Erotic Stories
Free Desi Indian Hindi Sex stories, Tamil sex stories

शहर की जवान भाभी की चूदाई

⏰ 1 min read

दोस्तों, में आज आप को जो कहानी बताने जा रहा हूं वो असल जिंदगी में मेरे साथ ही घटी हैं। मेरा नाम कार्तिक है, मेरी उम्र 22 साल है मेरे लन्ड की लंबाई 6 इंच है, जिससे में बहुत सी लड़कियों को संतुष्ट कर चुका हूं।
में अन्तर्वासना की कहानियां काफी सालों से पढ़ रहा हूं। तो सोचा आपके साथ अपनी कहानी सांझा करूं।
तो ये आज से दो साल पहले की बात है, में अपने परिवार के साथ गांव में रहता था और जब मेने 12 कक्षा पास की तो आगे पढ़ने के लिए शहर जाना पड़ा।
में शहर में मेरे चाचा जी के यहां रुका। चाचा जी के परिवार में चाचा, चाची और उनकी दो बेटियां थी, कुछ दिनों तक वहां सब अच्छा चल रहा था की एक दिन मेरी नजर पड़ोस में रहने वाली एक भाभी पर गई जो ऊपर से नीचे तक किसी अप्सरा की तरह लग रही थी, उस भाभी को देखकर मेरा उसे चोदने का मन किया, पर अभी सिर्फ उसे देखकर ही काम चला सकता था।
एक दिन चाची ने मुझे मोहल्ले की दुकान से कुछ सामान लेने भेजा, जब में दुकान पर गया को वहां वो भाभी भी आई हुई थी जिसे देखकर में दंग रह गया। भाभी के बड़े बड़े बूब्स से मेरी तो नजर ही नहीं हट रही थी।
तभी मैने भाभी को नमस्ते कहा और उन्हें बताया में उनके पड़ोस में ही रहता हूं, भाभी ने भी अपना सलोनी बताया फिर वो सामान लेकर चली गई और में पीछे से उनकी गांड़ देखने लगा।
भाभी के घर में उनका पति और सास – ससुर ही थे। भाभी की सास ओर मेरी चाची रोज शाम को बैठकर बारे किया करते थे तो में भी चाची के साथ चला जाया करता था, जिससे मेरी भी भाभी से अच्छी जान पहचान हो गई।
एक दिन भाभी के घर पर कोई नही था और उन्हें बाजार से कुछ सामान मंगवाना था तो उन्होंने मुझे बुलाया। में जैसे ही गया मेरा पूरा ध्यान उनकी चूचियों पर था उन्होंने ऐसा करते हुए मुझे देख लिया पर कुछ नही बोला। तो में उनसे पैसे लेकर गया और बाजार से सामान लेकर वापस आ गया तो मेने भाभी को आवाज़ लगाई पर भाभी ने जवाब नही दिया। तो में सीधा अंदर चला गया, जहां मेने देखा की भाभी की सिसकारी भरी आवाजे बाथरूम से आ रही थी।
मेने एक दम से बाथरूम का दरवाजा खोला तो मेरे सामने भाभी पूरी नंगी खड़ी हुई थी। ये नजारा देखकर में दंग सा वहीं खड़ा रह गया भाभी का वो गौरा गीला बदन और साथ ही बड़े बड़े बूब्स देखकर मेरी आंखे खुली की खुली रह गई। भाभी नहाती हुई अपनी चूत में उंगलियां कर रही थी और मुझे देखकर वो रुक गई। में बस उन्हें देखता ही जा रहा था, जैसे ही भाभी ने अपने हाथों से अपना बदन ढका में होश में आया और बाथरूम का दरवाजा बंद कर भाभी से माफी मांग कर वहा से भाग कर अपने घर पहुंच गया।
मुझे डर था कहीं ये सब भाभी मेरी चाची को न बता दे तो कुछ दिनों तक में भाभी के यहां नहीं गया। कुछ दिनों बाद सलोनी भाभी के सास ससुर तीर्थ यात्रा के लिए निकल गए। तो भाभी हमारे घर आई और मेरी चाची से काम का बहाना बनाकर मुझे अपने घर ले गई।
भाभी ने कहा मुझे अलमारी के ऊपर से वो बक्सा उतारना है तो तुम ये स्टूल पकड़कर खड़े रहो और में चढ़कर उतार लेती हूं। तो में स्टूल पकड़कर खड़ा हो गया तभी जेसे ही भाभी बक्सा उतारने के लिए ऊपर हुई हवा से उनका घाघरा उड़ने लगा और मेने देखा भाभी ने अपनी पेंटी नहीं पहनी हुई है और उनकी चूत मुझे साफ दिखाई दे रही थी। ये देखकर मेरा लोड़ा मेरे पजामें में सीधा खड़ा हो गया जिसे छुपाने के चक्कर में स्टूल हिल गया और भाभी एक दम से मेरे ऊपर आ गई वह सीधी मेरे ऊपर गिरी जिससे मेरा चेहरा भाभी की चुचियों। में समा गया और मेरा खड़ा हुआ लौड़ा साड़ी के ऊपर से ही भाभी की चूत में घुसने की कोशिश करने लगा।
भाभी ने जैसे ही खड़े होने की कोशिश की मेने उन्हें गांड़ से पकड़ कर खींचा जिससे वो फिर से मेरे ऊपर गिर गई। और अब में पलट गया और भाभी के ऊपर आ गया और उनके दोनो हाथ पकड़कर लंबे कर दिए और सीधा भाभी के होठ चूसने लगा। भाभी मेरा साथ नही दे रही थी उन्होंने मुझे एक धक्का देखकर पीछे हटाया और मुझसे कहने लगी ये सब सही नही है तुम गलत कर रहे हो।
पर मेरे पूरे शरीर में हवस की आग जल रही थी मैने फिर से भाभी को पकड़कर नीचे किया और उनके ब्लाउज का बटन खोल दिया जिससे उनके तने हुए बूब्स मेरे सामने आ गए में अब भी भाभी के होठ चूस रहा था साथ ही उनकी चूत को साड़ी के ऊपर से सहला रहा था जिससे अब वो भी मेरा साथ देने लगी। और मेरे पजामे के अंदर हाथ डाल कर मेरे लोड़े को सहलाने लगी।
फिर भाभी ने मुझे रोका और कहा – मेरे कमरे में चलो बिस्तर पर।
मेने कहा – चलिए भाभी जी। और उनके खड़े होते ही उनकी मोटी गांड़ पर एक चांटा मारा।
जैसे ही हम कमरे में पहुंचे मेने भाभी को धक्का देकर बेड पर गिरा दिया। और ऐसे ही खड़े होकर भाभी को देखने लगा भाभी के वो बड़े बड़े बूब्स, देखकर उन्हें खा जाने का मन कर रहा था।
भाभी ने मुझे प्यार से बुलाया और कहा – मेरे राजा बस देखते ही रहोगे या कुछ करोगे भी
मेने भी कह दिया – भाभी आज तो में तुम्हे पूरी रण्डी बनाकर चोदूंगा।
और सीधा भाभी के ऊपर जाकर उनके होठ चूसने लगा भाभी भी मद मस्त होने लगी। अब मेने देरी ना करते हुए भाभी का ब्लाउज कर एक तरफ फेंक दिया और उनके बूब्स को चूसने की मेरी मनोकामना पूर्ण की। में एक हाथ से भाभी के बूब्स चूस रहा था तो उसने हाथ से उनकी चूत सहला रहा था। अब मेने भाभी से अपनी पूरी साड़ी खोलने को बोला और साथ ही मेने अपने भी पूरे कपड़े उतार दिए।
अब भाभी मेरे सामने पूरी नंगी थी और मुझे ये सब सबने जैसा लग रहा था। मेने भाभी को पकड़कर अपनी ओर खींचा और हम एक दूसरे एक होठों में होठ मिलाकर एक दूसरे को चूस रहे थे। वही मेरा लोड़ा भाभी की चूत में घुसने की कोशिश कर रहा था।
अब भाभी बेड पर लेट गई – मेरे राजा मेरी चूत में बहुत खुजली हो रही है। आ आके चूस ले और सारी खुजली मिटा दे।
मेने कहा – साली राण्ड आज में तेरी सारी खुजली मिटा दूंगा। और भाभी की चूत पर जीभ रखकर अच्छे से चाटने लगा। भाभी भी अपने मुंह से सिसकारियां निकालने लगी और मेरे सिर को अपनी जांघों के बीच दबाने लगी। कुछ देर में भाभी ने अपना पानी मेरे मुंह में छोड़ दिया।
अब मेने भाभी से बोला – आजा साली राण्ड मेरे इस लोड़े को चूस के अच्छे से चमका दे। ये कहते ही भाभी ने मेरा लोड़ा पकड़कर हिलाते हुए अपने मुंह में भर लिया तो मेने भी भाभी के सिर को पकड़कर उनके मुंह में धक्के देना चालू कर दिया। और थोड़ी देर में जैसे ही मेरा माल़ निकलने वाला था मेने सारा माल भाभी के मुंह में ही छोड़ दिया और भाभी मेरा पूरा माल गटक गई।
अब मेने भाभी को खड़ा किया और उनके बूब्स चूसने लगा। और भाभी की चूत में उंगली करने लगा फिर भाभी ने तरसते हुए मुझसे कहा – अब रहा नही जाता अपना लोड़ा डाल दो मेरी इस मखमल जैसी चूत में।
मेने भाभी को घोड़ी बनाया और अपने लोड़े पे और भाभी की चूत पर थूक लगाया और एक दम से अपना लोड़ा भाभी की चूत में पेल दिया। जिससे भाभी की चीखे निकल आई। और भाभी बोली – अरे मादर चोद धीरे कर मेरी चूत फाड़ दी तूने तो आ.. आ.. आ. ससस..
पूरे कमरे में लोड़े के ओर चूत के मिलने की पच पच की आवाजें गूंज रही थी और भाभी अपने मुंह से जोर जोर से सिसकारियां भर रही थी अब मेने अपना लोड़ा भाभी की चूत से निकाला और लेटकर भाभी को अपने ऊपर आने को कहा भाभी मेरे लोड़े पर बैठ गई और किसी अनुभवी रण्डी की तरह मेरे लोड़े पर तेजी से उचकने लगी और अपने मुंह से आह.. आह.. की आवाजे निकाल रही थी। अब तक भाभी 4-5 बार झड़ चुकी थी। अब भाभी जैसे ही थकी मेने उनकी कमर पकड़ कर तेजी से चूत में धक्के मारे शुरू कर दिया और भाभी का शरीर अकड़ने लगा और उन्होंने मुझे कसकर पकड़ लिया अब ने भी झड़ने वाला था।
मेने भाभी से कहा – भाभी मेरा माल निकलने वाला है तेरी चूत में ही भर दूं सारा माल।
भाभी बोली – हां मेरे राजा तेरा सारा माल मेरी चूत ही पिएगी।
ऐसा कहते ही में भाभी की चूत में ही झड़ गया और मेने अपना लोड़ा भाभी की चूत से बाहर निकाला जिसे भाभी ने चाट कर साथ किया।
भाभी और मेने एक दूसरे की आंखों में देखा, जल्दी से कपड़े पहने और भाभी अपने काम में लग गई और में घर आ गया।
ऐसे ही अब जब भी भाभी के घर पर कोई नही होता हम खूब चुदाई का आनंद उठाते है।
तो ये थी मेरी कहानी
पहली बार मेने आपसे मेरी कहानी सांझा की है तो दोस्तों मेरा आपसे निवेदन है की आपको यह कहानी कैसी लगी हमे मेल करके अवश्य बताएं।
मेरी email id – [email protected] हैं।
आपके मेल का इंतजार रहेगा।

This content appeared first on new sex story .com

Also Read: Gf Ki Behan Bani Ghodi

This story शहर की जवान भाभी की चूदाई appeared first on erosstories.com