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रितु की चूदाई पाट 7

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और फिर जब मैं जंगा तो रितु सो रही थी तो मैंने रितु को बाहों में भर लिया और किस करने लगा। फिर रितु के गर्दन पर और बूब्स पर किस करने लगा और रितु के बूब्स को दबाने लगा। तो रितु जग गई और मुझे देखकर मुस्कराने लगी तो मैं बूब्स को और तेज तेज दबा लगें तो रितु मेरे पीठ को सहलाने लगी। तो मैं क्ष किसी बच्चे की तरह रितु की बूब्स मुंह में लेकर दुध पीने लगा। और अपने दांत से रितु के बूब्स पर और निप्पल पर काटते तो रितु
“आआआअह्हह्हह….. ईईईईईईई…. ओह्ह्ह्हह्ह…. अई.
अई.. अई….. अई.. मम्मी….” आवाज निकाल कर चिल्ला रही थी।
और मैं बारी बारी दोनों बूब्स को चूसते और काटते तो रितु चिल्लाने लगती। फिर रितु मेरे लंड को सहलाने लगी और बोली हाय विक्रम आज तो और ज्यादा मोटा हो गया है तुम्हारा लंड। कल से 2 गुना मोटा लंड आज हो गया है रितु बोली विक्रम आज मेरी चूत फट जायेगी और हंसते हुए मेरे लंड को जल्दी जल्दी सहलाने लगी। और रितु की बूब्स चुसने में लगा रहा मैं रितु कि बायीं बूब्स को किसी आम की तरह चूसा फिर दाई बूब्स को मुंह में ले लिए और चूसने लगे। तब रितु की चूत से माल निकलने लगा। तो रितु मेरे नंगे पीठ को जल्दी जल्दी सहला रही थी। जिससे मेरा जोश और बढ़े और रितु की चुदाई शुरू करूं और चोद चोद कर चुत फाड़ डाले। और मैं रितु की बूब्स एक बेरहम की तरह मसल रहा था चूस रहे थे और साथ में काट रहे थे। और रितु मेरे सिर को अपने बूब्स पर तरह दबा रही थी जिससे पुरा बूब्स मेरे मुंह में घुसाना चाहतीं थीं। पता नहीं रितु आज ऐश क्यों कर रही थी।
और निचे देखे तो रितु की झड़ गई थी और सारा सफ़ेद माल चुत से बाहर निकल आया था। तो मैंने रितु रितु की दोनों टांगों को खोल दिया और चूत को चाटने लगे। तो रितु…… मम्मी… मम्मी….. सी सी सी सी.. हा हा हा….. ऊऊऊ…. ऊँ.
ऊँ… ऊँ… उनहूँ उनहूँ..” की आवाजे निकालने लगी।

और मैं रितु की रसीली चूत का सारा माल पी रहा था। और रितु की चूत को अच्छे चाट रहे थे। फिर मैंने रितु कि चूत के पंखुड़ियों को अपने होंठों से दबा कर जल्दी जल्दी घिच कर चूसने लगा तो रितु तड़पने लगी और छटपटाते लग।
और रितु बोलने लगी चाट और चाट मेरी चूत को! और अच्छे से पी मेरी चूत! फिर फिर मैं औरजल्दी जल्दी चुत चाटने लगे और पंखुड़ियों को चुसने लगे और जब रितु की पंखुड़ियों को दांत से दबाते थे तो रितु अपनी कमर और गांड हवा में उठा ले रही थी और बेकाबू हो जा रही थी। और मैं किसी चुदासे कुत्ते की तरह चूत जल्दी जल्दी पी रहे थे कभी चाटते तो कभी काटते। इस सब के कारण रितु पागल हो रही थी। बड़ी देर तक येसा ही चला। फिर मैंने अपना लंड रितु की चूत में डाल दिए और जल्दी जल्दी चोदने लगे। तो रितु खुद को मेरे हवाले कर दि। और मैं रितु की रसीली चूत में ताबड़तोड़ धक्के मार कर चोदने लगे। और रितु हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ…. ऊँ—ऊँ… ऊँ सी सी सी सी… विक्रम चोदो चोदो…. आज मेरी चूत फाड़ फाड़कर भडता बना डालो जाननननन….”। फिर मैं जोस में आकर रितु की चूत को और जादा लंबे लंबे और तेज़ चोदने लगे। और मैं रितु की चूत को चोद कर फाड़ने में लगे रहे। और रितु की चूत को चबूतरा कर दिए थे तो रितु को भी मजा आ रहा था। फिर मैंने रितु के कंधों को पकड़ लिया और मैं रितु के उपर झुक गया। उसके बाद मैंने रितु को 30 मिनट तक किसी सेक्सी रंडी की तरह चोदा। और रितु “…. आआआआअह्हह्हह… अई….. अई…. ईईईईईईई मर गयी… मर गयी…. मर
गयी…. रितु आज बहुत चिल्ला रही थी। फिर मैं कुछ देर और चोदने के बाद मैं रितु की चूत में ही झड गया। इस चुदाई में हम दोनों के पसीने छूट गये थे। फिर मैं रितु के उपर गिर गया। तो रितु मुझे किस करने लगे। बड़ी देर तक रितु मेरे होंठों को चूसी।
फिर रितु बोली विक्रम आज तो तुमने मेरी चूत फाड़ दी और इसका चबूतरा बना डाला!!” मैंने कहा रितु जी! मैं जिस औरत को अपने लंड से चोदता हूँ वो मेरी इसी तरह तारीफ करती है!
फिर रितु बिस्तर से नीचे उतर गई और फर्श पर खड़ी हो गयी। तो मैं भी नीचे उतर गया। और रितु की गोल मटोल गांड़ को सहलाने लगे। और रितु के गांड़ पर कस-कस के चाटे मारने लगे। तो रितु की गांड़ बहुत जल्दी लाल हो गई और मेरा हाथ रितु के गांड़ पर छप गया था।
और रितु रम शराब लेने के लिए किसी देसी रंडी की तरह अपनी गांड़ मटकाते हुए गयी और रितु रम ग्लास में लेकर अंदर कमरे में आ गयी। और रितु अपनी हाथ से मुझे रम पिलाने लगी और थोड़ी रम रितु पी ली। फिर हम दोनों किस करने लगे। फिर मैं सीधा लेट गया और रितु प्लीस मेरा लंड चूसो!
रितु बोली विक्रम आज तुम्हारा लंड ज्यादा बड़ा और फुल कर मोटा हो गया है तुम्हारा लंड किसी गधे के लंड मोटा और लम्बा हो गया है। और रितु मुस्कराते हुए मेरे लंड को हाथ में पकडी और लंड को हाथ में लेकर हिलाने लगी और जल्दी जल्दी अपने हाथ को उपर नीचे करने लगी। और रितु मुझे मेरे चेहरे के तरफ़ देख कर हंसने लगी।
मैंने पुछा क्या हुआ हंस क्यों रही हो रितु जी तो रितु बोली

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विक्रम तुम अपने लंड से आज फिर मुझे चोदेंगे तो मुझे ज्यादा मजा आएगा। ये बोलकर रितु मेरे लंड को मुंह में ले लिया और किसी लोपीपॉप की तरह चूसने लगी। कुछ देर बाद मुझे भी मजा आने लगा। आज रितु किसी रंडी की तरह मेरे लंड को चूस रही थी। रितु मेरे लंड पर जल्दी जल्दी अपनी सिर हिला कर लंड मुंह में लेकर चूस रही थी मुझे बहुत मजा आ रहा था। फिर रितु मेरे लंड को मंजन करते समय साइड में करते हैं वैसा ही करने लगी और रितु मेरे लंड को गले के आखरी छोर तक मुंह में लेकर चूस रही थी। और मैं…… आआआआअह्हह्हह…..
हा हा हा.. ओ हो हो…..” कर रहा था।
मुझे रितु जैसी खूबसूरत औरत के रसीले होठ से लंड चुस्वाने का सौभाग्य मुझे मिला था। ये बहुत ही बड़ी बात थी। फिर रितु अपने मुंह से मेरा लंड़ निकाल दी। और रितु मेरे लंड के साथ खेलने लगी। और रितु मेरे लंड को अपने चेहरे के चारों तरफ घुमाने लगी। मेरा लंड रितु के चेहरे के जितना लम्बा था। फिर मैंने अपने मोटे लंड़ से रितु के चेहरे और गाल पर मारने लगा। तो 2 जगह लंड का निशान छप गया और मैंने रितु को नहीं बताया और लंड से रितु के चेहरे पर मारना छोड़ दिया और रितु मेरे गोलियों को चूसने लगी। आज तो रितु किसी रंडी छिनाल की तरह बर्ताव कर रही थी। रितु 30 मिनट तक चुसी फिर मैंने रितु को कुतिया बना दिया और जोर जोर से रितु की चूत में ऊँगली करने लगा और जल्दी जल्दी मेरी चूत ऊंगली डालने लगा। और रितु “… उई.. उई.. उई…. माँ… माँ…. ओह्ह्ह्ह माँ…. अहह्ह्ह्हह..” चिल्ला रही थी।
और मैं रितु को कुतिया बनकर चूत में ऊँगली डाल रहे थे और फिर मैं रितु को चोदने लगा और लगातार 50 मिनट कि चुदाई के बाद दोनों झड़ गए और एक दुसरे को पकड़े रहे फिर रितु उठी तो देखी उसकी चूत फट गई है तो रितु बहुत खुश हुई। और शामने लगे आईने में देखी तो रितु के चेहरे पर दो लंड के छाप थे जिसे देखकर गुस्सा हो गई फिर मैं अपने कपड़े पहने और दिल्ली आ गया क्योंकि सब आने वाले थे अभी भी रितु मुझे फोन करती है और चूदाई कि बात करती है और बोलती है जब भी मोका मिलेगा तुम्हें बुला लुंगी। तुम्हारे लंड के लिए मेरी चूत तड़पती रहती है

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