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रानी की जवानी : भाग १०

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हेल्लो दोस्तों
रानी की शादीशुदा जिंदगी में चार चांद लग गया जब मेरे पति राकेश ने ही मुझे अपने दोस्त के साथ सेक्स करने को कहा, यकीनन चंदन हो या कोई और, उम्र में छोटा हो या बड़ा गैरों के संग मस्ती करना अच्छा लग रहा था साथ ही एक आदत सी बन गई थी। मेरे हब्बी बाहर गए हुए थे तो लैंड लॉर्ड आलोक मेरे से मिलने आए और फिर दोनो एक दूसरे से जिस्मानी ताल्लुकात बनाकर फिलहाल तृप्त हो गए, मेरी उम्र २४ साल तो गोरा रंग, छरहरा बदन साथ ही लंबाई ५ फीट ५ इंच तो चौड़ी छाती और गोल गद्देदार गांड़, मेरे जिस्म पर नजर डालकर कोई बिना मूठ मारे नही रह सकता था। मैं आलोक के साथ हमबिस्तर होकर अपने आपको उसके सामने परोस चुकी थी लेकिन रात ९:३० बजे उसके जाते ही मुझे फिर से सेक्स करने की इच्छा हुई लेकिन उसे अभी बुलाना मुस्किल था इसलिए रात तन्हा ही गुजारी और फिर अगले सुबह कामवाली के आते ही फ्रेश हुई और एक प्याला चाय पीकर बालकनी में जा बैठी, हाथ में अखबार लिए उसे पढ़ भी रही थी साथ ही सड़क की ओर भी ध्यान था, तभी मेरी मोबाइल बजने लगी और फिर मोबाइल लेने डाइनिंग हॉल गई, राकेश का कॉल था तो मैं कॉल रिशिभ की ” हां जी बोलिए
( वो ) तुम कैसी हो
( मैं ) बस अकेली तन्हा और आप
( राकेश बोला ) काम में व्यस्त, कल शाम तो आ ही जाऊंगा ” और फिर मैं अपने रूम गई तो व्हिस्की की बोतल में थोड़ी सी थी उसे ग्लास में लिए फिर सोडा मिलाकर पीने लगी तो कामवाली झाड़ू लगाने में लगी हुई थी, बालकनी आई और पूछी ” क्यों मैडम अकेले बोर हो रही हैं
( मैं उसे देखते हुए बोली ) हां तो क्या बोरियत दूर करने का कोई उपाय है
( वो मुस्कुराई ) है लेकिन आप खुद ही समझदार हैं ” फिर मैं दो पैक लगाकर मस्त हो गई और वाशरूम स्नान करने चली गई, अपने बदन को नंगा कर झरने के नीचे बैठ गई फिर बदन भींगते ही बॉडी वाश लगाई, अपने बूब्स से लेकर बुर तक साथ ही चिकने जांघो से लेकर चूतड तक पर बॉडी वाश लगाई और फिर झरना के नीचे बैठकर स्नान करने लगी, स्नान करके बाथ टॉवेल से बदन पोंछी और छाती से बांधकर रूम में आई। रानी अब आईने के सामने खड़ी हुई फिर टॉवेल हटाकर अपने नग्न खूबसूरत जिस्म को देखने लगी, तभी कामवाली रूम में घुसी और मैं झट से टॉवेल लपेट पीछे मुड़ी ” क्या रुकसाना तुमको भी मुझे नंगा देखने का शौक है
( वो झेंप गई तो मैं टॉवेल हटाकर बोली ) देख मेरी जवानी मेरे नसीब में पति का सुख कम है और तन्हाई ज्यादा
( रुकसाना हंस दी ) क्या मैडम आप भी ना, पड़ोस की विनीता मेडन को देखिए, पति घर से बाहर तो उनका आशिक घर के अंदर ” तो मैं वार्डरोब से कपड़े निकाल पहनने लगी, ब्लू रंग की टॉप्स और मिनी स्कर्ट पहन बोली ” आशिक तो है नही लेकिन तेरे सलाह पर विचार करूंगी ” और फिर डाइनिंग हॉल में बैठकर मैं चंदन को कॉल लगाई तो वो कॉल रिशीभ किया ” हां भाभी बोलिए
( मैं हंस दी ) अबे भाभी के बच्चे तू तो मुझे भूल ही गया है, महीने से अधीक हो गई मुलाकात हुए
( वो बोला ) ओके भाभी, घंटे भर में कुछ काम निपटा कर आ रहा हूं ” तो मैं भी सोची की चलो तब तक हल्का फुल्का नाश्ता कर लिया जाए और फिर ब्रेड आमलेट बाई से बनवाई फिर बैठकर खाने लगी, बाई काम निपटा कर चली गई तो मैं दरवाजा बंद कर नाश्ता की फिर बेड पर आराम करने लगी, अभी तो सुबह के १०:०० ही बजे थे तो चंदन को मैने क्यों बुलाया था ये उसे पता था।
तकरीबन १०:५० बजे डोर बेल बजने लगा तो मैं उठकर दरवाजा खोलने गई, चंदन एक हैंड बैग लिए खड़ा था तो मैं उसे अंदर आने को बोली फिर दरवाजा बंद कर दी और चंदन बैग रखकर डाइनिंग हॉल से अटैच्ड वाशरूम चला गया, कुछ देर बाद वो मेरे सामने सोफा पर बैठा हुआ था तो मैं टांग पर टांग चढ़ाए बैठी थी और वो मेरे मोटे चिकने जांघो को देखता हुआ पूछा ” राकेश कहीं बाहर गया है क्या
( मैं तो मिनी स्कर्ट पहन अपने नंगे पैर सहित जांघो को दिखा रही थी ) हां कल शाम लौटेगा ” और वो अपने बैग से एक व्हिस्की की बोतल निकाल टेबल पर रखा फिर मैं उठकर रेफ्रिजरेटर से कोल्ड ड्रिंक्स निकाली और दो ग्लास किचन से लेकर आई, चंदन तब तक अपने पेंट और शर्ट उतार चुका था तो मैं उसे चढ्ढी और बनियान में देख बोली ” उतनी भी गर्मी नही है देवर जी
( मैं टेबल पर ग्लास रखने लगी तो वो मेरे चूची को तपाक से पकड़ दबा दिया ) ओह आउच ” और फिर मैं खुद चंदन के बगल में बैठकर पैक बनाने लगी, वो मेरे कंधे में हाथ डालकर बाहों को सहलाने लगा और मेरे एक बूब्स को दबाते हुए गाल चूमने लगा ” इतनी जल्दबाजी क्यों, अभी तुम्हारे पास काफी समय है ” और फिर दोनों व्हिस्की पीने लगे तो उसका एक हाथ मेरे चूची पर था तो मेरा हाथ उसके लन्ड के उभार को सहलाने लगा, एक पैक लगाकर मैं उसके जांघ पर चूतड रख बैठ गई और फिर उसके गले में बाहों का हार डालकर उसके गाल चूमने लगी तो चंदन मेरे पीठ सहलाता हुआ ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन देने लगा और मेरी तो बाईं चूची उसके छाती से दब रही थी साथ ही चूतड उसके जांघ पर रख एक अनोखा एहसास पा रही थी, तभी चंदन मेरे रसीले ओंठ मुंह में लिए चूसने लगा और रानी तो इसके साथ सेक्स का मजा पहले ही लेकर इसके मर्दानगी को भांप चुकी थी और फिर मैं उसके मुंह से ओंठ निकाल दी तो चंदन मुझे जांघ पर से उतारकर सामने खड़ा हो गया और समझदार औरत की तरह मैं उसके चढ्ढी को नीचे कर लन्ड पकड़ी, उसे सहलाते हुए मस्त थी तो चंदन मेरे सामने अर्ध नग्न खड़ा था।
रानी अब उसके सामने खड़ी हुई फिर उसके बनियान को उतार पूर्णत नग्न कर दी फिर उसके छाती को सहलाते हुए मस्त थी की वो मेरे टॉप्स को गले से बाहर कर दिया और मेरे नग्न बूब्स को पकड़ दबाने लगा, मैं उसके ओंठ पर जीभ घुमाने लगी और वो मेरे जीभ मुंह में लिए चूसने लगा साथ ही मेरे स्कर्ट को नीचे खिसकाने लगा और मैं तो खुद ही नंगी होने को आतुर थी, झट से स्कर्ट नीचे कर दी और उससे चिपके हुए जीभ चुसवाने लगी। मेरे चूतड पर हाथ फेरता हुआ पेंटी की डोरी को खोल दिया और फिर दो नग्न बदन चिपके हुए मस्ती कर रहे थे उसका लन्ड मेरे जांघो के बीच था कारण की मैं अपने एड़ी को थोड़ा ऊपर कर रखी थी, उसके मुंह में जीभ घुसाए उसके सीने से बूब्स रगड़ते हुए मस्त थी और वो मेरे गांड़ के दरार में उंगली फेर रहा था और फिर उसके मुंह से जीभ निकाल उसके कंधे पर सर रखी तो चंदन मेरे गांड़ पर थप्पड़ मारता हुआ बोला ” डार्लिंग चलो एक एक ड्रिंक्स हो जाए ” और दोनो सोफा पर नंगे ही बैठकर ड्रिंक्स का आनंद लेने लगे, मैं सिगरेट सुलगाई फिर हॉल में धुंआ ना भर जाए इसलिए नंगे उठकर बालकनी की ओर जानेवाले दरवाजा को खोल दी फिर उधर से सिगरेट की फूंक मारते हुए आई तो दोनो ग्लास में व्हिस्की डालकर चंदन मेरा इंतजार कर रहा था। मैं उसके बगल में बैठकर ग्लास उठाई और उसको सिगरेट देते हुए अब ड्रिंक्स लेने लगी लेकिन हाथ को उसके लन्ड पर लगाकर हिलाने लगी तो चंदन जल्द ही सिगरेट को फेंक मेरे चुघी पकड़े दबाने लगा और दो पैक लेने के बाद मैं नशे में झूमने लगी फिर उठकर जमीन पर घुटनो के बल बैठी और उसके लन्ड को पकड़ चूमना शुरू की तो वो ग्लास रख मेरे पीठ सहलाने लगा और मैं जल्द ही उसके लन्ड चूमकर सुपाड़ा को मुंह में भर ली।
रानी चंदन के लन्ड मुंह में लिए चूसने लगी तो वो मेरे स्तन को पकड़ दबाने लगा, बूब्स कोई खास बड़ी नही थी लेकिन उसको दबाते हुए मेरे जिस्म में आग लगा रहा था और मैं उसके पूरे लन्ड मुंह में लिए कुछ देर तक को यों ही चूसती रही फिर टाईट लन्ड मुंह से निकाल उसको जीभ से चाट रही थी तो चंदन मेरे चूची को पुचकार रहा था ” जल्दी चूसो ना जान फिर चोदना है
( मैं उसके सुपाड़ा को जीभ पर रगड़ने लगी ) इतनी जल्दबाजी क्यों, बुर को कौन चाटेगा ” फिर मैं मुंह में लन्ड लिए चेहरा का झटका देते हुए मुखमैथुन करने लगी तो वो मेरे बाल पर हाथ फेरता हुआ मुंह में ही लन्ड का धक्का देने लगा साथ ही बूब्स दबाए जा रहा था ” उह ओह मस्त और तेज़ी से चूस तो ” ये कहता हुआ वो मुंह में लन्ड का धक्का देना छोड़ दिया तो मैं भी लन्ड मुंह से निकाल नंगे वाशरूम चली गई, छर छर मूतने के बाद बुर को धोई और वापस आई तो चंदन के कहने पर सोफा पर ही टांगे चिहारे बैठ गई और चंदन मेरे सामने घुटनो के बल बैठा फिर मेरे दोनो जांघ उठाकर सोफा पर रख दिया और बुर पर ओंठ लगाए चुम्बन देने लगा तो मैं उसके बाल पर हाथ फेर रही थी, बुर पर छोटे छोटे रोएं उग आए थे लेकिन चंदन बुर के उपरी भाग को चूमता हुआ मजा देने लगा और फिर मैं उंगलियों की मदद से दरार फैलाई तो उसका जीभ बुर को चाटे जा रहा था तो मैं ” आह ओह उई बुर में खुजली होने लगी ” बोल रही थी तो चंदन का जीभ किसी कुत्ते की तरह लपलप जीभ से बुर चाट रहा था और फिर वो मेरी बुर के दोनो फांक को मुंह में लिए चूसने लगा तो मेरी जान मानो निकल रही थी और फिर मेरी बुर पनियाने लगी तो भी वो बुर मुंह से तो निकाला लेकिन जीभ से बुर का रस चाटने लगा, उठकर खड़ा हुआ तो मैं बोली ” चंदन एक एक पैक और हो जाए फिर चोदना ” तो मैं ग्लास में व्हिस्की डालने लगी और चंदन सिगरेट सुलगाया, दोनो ड्रिंक्स लेने लगे तो चंदन मुझे सिगरेट थमाया और बूब्स दबाते हुए पूछा ” तो भाभी कब गुड न्यूज सुना रही हैं
( मैं हंस दी ) अभी देर है देवर जी पहले जवानी का आनद तो ले लूं फिर देखा जायेगा ” और फिर मैं नशे में झूमते हुए चंदन का हाथ पकड़ी और अपने बेड पर लेती गई, चुदाई का इंतजार कीजिए।

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