मॉम के साथ हफ्ते भर की यात्रा : भाग – १० | Erotic Stories
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मॉम के साथ हफ्ते भर की यात्रा : भाग – १०

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हैलो फ्रेंड्स,
इस कहानी के पिछले भाग में आपने मॉम और बेटा के चुदाई की दास्तान जानी थी तो दोनों रात को खाना खाकर एक साथ वो भी नग्न हाल में सो गए लेकिन अगले शाम तो बनारस से लखनऊ की यात्रा थी, सुबह मॉम जागने के बाद क्या कीं, मुझे नहीं पता लेकिन जब वो मुझे हिला डुलाकर जगाई तो आंख खुलते ही मेरे सामने एक भारतीय नारी खड़ी थी जिसके बदन का हरेक हिस्सा साड़ी, पेटीकोट और ब्लाऊज से ढका हुआ था तो उसके गोल गोल बूब्स के क्लीवेज ब्लाऊज रहते भी दिख रहे थे, उठकर वाशरूम गया और नित्य क्रिया कर्म करके बाहर आया तो मॉम बैठकर टी वी देख रही थी ” आज की यात्रा ट्रेन से है या बस से
( मैं ) ट्रेन से लेकिन पूरे रात की यात्रा है मॉम ” इतने में डोर बेल बजने लगी तो मैं उठकर दरवाजा खोला और पहली बार एक स्वीट सेक्सी लड़की कॉफी का पॉट लिए खड़ी थी, अंदर आई फिर टेबल पर रख वो कप में दूध डालने लगी तो उसका छोटा सा स्कर्ट उसके चूतड के कुछ भाग को भी नंगा करने लगा और मैं तो उसकी नग्न जांघों सहित पैर देख मस्त हो रहा था, दोनों कप में कॉफी तैयार करके सीधा खड़ी हुई ” मैडम, और कुछ
( मॉम ) नहीं, कुछ ऑर्डर देना होगा तो फोन से दे दूंगी ” फिर वो चली गई तो मॉम उठकर दरवाजा बंद की फिर दोनों कॉफी पीने लगा तो मॉम मुझे देख बोली ” क्या रे ऐसी दो टके की छोकरी को घूरता है
( मैं ) क्या मॉम तुम भी तो, वो यहां जॉब करती है इसका मतलब ये नहीं कि वो धंधा करती है
( मॉम ) तुम तो पल भर उसे देख उसकी तारीफ ही करने लगे, अभी मेरे सामने बच्चे हो, मैंने दुनिया देखी है ” तो मैं कॉफ़ी पीकर उठा फिर सोचा कि थोड़ा होटल के बाहर जाकर एक सिगरेट फूंक आता हूं, सो जींस पहनने लगा तो मॉम पूछी ” किधर चल दिए
( मैं ) बाहर से टहल आकर आता हूं
( मॉम थोड़े गुस्से में ) ओह तो उस छोकरी को दूढ़ने जा रहा है
( मैं ) मॉम प्लीज़, मैं सिर्फ एक सिगरेट पीने जा रहा हूं
( मॉम ) यहीं तो सिगरेट की डिब्बी पड़ी है तो फिर ” खैर रूम से निकला फिर होटल के बाहर आकर एक दुकान से सिगरेट लेकर पीने लगा फिर साथ में कोल्ड ड्रिंक्स पीने की इच्छा हुई और कोल्ड ड्रिंक्स लेकर पीता हुआ सिगरेट फूंक रहा था, वक़्त सुबह के १०:२५ हो रहे थे तो कुछ पल बाहर की हवा खाकर होटल गया तो अभी होटल से चेक आउट करने में लगभग ग्यारह घंटे का समय था।
अपने रूम के डोर बेल बजाने लगा तो कुछ देर बाद मॉम दरवाजा खोल दी, मैं अंदर घुसा और दरवाजा बंद किया तो मॉम मुझे तिरछी नजरों से देख रही थी और उनके बदन से तो इत्र की खुशबू आ रही थी लेकिन मुझे तुरन्त ही उनके मुंह से बियर की सुंगध भी आईं लेकिन बिना कुछ बोले मैं अपने कमर से टॉवेल लपेट कर जींस उतारने लगा तो मॉम को ध्यान से देखा तो वो एक मैरून रंग की सेक्सी नाईटी पहने खड़ी थी, उनके बूब्स के क्षेत्र तो पारदर्शी थे और जींस खोलते हुए उनके बूब्स को देखने लगा फिर नजर थोड़ी नीची गई तो उनके दोनों जांघों के बीच का हिस्सा भी पारदर्शी था, सही में ये कोई हनीमून ड्रेस ही था तो मैं अपना टी शर्ट खोलते हुए देखा तो जांघों के बीच वो उजले रंग की पेंटी पहन रखी थी। नेहा मुझे ऐसे कपड़े पहनकर रिझा रही थी तो मेरी तो पिछले चार दिन में हाल खराब था, कई बार नेहा की चुत चुदाई किया तो कई बार गान्ड की चुदाई लेकिन इस औरत की भूख कम होने का नाम ही नहीं ले रहा था। मैं वाशरूम जाकर मुंह हाथ धोकर वापस आया तो नेहा बेड के किनारे बैठी शायद मेरा इंतजार कर रही थी। मैं वाशरूम से बाहर आया तो नेहा झट से उठकर मुझे अपनी बाहों में कसकर पकड़ ली तो मेरा हाथ उनके गोल गद्देदार गान्ड पर घूमने लगा और नेहा मेरे गर्दन से लेकर चेहरा को चूमने लगी और हड़बड़ी में मेरे टॉवेल खींचकर मुझे सिर्फ अंडरवीयर में कर दी फिर मैं मॉम के ओंठ चूमने लगा और दोनों को अब दिन का वक़्त होटल के कमरे में सेक्स करते गुजारना था, फिर रात को ट्रेन की सवारी फिर लखनऊ में छोटी बुआ के घर। नेहा मेरे तन पर से बनियान हटाने लगी तो मैं भी उसको नग्न करने लगा, उसके नाईटी का फ्रंट फेस लॉक जिसकी डोरी खोल उसे उसके खूबसूरत जिस्म से हटाने लगा तो नेहा मेरे ओंठ को मुंह में लिए चूसने लगी और उसका हाथ मेरे लंड के उभार को पकड़े हुए था, वैसे कुछ खास अकड़ लंड में नहीं था तो दोनों अब बेड के किनारे नंगे खड़े थे और नेहा के स्लिम हॉट फिगर को देखते हुए उन्हें लेकर सोफ़ा पर आ गए तो मॉम पहले से ही ड्रिंक्स लेकर मूड में थी, टेबल पर बियर की बोतल साथ ही गलास भी था तो नेहा मेरे पर ही टूट पड़ी और उनका हाथ मेरे लंड को हिलाने लगा तो मैं उनके नग्न बूब्स पुचकारता हुआ उनके चेहरा को चूमने लगा ” उह ओह आह उई मां लंड धीरे हिला ना साली
( मॉम मेरे गोद में बैठकर अपने दोनों पैर मेरे कमर से लपेट दी ) जानू ड्रिंक्स लेकर पहले से ही तू मस्त है ” वो बिना किसी हिचक के मेरे ओंठ पर जीभ फेरने लगी तो उसकी लंबी जीभ चूसता हुआ उनके गर्दन को पकड़ रखा था, साथ ही उनके भारी भरकम चूतड़ का दबाव मेरे जांघों पर था।
नेहा की जीभ चूसता हुआ उसके पीठ से चूतड़ तक को सहला रहा था तो वो अपने बूब्स मेरे छाती पर रगड़ रगड़ कर मुझे उत्तेजित कर रही थी और दोनों के बन्द जुबान से भी सेक्सी आवाजें ” उह आह ओह ” रूम को रोमांटिक बना रही थी। पल भर बाद नेहा जीभ निकालकर मेरे सामने घुटने के बल बैठ गई तो मैं अब ड्रिंक्स लेना शुरू किया और नेहा मेरे लंड को अर्ध रूप से खड़ा करके सुपाड़ा को ही मुंह में लिए चूसने लगी तो मैं उसके चूची जोर जोर से मसलने लगा और उसके बाल पर हाथ लगाए लंड को उसकी मुंह में घुसाने लगा, वो खुद लंड मुंह में भरकर मुखमैथुन करने लगी तो मैं अब बियर पीने लगा और चूची मसलता छोड़कर सिगरेट सुलगाया, सिगरेट की लंबी कश साथ ही बियर और नेहा का मुखमैथुन ” उह ओह आह और तेज चूस बे साली रण्डी उह ” लेकिन वो जल्द ही लंड मुंह से निकालकर मुझे देखते हुए अपना जीभ लंड पर फेरते हुए चाटने लगी तो मुझे अब वो कामुकता की गिरफ्त में कर चुकी थी फिर वो उठकर वाशरूम चली गई……… to be continued.

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