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रेणु का देवर संग रोमांस

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हेल्लो दोस्तों
मैं रेणु वर्मा, उम्र २५ वर्ष तो कद ५’४ इंच, बूब्स बड़े बड़े और मेरे जिस्म थोड़े मांसल साथ ही गोल गुंबदाकार नितंब, लालिमा लिए चूत जिसकी दोनों फांकें मोटी लेकिन चूत फैली हुई आखिर शादीशुदा महिला हूं और दो साल की बेटी भी है तो पति सरकारी दफ्तर में क्लर्क। मैं अपने ससुराल पति के साथ आई और वहां मेरी सासू मां साथ में कुंवारी ननद और देवर जी रहते हैं, अब तो मेरे पति की रुचि भी मुझमें कम हो गई तो मेरी काम इच्छा हमेशा प्रज्वलित होती रही, उन्हें चार साल में मैं यदि बिस्तर पर फीकी लगने लगी तो मुझे भी गैरों के संग हमबिस्तर होकर नया स्वाद लेना था और फिर ससुराल पहुंचकर मैं अपने लिए एक बेड पार्टनर चुन ली, वो मेरा देवर मोंटी था जोकि मेरे उम्र का होगा साथ ही देखने में सुंदर तो कसरती बदन लेकिन अभी तो सिर्फ उसके साथ सेक्स की कल्पना कर रही थी बाकी तो पति के जाने के बाद ही ये संभव था। दो दिन बाद मेरे पति नौकरी करने चले गए तो मुझे हफ्ता दस दिन यहां रुकना था, मेरा ससुराल शहर से ३-४ किलोमीटर दूरी पर है जहां की ससुर जी ने बड़ा सा मकान बनवाया है और उसके ग्राउंड फ्लोर पर ही मैं एक रूम में थी तो मेरे बगल के रूम में मेरी ननद रहती थी और देवर मोंटी ऊपर के मंजिल पर रहते थे, शाम का वक्त था जब मेरी सासु मां और ननद बरामदे पर बैठी हुई थी और मेरी बेटी भी उनकी गोद में थी, मैं किचन जाकर चाय बनाने लगी फिर एक ट्रे में तीन प्याला चाय लेकर आई और सासु मां साथ ही ननद को चाय का प्याला दी फिर खुद बैठकर चाय पीने लगी, इतने में देवर जी छत पर से उतरे और मेरे पास की कुर्सी पर बैठ गए ” क्या भाभी मुझे चाय नहीं मिलेगी
( मैं उन्हें बोली ) क्यों नहीं, चाय पीकर बनाती हूं वैसे आप इतना तैयार होकर किधर चले
( मोंटी बोला ) मार्केट की ओर अपने दोस्तों से मिलने जुलने क्यों कोई काम है ” मैं चाय पीकर उठी फिर किचन जाकर चाय बनाने लगी और वापस चाय लेकर आई तो वहां सिर्फ देवर जी बैठे हुए थे, मैं उनके सामने जाकर चाय का प्याला देने के लिए झुकी और मेरे साड़ी की पल्लू सीने से नीचे खिसक गई तो मेरी बड़ी बड़ी चूचियां उनके नग्न आंखों के सामने ब्लाउज से निकलने को तैयार थी और मैं उन्हें पल भर के लिए बूब्स का नजारा देखने दी फिर झट से साड़ी को सीने पर रख बैठ गई तो मोंटी किसी गिद्ध दृष्टि से मेरी चूचियां को देखा और अब चाय की चुस्की लेता हुआ मेरे वक्षस्थल की ओर देख रहा था तो मैं बोली ” मोंटी जी मुझे मार्केट से कुछ सामान चाहिए
( वो मुस्कुराता हुआ पूछा ) हां भाभी बोलिए तो सही
( मैं बोली ) आपके व्हाट्सएप पर सामान का मेसेज मिल जाएगा ” और उसके सामने से कमर मटकाते हुए अपने रूम चली गई, मोंटी मेरे इशारे को समझ चुका था तो मुझे भी उसके साथ मजा लेना था और फिर मैं तो ननद के साथ रात का खाना बनाने में लग गई तो दिमाग से मेसेज भेजना है ये निकल गया, तकरीबन शाम के ०७:०० बजे होंगे जब मैं अपने रूम गई और मोबाइल उठाई तो देखी की दो मिस कॉल उसमें है और मैं झट से मोंटी को मेसेज भेजी ” मुझे ३६ डी साईज की ब्रा चाहिए, पैंटी २८ नंबर की और साथ में हेयर रिमूवर क्रीम ” , ये मेसेज उसको एक तरह से प्रोपोज करने का तरीका था और फिर रात ०८:१५ बजे मोंटी घर घुसा लेकिन सीधे ऊपरी मंजिल पर चला गया तो मैं तभी बेटी को खाना खिला रही थी और रात ०९:३० बजे सभी लोग साथ में खाना खाए फिर मैं अपने बेडरूम आ गई तो कुछ देर बाद मोंटी मेरे रूम आया और मैं सिर्फ दरवाजा सटाए अपना कपड़ा बदल रही थी, साड़ी सहित ब्लाउज उतार कर अब नाईटी हाथ में उठाई थी की मोंटी अंदर आया और मैं झट से नाईटी पहन तन को ढक ली ” हां मोंटी बोलो
( मोंटी बोला ) वो आपका सामान सब लाया हूं
( मैं उसे देखी ) ठीक है तो किधर है सामान और कितना खर्च हुआ
( मोंटी हंस दिया ) सामान मेरे रूम में है और खर्च का क्या भाभी आप भी अपनी होकर गैरों जैसी
( मैं बोली ) ठीक है एक घंटे बाद सामान लेकर आ जाना ” और मैं बेड पर लेट गई।
रात के ११:०० बजे होंगे और मेरी आंखें बन्द हो चुकी थी तभी मुझे किसी के स्पर्श का एहसास हुआ और फिर अचानक से उठ बैठी तो मोंटी मेरे जांघों को सहला रहा था, मैं उसके हाथ पकड़ ली ” अरे ये क्या कर रहे थे मोंटी कुछ समझ भी है
( मोंटी हाथ हटाया और फिर पोलीबेग मुझे दिया जिससे मैं ब्रा और पेंटी निकाली ) वाह तेरी पसंद तो बहुत अच्छी है मोंटी ” और मैं उसके सामने ही ब्रा और पेंटी देखने लगी फिर उसे रखकर उसके करीब खिसकी, मेरा हाथ उसके गाल सहलाने लगा तो मोंटी थोड़ा असमंजस में था लेकिन ज्योंहि मेरे रसीले ओंठ उसके गाल चूमने लगे, वो धैर्य खो बैठा और मुझसे लिपटकर मुझे चूमने लगा। दोनों बेड पर बैठे हुए थे तो मोंटी मेरे गाल चूमते हुए चूची को पकड़ दबाने लगा और मैं बेझझिक अपनी नाईटी उतार नंगी हो गई तो मोंटी मेरे खूबसूरत नग्न जिस्म को देखता हुआ ओंठ को मुंह में लिया और चूसने लगा, मेरा हाथ उसके पैजामा के ऊपर से ही लन्ड के उभार को पकड़ दबाने लगा तो मोंटी झट से अपने आपको नंगा कर मुझे बेड पर धकेल दिया और मैं जांघ पर जांघ चढ़ाए लेटी हुई थी तो नाईट बल्ब की रोशनी में देवर जी मेरे ऊपर सवार हुए फिर मेरे चेहरे को चूमते हुए ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन देने लगे, रेणु तुरंत ही उसके मुंह में जीभ घुसाई फिर वो जीभ चूसते हुए मेरे एक बूब्स को पकड़ दबाने लगा तो मैं उसके गर्दन में हाथ डाले जीभ चुसवाने में मस्त थी, मेरी आंखें बंद हो चुकी थी तो बदन कामुकता के गिरफ्त में था और फिर मोंटी मेरे जीभ मुंह से निकाल मेरे छाती पर चेहरा किया तो मैं उसके बाल सहलाने लगी।
मैं नंगे लेटी हुई थी तो मेरे चुचियों को पकड़ मोंटी दबाने लगा फिर बाईं चूची मुंह में लिए चूसना शुरु किया तो दाहिने चूची को पकड़ दबाए जा रहा था, मेरी चूत में अब थोड़ी बहुत खुजली होने लगी और मैं उसके पीठ सहलाते हुए आहे भर रही थी ” आह उह ओह चूस मोंटी अब तो दूध भी नहीं निकलता बस चूची चूस चूसकर मुझे गर्म कर दे
( वो चूची मुंह से निकाला तो उसका निप्पल टाईट हो चुका था और फिर दूसरे चूची मुंह में लिया ) लगता है मेरे देवर जी को काम क्रिया का अनुभव है आह दांत मत लगा साले ” और वो मेरी चूची के अगले हिस्से को मुंह में लेकर चूसने में मस्त था तो उसका लन्ड मैं पकड़कर सहलाने लगी, जीवन में पहली बार गैर मर्द के साथ हमबिस्तर हो रही थी तो अब मेरी चूची चूसता हुआ मोंटी उसको गर्म कर चुका था ” आह आआआह ओह निकाल दो मोंटी ” फिर वो चूची मुंह से निकाल मेरे जिस्म पर से उतर गया, आगे बहुत कुछ हुआ, इंतजार कीजिए।

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