूम बुला ली फिर उसके जीभ चूसता हुआ उसके कमर पर हाथ लगाए पेटीकोट के नाड़े को खोल दिया तो उसकी पेटीकोट फर्श पर गिर गई, अब मौसी अपनी जीभ निकाल मेरे चेहरा को चूमने लगी तो राहुल उसके चुत के फांकों के बीच उंगली रगड़ने लगा और स्नेहा कामुकता वश मेरे शॉर्ट्स नीचे खिंस्काके मेरा नग्न लंड पकड़ ली फिर हिलाते हुए मस्त थी ” अभी तो जल्दी में ही निपट लो रात को कुछ स्पेशल दूंगी ” तो मैं उनके बूब्स दबाता हुआ बुर में उंगली कुरेदता हुआ मस्त था। स्नेहा मेरे लंड को पकड़ हत्थु मार रही थी तो उसके चूची छोड़कर ब्लाऊज की हुक को खोल चूची को ब्रा में किया तो पल भर में दोनों नग्न हो गए। मौसी के चूची को पकड़ चेहरा झुकाए मुंह में लेकर चूसने लगा तो मेरी उंगली चुत से बाहर हो चुकी थी और स्नेहा थोड़ी हड़बड़ी में थी तो राहुल उसकी चूची छोड़कर अपने अर्ध रूप से टाईट लंड को उनके हाथ से मुक्त किया, अब सोचा की मौसी को जल्दी में चोदकर ही सुस्त पड़ा जाए फिर स्नेहा मुड़कर मेरे सामने अपनी चूतड़ को कर दी और दोनों हाथ दीवार पर लगाए दोनों जांघें फैला दी तो मैं अपना लंड पकड़े उसकी चुत में घुसाने लगा फिर उसकी सूखी गरम बुर में लंड डालकर धीरे से एक धक्का मारा तो चुत में २/३ लंड घुस चुका था और स्नेहा पीछे देखते हुए खुद ही अपने गान्ड पीछे की ओर करके पूरा लंड निगल गई अब मैं उनके पतले कमर को पकड़े चुदाई शुरू किया तो मौसी अपनी चूतड हिलाते हुए चुदाई का मज़ा लेने लगी, मेरा दूसरा हाथ उनके मुलायम बूब्स पर था और उसको दबाते हुए चुदाई करने लगा तो स्नेहा खुद ही जोर जोर से चूतड़ को हिलाते हुए किसी चुध्दकड्ड औरत की तरह चुदने लगी अब झरना खोलकर दोनों भींगते हुए चुदाई का आनंद ले रहे थे। स्नेहा कि चूची को पकड़ पुचकारने लगा तो वो अब अपनी गांड़ स्थिर किए चुदवाने लगी ” उह उह उई अह और जोर से पेलो ना ओह उई मां मेरी बुर रसीली हो गई ” तो ६-७ जोरदार धक्का देकर लंड को बुर की पानी में डूबा हुआ एहसास किया और मैं उसके चुत से लंड निकाल अब उसको अपनी ओर खींचा तो स्नेहा मेरे से लिपटे बोली ” देर मत कर पिछले १५ मिनट से अधिक हो गया स्नान करते ” मैं तुरन्त ही स्नेहा के एक पैर पकड़ हवा में किया फिर उसकी पैर को कमर में लपेटे लंड को चुत से सटाया तो स्नेहा खुद ही लंड पकड़े अपनी चुत में घुसाने लगी, अब उसको अपने से चिपकाए आगे की ओर से चुदाई करने लगा तो वो मेरे छाती से चूचियां रगड़ते हुए मस्त होकर चुदवाने लगी तो उसकी ओंठ मेरे गर्दन से चेहरा तक को चूमता रहा और राहुल नीचे से लंड पेले दे दनादन चोदने लगा अब दोनों की योनि गरम हो चुकी थी तो वो मेरे से लिपटे ओंठ को गर्दन में लगाए खुद ही अपने चूतड़ को थोड़ा ऊपर और नीचे करने लगी ” उह ओह डार्लिंग तू चीज तो ऐसी है कि दर्जनों बार चोदकर भी मन ना संतुष्ट हो ” लेकिन लंड चुत में दहाड़कर वीर्यपात करा दिया तो दोनों झट पट अपने बदन को टॉवेल से पोंछे फिर मैं कपड़ा पहनकर बागान कि ओर निकल गया तो मौसी शायद बेडरूम घुसी।

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