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यात्रा के दरम्यान संभोग सुख

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फ्रेंड्स
मैं दीपा मल्होत्रा, उम्र २८ वर्ष तो शरीर थोड़ी मांसल, बूब्स को तो ३६ डी ब्रेसियर में ही संभालती हूं और मेरे गोल गद्देदार गांड़ जिसकी फांकों के लचक को देख बूढ़े का लौड़ा भी टाईट हो जाए, मेरी मोटी चिकनी जांघों के बीच खूबसूरत चूत जिसको मैं क्लीन शेव रखती हूं, फांकें तो ब्रेड पकोड़ा की तरह फूल चुकी है साथ ही उसकी लालिमा लिए भग्नाशा ढीली पड़ चुकी है और मैं एक बच्चे की मां होकर भी अपने फिगर को फिट रखी हूं। मैं अपने ससुराल इटावा से पटना के लिए निकली थी तो मेरे पति मेरा टिकट पूर्वा एक्सप्रेस में करा दिए और मैं घर के नौकर हरीश के साथ इटावा जंक्शन आई, ट्रैन शाम के ०८:२० बजे थे तो साथ में खाना भी बनाकर ले ली थी लेकिन घर से जंक्शन आने के क्रम में ही बियर की दो बोतल खरीद ली, एक बोतल बियर तो जंक्शन के बाहर ही एक सुनसान जगह पर पी ली तो हरीश मुझे बोला ” मैडम आप तो जा रही हैं, बहुत याद आएंगी
( मैं तभी जंक्शन से बाहर खड़ी थी और सिगरेट फूंक रही थी ) अबे मजनू की औलाद दो बार अपना जिस्म क्या दे दी तुम तो ख्याली पुलाव पकाने लगे
( वो डर से चुप रहा ) चल सामान उठा और ४ नंबर प्लेटफार्म पर छोड़ दे फिर घर चले जाना ” और हरीश सामान उठाए प्लेटफार्म की ओर जाने लगा तो मैं अपने बेटे का हाथ पकड़कर चल रही थी, ससुराल से निकली थी सो भारतीय नारी की तरह साड़ी, ब्लाउज और पेटीकोट पहन रखी थी जिसे मैं प्रथम वातानुकूलित में चेंज करती लेकिन वहां यात्री पहले से मौजूद रहने पर सम्भव नही था और फिर हरीश मुझे प्लेटफार्म पर छोड़कर चला गया और मैं एक बेंच पर बैठ गई। ट्रेन अपने समय पर आई फिर मैं सामान लिए ट्रेन में चढ़ी फिर कूप डी में बेटा को लिए घुसी तो उसमें सिर्फ एक ही यात्री बैठा था और मैं सामान को सीट के नीचे डालकर अपने बर्थ पर चादर बिछाई फिर बैठ गई, सामने बैठा यात्री मुस्कील से २०-२१ साल का लड़का था जोकि मोबाइल पर कुछ देखता हुआ मुझे भी घूरने लगा फिर टी टी ई आकर टिकट चेक किया और ट्रेन जंक्शन से खुली, मैं बेटा को बर्थ पर सुलाई और बर्थ पर बैठे मोबाइल पर पहले तो पति से फिर सासू मां से बातें की और उस लड़के को देख मुझे लग रहा था की ये यात्रा के दरम्यान मुझे मजे दे सकता है फिर भी मैं खुद उसको प्रोपोज तो नही करती, अब मैं उसकी ओर करवट लिए बर्थ पर लेट गई तो साड़ी के लिबास में आराम से बर्थ पर सोना भी मुस्किल ही था और मैं आंखे बंद किए जानबूझकर साड़ी के पल्लू को थोड़ा नीचे खिसकाई ताकि मेरे उफान लेती चुचियों पर वो ध्यान दे और मुझे समझ में आ गया की ये मेरी ओर गिद्ध दृष्टि से देख रहा है तभी आंखें खोली तो दोनों की नजरें टकरा गई और मैं झट से अपने पल्लू ठीक कर पूछी ” कहां तक जा रहे हो
( वो बोला ) हावड़ा तक जा रहा हूं
( मैं उसको प्यार भरी मुस्कान देते हुए पूछी ) ओह लेकिन तुम देख क्या रहे थे
( वो शर्म से नजरें झुकाए बोला ) वो आपको पता है ” और फिर मैं उठकर कूप के दरवाजा को अंदर से बंद कर दी, कूप में नाईट बल्ब ऑन था और मैं उठकर अपने बैग से नाइटी निकाली फिर उसको देखते हुए पूछी ” थोड़ी देर के लिए बल्ब ऑफ कर दूं, ड्रेस चेंज करना है ” वो खुद बर्थ पर से लेटे लेटे स्विच ऑफ कर दिया तो मैं झटपट साड़ी उतार डाली फिर ब्लाउज खोल ब्रा हटाई, अब पेटीकोट के नाडा को खोल पूरी तरह नग्न हो चुकी थीं और नाईटी पहनती की नाईट बल्ब उसने ऑन कर दिया, मैं शर्मिंदीगी के मारे अपने बूब्स को बाहों से ढक ली तो जांघें सताए बुर को छुपाने लगी लेकिन वो तो मेरे सामने उठकर खड़ा हुआ और मैं ” देखो तुम प्लीज मेरी ओर मत बढ़ो, मुझे नाईटी पहनने दो
( वो मेरे बाहों को पकड़ बूब्स पर से हटाया ) कितनी सेक्सी और हॉट हो बस देखने तो दो
( मैं भी अब जांघें फैलाई ) तो देख लो फिर कपड़ा पहन लूंगी ” तो वो मेरे बूब्स को पकड़ दबाने लगे जबकि मैं उसके हाथ पकड़कर हटाई लेकिन दिखावटी गुस्सा पल भर का था जोकि उसके चुम्बन से ही खत्म हो गया। मुझे बाहों में लिए मेरे गाल चूमने लगा तो मैं भी उसको चूमने लगी फिर तो उसके ओंठ पर चुम्बन देते हुए पूछी ” कम से कम नाम तो बताओ
( वो मेरे चूतड को सहलाने लगा ) जी मेरा नाम मोंटी है और आपका
( मैं उसके शर्ट खोलने लगी ) दीपा मल्होत्रा ” और फिर मैं उसके मुंह में अपनी जीभ डाल दी जिसे वो चूसने लगा और उसका हाथ मेरे नग्न चूतड को सहला रहा था, मैं उसके पीठ पर हाथ फेरते हुए उसके जींस का बटन खोली और फिर मोंटी मेरे जीभ मुंह से निकाल दिया, उसे नंगा कर दोनों बर्थ पर बैठे तो मोंटी मेरे बूब्स को दबाने लगा ” आप कहां जा रही हो
( मैं उसके ६ इंच लंबे लन्ड पकड़कर हिलाने लगी ) दोनों जन्नत की सेर करेंगे ” और अब मोंटी को बर्थ पर लिटाई तो उसके जांघो के बीच लन्ड पकड़े चूमने लगी और वो मेरे बूब्स को दबाता हुआ मस्त था, मैं अपने से उम्र में ७-८ साल छोटे लड़के के साथ सेक्स कर रही थी और आराम से उसका लन्ड मुंह में लिए चूसने लगी तो मोंटी आहें भर रहा था ” आह ओह उह उई तुम तो लन्ड चूसने में उस्ताद लगती हो
( में लन्ड मुंह से निकाल जीभ से चाटने लगी ) एक बच्चे की मॉम हूं, सेक्स का लम्बा अनुभव है मोंटी ” फिर उसके लन्ड मुंह में लिए सर का झटका देते हुए मुखमैथुन करने लगी तो प्रथम वातानुकूलित के चौड़े बर्थ पर दोनों मस्त थे और वो मेरी चूची दबाता हुआ मस्त था, अब लन्ड मुंह से निकाल दी तो मोंटी उठकर बैठ गया और मैं उसके कंधे में हाथ डाल गाल चूम ली ” किसी की वेजिना चाटे हो
( वो गाल चूमने लगा ) हां अपने किरायेदार की बेटी से मेरा अफेयर है ” और मैं बर्थ पर लेट गई तो मोंटी झट से मेरी चूतड के नीचे तकिया डाला फिर बुर को चूमने लगा, यही तो मेरी चाहत थी जिसको मोंटी पूरा कर रहा था और मेरी बुर की फांकों को चूमता हुआ वो बुर को फैलाया फिर उसमें जीभ घुसाए चाटने लगा ” आह आह उह उई पूरा जीभ अंदर घुसा मोंटी मेरी बुर के अंदर खुजली हो रही है ” उसका पूरा जीभ बुर में था और वो बुर को चाटते हुए मेरे कमर को कसकर पकड़ रखा था, मेरी योनि से लेकर पैर तक सुरसुरी हो रही थी तो बुर जैसे कोमल अंग में जीभ का प्यार मजा दे रहा था ” बस कर यार मेरी बुर तो रस छोड़ने वाली है ” और बुर से रस निकलते ही मैं थोड़ी ढीली हो गई तो मोंटी मेरे चूत को छोड़कर मेरे ऊपर सवार हो गया लेकिन अपना चेहरा चूची पर किया तो मैं खुद चूची पकड़े उसके मुंह में डाल दी जिसे वो चूसता हुआ दुसरे बूब्स को दबाने लगा, उसका लन्ड फुंफकार रहा था और मेरी बुर के ऊपर ठोकर मार रहा था तो मैं सिसकने लगी ” आह उई बुर के अंदर लन्ड घुसा मोंटी चोद मुझे ” लेकिन वो चूची चूसने में लीन था फिर मैं उसके बाल पकड़कर चेहरा हटाई और वो मेरे ऊपर से हटा फिर बैग से एक शॉर्ट्स निकालकर पहन लिया साथ ही बनियान पहनकर कूप का दरवाजा खोला और मैं चादर बदन पर डालकर लेटी रही, मेरी यात्रा में मेरी इच्छा पूरी हो रही थी और ट्रेन अपने रफ्तार से चल रही थी।
मोंटी कूप में आकर दरवाजा बंद किया तो मैं बर्थ पर उठकर बैठी फिर बैग से बियर की बोतल निकाली तो वो मेरे बगल में बैठकर चेहरा चूमने लगा ” आप बियर पीती हैं
( मैं उसके लन्ड को शॉर्ट्स पर से ही सहला दी ) हां व्हिस्की भी पी लेती हूं ” और दोनों ग्लास में बियर डालकर पीने लगे तो उसका शॉर्ट्स उतारकर उसके नंगे लन्ड को सहलाने लगी, मोंटी अब चोदने के लिए आतुर था तो मेरी बुर लन्ड के धक्के के लिए तरस रही थी, बियर पीकर मैं उसके लन्ड सहलाने लगी और अब कूप में खड़ी होकर दरवाजे पर हाथ रखी तो मैं घोड़ी बन चुकी थी और मोंटी मेरे चूतड के सामने खड़ा था, मेरी जांघो को फैलाया फिर बुर में लन्ड घुसाने लगा, मेरी ढीली चूत में उसका लन्ड आराम से घुस गया फिर वो धक्का देता हुआ चोदे जा रहा था तो दीपा अपने चूतड को हिलाते हुए चुदाने में मस्त थी, मेरी चूची को दबाते हुए जोर का धक्का मोंटी दे रहा था तो मैं पीछे मुड़कर बोली ” थोड़ा आराम से चोद देर तक चोदेगा तो मजा आयेगा
( वो फिर भी पूरे गति से चोद रहा था ) डार्लिंग तू चिंता मत कर जल्दी झड़ गया तो दुबारा चोद दूंगा ” और मैं खड़े खड़े चुदाई का मजा ले रही थी, ट्रेन किसी जंक्शन पर रुकी थी तो दोनों चुदाई में लीन थे और मैं उसके लन्ड के धक्के से मस्त थी तो बुर गर्म हो चुकी थी और फिर मोंटी बोल पड़ा ” आह उह उई बुर तो नशीली है जानू लेकिन मेरा लन्ड झड़ने पर है ” और लन्ड से वीर्य की धार बुर मे निकल पड़ी, मैं उससे अलग हुई फिर तन पर नाइटी डालकर वाशरूम गई, बुर को धोकर फ्रेश हुई और आकर बर्थ पर बैठ गई तो मोंटी फ्रेश होकर आया ” अभी तो काफी समय है क्या दुबारा हो जाए
( मैं हंस दी ) लेकिन एक घंटे बाद ” फिर वो मेरे साथ क्या किया अगले भाग में।

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