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मामा और भांजी की प्रेम कहानी : भाग ११

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फ्रेंड्स
जिया अपने मामा समर के साथ तो वो कर्म कर बैठी जोकि शायद ही कोई लड़की करने की सोचेगी, भले ही बॉय फ्रेंड हो या फिर कोई लड़का लेकिन रिश्तों में ऐसी हरकत निश्चित रूप से अपने आपको नजरों में गिराती है, आत्मग्लानि तो महसूस कर रही थी लेकिन अब तो शारीरिक संबंध बन चुका है और फिर रात को मामा अपनी दीदी रेणु के साथ संभोग सुख लिए, आज सुबह उठी फिर फ्रेश होकर चाय पीने लगी तो मामा जागे नही थे और मैं जानबूझकर मां से पूछी ” पता नही सुबह के ०८:०० बज चुके है और मामा अभी तक सो रहे हैं
( मां मुंह फेरते हुए बोली ) मुझे क्या पता मामा जब जागेगा तुम्हीं पूछ लेना ” और फिर मैं चाय पीकर स्नान करने गई, घर के पीछे बागान में ही एक ओर बाथरूम था तो उसके सामने एक चापानल जिसको पर्दा से घेरकर स्नानागार बना दिया गया था, मैं पहले तो सोची की मामा जब उठ जाएंगे तब स्नान करने जाऊंगी ताकि वो स्नान करते वक्त मुझे छेड़ने ना लगे और थोड़ी देर तक तो इंतजार की फिर मां बोली ” स्नान कर ले फिर नाश्ता कर लेना
( मैं कुर्सी पर से उठी ) ठीक है मैं स्नान करने जा रही हूं ” रूम गई फिर बैग से एक टॉप्स और स्कर्ट निकाली, सारा कुछ लिए बागान की ओर गई फिर चापानल से दोनो बाल्टी में पानी भर ली और स्नान करने की जगह को सारे पर्दो से घेर कर अपनी नाईट सूट उतार टंगनी पर रखी साथ ही सारे कपड़े तो मेरे जिस्म पर सिर्फ पेंटी थी, अब मैं बैठकर स्नान करने लगी और पूरे बदन को भिंगोकर साबुन लिए बदन पर रगड़ने लगी तो मेरा ध्यान कभी कभार पीछे की ओर भी जा रहा था लेकिन मामा तो रेणु दीदी को चोदकर थकावट के मारे अब तो सो रहे थे, मैं अपनी बूब्स सहित जांघो तक साबुन लगाए बदन रगड़ने लगी फिर अपने शरीर के पिछले भाग में साबुन लगा रही थी की मुझे आवाज सुनाई दी ” ओह बेबी अकेले स्नान करने में क्या मजा थोड़ा इंतजार कर ली होती
( मैं सर पीछे मोड़ कर देखी तो समर मुझे देख मुस्कुरा रहा था ) बहुत जल्दी सोकर उठे क्यों दुबारा भी
( मामा बेशर्म की तरह अंदर घुसे ) अरे जानू तुम्हारी मां और मेरी मां दोनो फिर से मंदिर चली गई
( मैं बैठे हुए थी और बाहों से चुचियों को ढक रही थी ) ठीक है तुम अभी यहां से जाओ, अभी तो दोनो घर में ही थी ” मामा मेरे सामने ही लूंगी उतार दिए फिर तो उनका फौलादी लन्ड देख मैं क्या मेरी मां को भी मुंह में पानी आ जाती, मैं उठकर खड़ी हुई फिर समर के बदन पर जो बनियान था उसे गले से बाहर कर दी तो मामा मेरे झागयुक्त जिस्म को देखते हुए बोले ” बेबी तुम इस तरह अधिक देर रहोगी तो ठंड लग सकती है
( मेरा हाथ मामा के लन्ड पर था जिसे सहला रही थी ) तुम ठीक बोले मामा, मैं स्नान कर लेती हूं फिर गोदाम में ही क्यों ” तो मामा मेरी चूची को पकड़ दबाने लगा और मेरे ओंठ पर चुम्बन दिया ” ठंड ना लगे इसलिए तो तुझे गर्म रॉड दिया हूं क्यों ” मैं कुछ नही बोली और उसके सामने घुटने के बल बैठकर लन्ड को चूमने लगी, जब घर में कोई है ही नही तो फिर क्या डर बस लन्ड मुझे मिलना चाहिए फिर तो मुंह हो या बुर सबमें घुसेडवा लूं, और मैं समर के लन्ड को चूमते हुए मुंह खोली फिर आधा लन्ड मुंह में होगा की उनके कमर पर हाथ रख लन्ड को चूसने लगी, मामा मेरे जुल्फों को कसकर पकड़े फिर मुंह में ही लन्ड का धक्का देते हुए मुंह को चोदने लगे, मैं अपना चेहरा आगे पीछे करते हुए मुखमैथुन कर रही थी की मामा खड़े खड़े मेरी मुंह को ही चोद रहा था, मेरे भींगे जिस्म में आग लग चुकी थी तो मुंह में लन्ड लिए दो तीन मिनट तक चूसी की मामा ही मेरे मुंह से लन्ड निकाल लिए, साले का लौड़ा टाईट था तो वो मेरे सामने जमीन पर बैठ बोले ” अब तेरे बदन को मैं नहलाऊंगा ” मैं जांघें सटाए खड़ी थी तो समर मेरे कमर से पैर तक पानी डालकर स्नान करवाने लगा।
मैं तो नंगे खड़ी थी और मामा मेरे बदन पर पानी डालते हुए जिस्म को रगड़ रहे थे, तन में तो मानो आग लग चुकी थी लेकिन आग बुझाने वाला भी मेरे साथ था, समर उठकर खड़ा हुआ फिर पानी बाल्टी से ले लेकर मेरे गर्दन से डालने लगा और जब मेरे जिस्म का अगला हिस्सा झाग से मुक्त हो गया तो वो मुझे बाहों में लिए चूमने लगे लेकिन उनका हाथ मेरे पीठ पर था, रसीले ओंठ मुंह में लिए चूसने लगे कि मैं उनका लन्ड पकड़ हिलाना शुरु की और वो मेरे रसीले ओंठ चूसते हुए मस्त थे लेकिन कोमल योनि में सुरसुरी तो मेरी जान ले रही थी की मामा ओंठ छोड़ मुझे मुड़ने को बोले और अब वो पानी से मेरे पीठ और चूतड को साफ कर मुझे दबोच चूची को दबाने लगे, उनका टाईट लन्ड मेरी गांड़ में चुभ रहा था तो वो मेरे गर्दन से लेकर चेहरा तक को चूम रहे थे फिर मेरी जांघें खुद बखुद फैल गई और मामा अब मुझे अपनी ओर किए बूब्स को सहलाने लगे तो मैं उनके छाती को चूमने लगी फिर मामा भी स्नान करने लगे, दो नंगा बदन साथ ही उनका एक हाथ मेरे पीठ पर तो दूसरे हाथ से पानी लिए स्नान करना तो जिया उनके छाती से पेट तक को चूम ली फिर तो उनका ७-८ इंच लंबा लन्ड जांघों के बीच टाईट था ही, मैं इसके पहले की समर के लन्ड को पकड़ मुंह में ले लेती इतने में मुझे मां की आवाज सुनाई दी ” जिया तू कितनी देर से स्नान कर रही है जल्दी आ नाश्ता तैयार है
( मैं तो सहम गई और अपना जिस्म पीछे की ओर मोड़ ली ) बस मां आती हूं
( मां बोली ) तुम अंदर अकेली हो ” और ज्योंहि मैं पीछे मुड़ी, मां पर्दा के पीछे से मामा और भांजी को देख रही थी, मैं समझ गई की मामा मुझे झूठ बोलकर मेरे साथ एंजॉय कर रहा था और मां गुस्से से आग बबूला हो चुकी थी ” वाह क्या कलयुग है, भांजी साली रण्डी तो मामा को भी कोई और नहीं मिला ” ये कहते हुए वो चली गई तो मैं मामा को देखते हुए बोली ” क्यों ऐसा किए कुत्ते, जब खुशी से सब कुछ दे ही रही थी फिर तुम झूठ क्यों बोले ” मैं अपना कपड़ा पहनने लगी लेकिन मामा मुझसे कपड़ा लेकर बोला ” ओह बेबी वो देखी तो क्या प्रोब्लम, ये तो भाई और बहन का प्लान था समझी ” फिर भी डर तो था लेकिन बुर की खुजलाहट चरम पर थी और मैं नंगे टांगे फैलाई खड़ी थी तो मामा घुटने के बल बैठकर मेरी बुर को चाटने लगा और मैं एक पैर उठाकर दीवार पर रखी ” चाट साले कुत्ते लगता है अब हम तीनों ग्रुप सेक्स करेंगे
( मामा बुर को फैलाकर जीभ घुसाए चाटने लगा ) अच्छा है मां और बेटी एक ही लन्ड से चुदवाकर संतुष्ट हो जाएगी ” तो वो अपना पुरा जीभ बुर में घुसाए चाटने में लीन था तो उसका एक हाथ मेरी गांड़ को सहला रहा था और ज्योंहि मुझे बुर से रस निकलने का अंदेशा हुआ मैं बोली ” रस चुवेगा समझे चाट लेना ” फिर वो रस चाटने लगा तो मैं अब चुदासी लड़की की तरह सब कुछ भूलकर पीछे मुड़ी फिर दोनो हाथ दीवार पर रख घोड़ी की तरह बन गई, जांघें खुद से फैलाई ” अब चोद अपनी भांजी की बुर फिर बहन की साले क्या जरूरत थी उनके रहते हुए मेरे साथ सेक्स करने की ” लेकिन समर कुछ नही बोला बल्कि अपना लन्ड पकड़े मेरी चूत में घुसाया तो आधा लन्ड आराम से बुर हज़म कर गई बाकी तो मैं चूतड को पीछे धकेलने लगी और आखिरी में समर मेरी बुर में धक्का देकर पूरा लन्ड घुसाया, मैं चिंहुक उठी ” उफ फाड़ देगा लन्ड आदमी का है की गधा का पता नही ” समर मेरी चूतड की ओर से धक्के मार रहा था तो जिया भी अपने कमर को हिलाना शुरू कर दी और दोनो संभोग क्रिया में लीन थे की तभी मां की आवाज फिर से सुनी ” वाह अब तो बेटी जवान हो चुकी है, चिंता मत कर जिया तेरी चूदाई समर मेरी इजाजत से ही कर रहा है
( मैं चूतड हिलाते हुए उनकी ओर देखी ) क्यों रात को तो मामा के साथ खूब उछल उछलकर चूदाई करवा रही थी ” मां सिर्फ हंस दी लेकिन दोनो के संभोग क्रिया को खड़ी हुई दिखती रही, मैं बेशर्म की तरह चूतड को हिलाते हुए समर से चुदवाने लगी, वो मेरे सीने से लगे स्तन को पकड़ मसलने लगा तो मेरी बुर रसीली होकर लन्ड का धक्का सह रही थी और दोनो भींगे बदन चूदाई में लीन थे। जिया अपने चूतड को स्प्रिंग की तरह हिलाते हुए मामा के लन्ड से संतुष्ट तो थी लेकिन बुर आग की भट्टी बन चुकी थी और समर मेरे बूब्स दबाए जा रहा था तो चोदते हुए हांफने लगा ” उह ओह जान तेरी बुर में बहुत जल्द वीर्य स्खलित होगा
?
( मैं चूतड हिलाते हुए बोली ) आज तो मां भी मेरी चूदाई देख ही ली, उह साला तेरा लन्ड बहुत मोटा है ” और आठ दस धक्के मारा की बुर वीर्य से सराबोर हो गई, फिर दोनो कपड़ा पहन वहां से निकल गए।

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