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मौसी और मैं : खंडहर में मस्ती

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फ्रेंड्स
मौसी के साथ रात को शारीरिक संबंध बनाया फिर थकावट के मारे सो गया, अगले सुबह मेरी नींद तब खुली जब वो आकर मुझे जगाई ” चल उठ भैंस की तरह सो रहा है
( मेरी आंखें खुली तो मौसी के बूब्स का दीदार हुआ ) ओह मौसी अभी उठकर करूंगा भी क्या
( वो नाईट ड्रेस में थी तो उसके बूब्स के कुछ हिस्से दिख रहे थे ) उठ फिर बताती हूं ” मैं उठकर फ्रेश हुआ फिर चाय पीने लगा, मौसी शायद बालकनी में बैठी हुई थी और मैं वहां गया, सामने पड़ी कुर्सी पर बैठ गया ” रिंकू स्कूल गया क्या
( मौसी हंस दी ) क्यों सुबह सुबह ही तेरा मुड है
( मैं बोला ) उहूं जैसी आपकी मर्जी
( मौसी बोली ) स्नान करके नाश्ता कर लो फिर हमलोग घूमने चलेंगे
( मैं ) कहां घूमना है
( वो बोली ) उन्नाव में गंगा घाट का दर्शन कराऊंगी
( मैं हंस दिया ) तो स्नान वहीं कर लेंगे ” वो उठकर चली गई और फिर मैं स्नान करने चला गया, फिर तैयार हुआ और डाइनिंग हॉल आया तो मौसी वहां नहीं थी फिर उनके रूम घुसा तो शायद वो वाशरूम में स्नान कर रही थी। ईशा थोड़ी देर बाद डाइनिंग हॉल आई तो गजब की खूबसूरत लग रही थी, आसमानी रंग की साड़ी साथ ही बिन बाहों वाली ब्लाउज साथ ही बेकलेश भी तो मेरी ओर आते ही बोली ” कैसी लग रही हूं
( मैं बोला ) सेक्सी और सुंदर
( वो मुंह चमकाते हुए बोली ) चल हट, किचन में ब्रेड आमलेट रखा है ले आ फिर कार भी आ जायेगा ” मैं किचन गया और दो प्लेट में ब्रेड और आमलेट लेकर आया फिर दोनो एक दूसरे के करीब बैठे नाश्ता करने लगे ” मौसी ये कार किसका है जिससे हमलोग घूमने जाएंगे
( वो हंस दी ) तुम्हारे मौसा जी के कितने चेले हैं क्या समझे ” फिर ईशा अपना पर्स कंधे में टांग ली और घर को लॉक कर दोनो घर से निकले, वक्त सुबह के १०:०० बजे थे और घर से बाहर आए तो देखा कि एक सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार लगी हुई है, मौसी बेझिझक कार की ओर बढ़ी तो उससे ड्राइवर बाहर आया ” नमस्ते मैडम
( मौसी ) नमस्ते पहले गंगा घाट ले चलो वो भी अचलगंज की ओर ” और दोनो कार के पिछले सीट पर बैठे तो मौसी मेरी ओर खिसकी फिर धीरे से बोली ” आगे किसी बहाने से गाड़ी रुकवाना फिर वाइन शॉप से खरीद लेना क्या समझे
( मैं बोला ) कहां रुकवाना है बता दीजिएगा ” तो वो इशारे से हामी भरी और गाड़ी तेजी से चल रही थी, मैं अपना हाथ ईशा के जांघ पर रख सहलाने लगा तो वो मुझे देख मुस्कुरा रही थी साथ ही मेरे हाथ को थाम अपने कमर पर रख दी तो उसके नग्न पेट से लेकर नाभी तक को सहलाने लगा, कुछ देर बाद एक जगह कार को रुकवाई तो मैं उतरकर वाइन शॉप गया और व्हिस्की की बोतल सहित कुछ सामान खरीदा। गंगा घाट पहुंचे तो मौसी बोली ” जावेद तुम थोड़ी देर रुकना कुछ सामान मंगवा लुंगी फिर शाम को आना
( वो चला गया तो दोनो घाट की ओर बढ़े ) लेकिन गंगा के किनारे क्या करने आए हैं मौसी
( वो मेरे कलाई थाम ली ) गंगा में डुबकी लगाना तो पाप धुल जाएगा ” और कुछ दूरी के बाद गंगा नदी था लेकिन वो जिस दिशा की ओर बढ़ी उधर तो कुछ खंडहर दिख रहा था, मैं समझ रहा था की इस साली को प्रकृति के गोद में चुदाने का शौक है और फिर एक खंडहर में दोनो घुसे तो उसके बड़े से हॉल में ना कोई खिड़की थी और ना दरवाजा। मौसी अब खिड़की से बाहर की ओर झांकते हुए बोली ” इस जगह पर हमदोनों एंजॉय करेंगे, यहां प्रेमी युगल आकर मस्ती करते हैं ” फिर मैं प्लास्टिक बैग वहीं पर रखा और ईशा मेरी ओर आई फिर मुझसे चिपक गई तो मैं उसके गोल गुंबदाकार गांड़ को सहलाता हुआ गर्दन को चूमने लगा और फिर वो मेरे ओंठ पर ओंठ रख बोली ” चल फटाफट दो ड्रिंक्स बना, यहां सब कुछ खड़े खड़े करना होगा ” फिर मैं डिस्पोजेबल ग्लास में व्हिस्की और कोल्ड ड्रिंक्स मिलाया और उन्हें दिया, एक सिगरेट फूंकते हुए ड्रिंक्स ले रहा था और खिड़की की ओर से गंगा का नजारा लेता हुआ बोला ” लेकिन मौसी यहां कोई आ गया तो दिक्कत हो जायेगी
( मौसी बोली ) इधर जो भी आएगा इसी कर्म के लिए आएगा ” और मैं झट से ड्रिंक्स खत्म कर उनके सामने बैठा तो ईशा ड्रिंक्स लेते हुए बोली ” घबड़ाने की जरूरत नहीं है राहुल आराम से ” मैं अब मौसी के साड़ी को ऊपर की ओर उठाने लगा तो वो खुद ही साड़ी को कमर तक किए पेटीकोट में घुसाई, अब मौसी की बुर पर पेंटी थी और मैं उनके जांघो को चूमता हुआ उनके जांघो को फैलाया तो वो खुद ही पेंटी की हुक खोल बुर को नग्न कर दी, अपने दोनो हाथो को खिड़की पर रखी तो जांघें फैलाई बुर चमकाने लगी। राहुल अब केले के थंब सी चिकनी जांघो को चूमता हुआ बुर को सहलाने लगा लेकिन साली मेरे बाल को सहलाते हुए बोली ” अबे कुत्ते जरा चाट तो सही ” मैं उनकी मोटी फांकों को चूमने लगा और वो मल्लिका सिसक रही थी, गंगा के किनारे खंडहर में दोनो मस्ती करने आए थे और फिर उनकी बुर को चूमकर मैं उंगलियों से बुर फैलाया, जीभ से लपालप चाटते हुए चेहरे को ऊपर की ओर किया था तो वो सिसकने लगी ” उह आह उहूँ चाट साले ” मैं तो घुटनो के बल बैठे हुए बुर में जीभ पेलता हुआ चाटे जा रहा था, वो साली रण्डी इस खंडहर में चुदवाने को आई थी, ये भी उसकी काम इच्छा थी जिसे मैं पूरा कर रहा था। मैं बुर से जीभ निकाला फिर उठकर खड़ा हुआ और उसको बाहों में लिए उसके चेहरे चूमने लगा तो ईशा मेरे जींस उतार डाली और राहुल उसके रसीले ओंठ चूमता हुआ मुंह मे लिए चूसने लगा, साली तुरंत ही मेरे निचले हिस्से को नंगा कर लन्ड पकड़े सहला रही थी की मैं उनके ओंठ मुंह से निकाल दिया, अब उसके साड़ी के पल्लू को छाती से नीचे कर चूची पकड़ दबाए जा रहा था ” इस खंडहर में ही मजा लेना था तो एक चादर तो ले आती
( वो मुझे देखते हुए साड़ी को निकाल दी ) क्या है की डरता क्यों है, इस जगह पर तेरी मौसी को कोई छू नही पायेगा समझा ” और वो पीछे मुड़ी तो मैं उनके पीठ चूमने लगा साथ ही उनके ब्लाउज की डोरी खोल बाहों से निकाल दिया तो ईशा पीछे मुड़ी और मेरे खड़े लन्ड को पकड़ बोली ” यहां पर बेड भी लगेगा डियर जरा इंतजार तो करो ” और मैं उनके बूब्स को पकड़ दबाने लगा, मध्यम आकार की चुचियों को मसलने में बेहद मजा आ रहा था तो मेरा लन्ड फुंफकारने लगा और ईशा झट से अपने पैर के बल बैठे लन्ड को पकड़ चूमने लगी, मेरा हाथ उनके बाल को सहला रहा था और ईशा लन्ड के सुपाड़ा को ओंठो के बीच लिए चूसने लगी, मेरा हाल खराब था तो अब एक हाथ से उसके बाल को कसकर पकड़ा फिर मुंह में धक्का देता हुआ उसकी मुख चुदाई करने लगा। ईशा बेझिझक होकर मुखमैथुन का आनंद दे रही थी तो मेरा लौड़ा पूरी तरह से टाईट हो चुका था और अब मैं ” उह आह उई अब चोदने दे साली तुझे खड़े खड़े चोदूंगा ” तो मौसी लन्ड निकाल उठ खड़ी हुई फिर अपने पेटीकोट को कमर तक किए बेशर्म की तरह बुर चमकाने लगी ” ले कुत्ता चाट पहले बुर तो झड़ चुकी है ” और मैं घुटनों के बल हुए उसके बुर को चाटने लगा, रस का स्वाद लेकर उठा फिर वो बोली ” अपनी मौसी को यहां नंगा करके चोद ताकि खंडहर में मेरी चुदाई की गूंज हो ” मैं उनके ब्रा सहित पेटीकोट को उतार दिया तो ईशा नंगे खड़ी थी, अपनी जांघें फैलाकर बुर को सहलाते हुए बोली ” तेरी मौसी का जब जी करता है यहां आकर चुदवा लेती है
( मैं अब उसके चूची को पकड़ चूमने लगा ) तो मौसा जी को गुस्सा नही आता
( वो मेरे बाल सहलाने लगी ) अरे बुद्धू अपने पति को बताकर यार के साथ चुदवाऊं ” और मैं समझ गया की ईशा दस घाट का पानी पीने में लगी हुई है, अब उनके स्तन को मुंह में लिए चूसने लगा तो वो मेरे शर्ट भी उतार दी, दोनो पूर्णत नग्न थे वो भी गंगा के किनारे एक खंडहर में जहां से गंगा का नजारा दिख रहा था और फिर उसके स्तन को छोड़ा और बोला ” रानी एक ड्रिंक्स और
( वो गांड़ मटकाते हुए खंडहर में दूसरी ओर जाने लगी ) तू ड्रिंक्स बना मैं मूत कर आती हूं ” कसम से उनकी गांड़ की लचक मेरे लन्ड को तड़पा रही थी और मैं ड्रिंक्स झट से बनाया फिर एक सिगरेट फूंकते हुए व्हिस्की पीने लगा, वो उधर से आई फिर पानी का बोतल लेकर बुर को धो डाली और ग्लास लिए व्हिस्की पीने लगी, मैं बोला ” डार्लिंग तुमको अब चोदूंगा
( वो पीछे मुड़कर जांघें फैला दी ) ले मेरी बुर तो कब से खुजला रही है डियर ” और अब ड्रिंक्स खत्म होते ही उसको घोड़ी की तरह किया और ईशा खिड़की पर दोनो हाथ रखे घोड़ी बन गई, उनके जांघो को और फैलाया फिर लन्ड पकड़े बुर में घुसाने लगा, रसीली बुर में लन्ड डालकर धक्का देने लगा तो ईशा अपने चूतड को स्प्रिंग की तरह हिलाते हुए चुदवाने लगी, सही में मौसी को यहां पर चोदना अच्छा लग रहा था और फिर उनके स्तन पकड़ मसलने लगा और वो ” तेजी से चोद यार आह बहुत मजा आ रहा है ” और मैं उनकी चूतड की ओर से धक्का देता हुआ बुर चोद रहा था, ईशा अपने चूतड को हिलाते हुए गंगा का नजारा ले रही थी तो मैं उसकी चुदाई करता हुआ उसके बूब्स दबा रहा था, दोनो चुदाई के नशे में झूम रहे थे तो वो अब सिसकने लगी ” उह आह उई बहुत मजा मिल रहा है तेजी से चोदते रहो
( मैं उसकी बुर जोकि आग की भट्टी हो चुकी थी को चोद रहा था ) डार्लिंग चार पांच मिनट से तो चोद ही रहा हूं अब अधिक देर नही टिक पाऊंगा ” और मौसी कमर स्थिर किए चुदवा रही थी, इतने में उनकी मोबाइल बजने लगी तो वो पीछे मुड़कर बोली ” कौन है साला शांति से चुदवाने भी नही देता ” और मेरे लन्ड से वीर्य का फव्वारा निकल पड़ा, मौसी जांघें सटाए लन्ड को बुर में ही दाब ली फिर दोनो अलग हुए तो वो पानी का बोतल लिए बुर को साफ की फिर दोनो कपड़ा पहन लिए, बोली ” चलो गंगा तो देख लिए अब यमुना दर्शन कल कराऊंगी ” फिर दोनो कार में सवार हुए और वापस घर आ गए।

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