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मां, बेटी और मामा : रतिक्रिया का आनंद

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फ्रेंड्स
आपलोगों को मामा और भांजी की प्रेम कहानी अच्छी लगी होगी, उम्मीद है की भाई लोग इसे पढ़कर या तो अपने बीबी या गर्ल फ्रेंड के साथ शारीरिक सुख लिए होंगे या फिर अपना हाथ का प्रयोग साथ ही बहनों को भी कहानी पढ़ मजा आया होगा, वैसे भी प्रेम मोहब्बत पढ़ने और देखने की नही होती बल्कि कार्यान्वित कर मजा लेने की होती है, इसमें काहे कि झिझक और शर्मिंदिगी, हां पति और पत्नी के बीच शारीरिक संबंध को सामाजिक अनुमति है लेकिन रिश्तेदारों के बीच काम क्रिया को गुनाह माना जाता है लेकिन मेरा ( जिया ) अपने मामा ( समर ) के साथ यौन संबंध बनना और फिर मां के साथ उनके भाई का शारीरिक संबंध तो यहां तीनों एक दूसरे और तीसरे के बारे में जान गए। मैं सुबह स्नान कर रही थी की मामा और मां का प्लान मुझे पता नहीं था तो मां मुझे मामा के साथ सेक्स करते देख ली और फिर मैं उनसे नजरें चुराने लगी, दोपहर में खाना भी खाई तो उनसे दूरी बनाए ताकि वो मुझसे कुछ सवाल नही पूछ सकें और फिर मैं जाकर लेट गई तो कहिए देर रात तक लाईव सेक्स देखना फिर स्नान करते वक्त संभोग क्रिया करना, मैं थकान की वजह से नींद के आगोश में सो गई तो मेरी आंखें मां के जगाने से खुली ” कब तक सोती रहेगी, उठ जाकर घूम फिर आ ” , मैं उठी फिर फ्रेश होकर अपना ब्लू रंग की लेगिंग्स और उजले रंग की कुर्ती पहन पहले तो एक कप चाय पीने लगी, मां मेरे बगल में बैठी थी, मेरे बाहों को सहलाई तो मैं चेहरा उनके ओर की ” क्या हुआ
( वो मुस्कुराई ) वही तो कुछ नही हुआ फिर भी तू मुझसे नजरें चुरा रही है, मैं भी तो समर के पास चली गई और कहो तो उसे अपनी संतुष्टि के खातिर तैयार की तो तेरे साथ उसने किया तो क्या प्रोब्लम, आज रात तीनों साथ में ही मजा लेंगे
( मैं चाय का प्याला रखकर बोली ) सॉरी मॉम या तो तुम रहना या मैं, तुम देख ली तभी से मैं काफी आत्मग्लानि महसूस कर रही हूं
( मां बोली ) क्या हुआ साथ दोनो रहे तो, मस्ती तो फुल नाईट चलेगी ” फिर मैं उठकर मामा के साथ मार्केट चली गई, उनके बाइक पर टांगें फैलाई बैठी हुई गांव से जब बाहर निकल गई तो उससे चिपक कर उसके पीठ से बूब्स रगड़ने लगी और समर के कमर में हाथ डाले थी, मामा बोला ” क्या बेबी मार्केट से पहले ही एक राउंड तुझे चाहिए
( मैं हंस दी ) अब तुम्हें काहे की चिंता, मां और बेटी एक साथ तेरे पास फिर कितने राउंड दे पाओगे देखूंगी ” और दोनो मार्केट गए तो समर मुझे बाईक के पास छोड़कर थोड़ा आगे गया फिर मैं इधर उधर देख रही थी, शाम के ०५:३० बजे होंगे तो इस छोटे से मार्केट में जरूरत की सामान मिल जाती थी और मामा उधर से एक पोलिबेग में कुछ सामान लिए आए फिर बोले ” इसको तुम पकड़ो मैं तुरंत आया
( मैं पोलीबेग पकड़ी ) मैं तो सिर्फ खड़े रहने आई हूं
( मामा मुस्कुराया ) क्यों ब्रा या पेंटी कुछ चाहिए ” मैं सर हिलाकर ना में जवाब दी फिर समर चला गया तो मैं पोलीबेग में देखी की कुछ कपड़े हैं, उसे ध्यान से देखी तो नाईटी और ब्रा था लेकिन समझ आ गया की भाई अपने बहन के लिए ही खरीदा है, मैं अब इधर उधर देखने लगी फिर मामा वहां आए और बाईक की डिक्की खोल उसमें पोलीबेग रख दिए फिर मुझे दूसरा पोलीबेग दिए ” इसे तुम पकड़ कर बैठना, व्हिस्की की बोतल है
( मैं बाईक पर बैठी तो हाथ में पोलीबेग था ) ओके मामा लगता है आज की रात तुम हम दोनो को जमकर लोगे
( मामा बाईक चलाते हुए बोले ) मैं क्या लूंगा जब मां और बेटी की जोड़ी इस काम में महारत हासिल की हुई है ” और मैं चुप बैठी रही, घर पहुंचे तो मामा बाईक को आंगन में घुसाने से पहले ही मेरे हाथ से पोलीबेग लेकर डिक्की में रख दिए तो मॉम के लिए जो कपड़ा खरीदे थे उसे अपने हाथ में लिए फिर मैं आंगन में घुसी तो मां मुझे देख मुस्कुराई ” तब घूम आई जिया
( मैं ) हां जरा बाथरूम से आती हूं फिर बात करूंगी ” मैं फ्रेश होकर आई तो मां बैठी हुई थी, उनके बगल में बैठकर बोली ” मामा तो तुम्हारे लिए नाईट गाऊन लाए हैं
( मां झेंप गई ) लेकिन कल रात दूध में क्या मिलाया था समझ नही आ रहा है
( मैं ) क्या मॉम तुम भी तो ऐसे बोल रही हो ना, वैसे ये बात तेरे दिमाग में आई कैसे
( मां बोली ) मैं दूध पीकर बेड पर गई तो सब कुछ ठीक ही था लेकिन कुछ देर में ही बदन में जैसे आग सी लग गई, अंदर बहुत खुजलाहट हो रही थी
( मैं बोली ) बदन में खुजलाहट तो अच्छे से नहाया करो
( मॉम बोली ) ठेठ गंवार हो का, अंदर मतलब ये ( उंगली से इशारा कर चूत बताई ), लेकिन मेरी जैसी अधेड़ उम्र की औरत के लिए समर ऐसा क्यों करेगा
( मैं ) अरे मॉम हो सकता है ऐसे ही तेरा मन कर गया हो, रात को मामा का हाल खराब कर देना है ” मां चुप रही फिर मैं रूम जाकर लेगिंग्स और कुर्ती उतार दी तो एक नाईट सूट पहन ली और रात के ०९:०० बजे तक खाना खाकर नाना और नानी अपने अपने बिस्तर पकड़ लिए, मैं बरामदे पर बैठी हुई मां को देख रही थी तो वो इशारे से मामा को देखने बोली और मैं उठकर उनके रूम गई तो वो टी वी देख रहे थे ” बोल जिया, मां कहां है
( मैं ) मेरा मानना है की थोड़ी देर तक छत पर ही घूमा जाए
( मामा ) तुम दोनो चलो मैं कुछ लेकर आता हूं ” , फिर मैं मॉम को बोली ” चलो छत पर ही ड्रिंक्स लेंगे
( मां उठी ) लेकिन मॉम वो ड्रेस पहन तो लो बहुत हॉट लगोगी
( मां गुस्साते हुए बोली ) तो तू चल मैं कपड़े बदल कर आती हूं ” तो मैं एक चटाई और तकिया लेकर गई, चांदनी रात में थोड़ी रोशनी तो छत पर चटाई बिछाकर बैठ गई, मेरे हाथ में मोबाइल थी तो उसके टॉर्च ऑन करके देखी तो छत साफ सुथरी थी, तभी मां आईं तो उन्हें नाईट गाऊन में देख मुस्कुराई ” तुम सही में हॉट लेडी लग रही हो
( मेरे सामने बैठकर बोली ) लेकिन तुम ये कौन सा कपड़ा पहनी हो, जांघ क्या तेरी पेंटी तक दिख रही है
( मैं शर्म से चेहरा फेर ली ) क्या मॉम मॉडर्न युग में इतना चलता है ” इतने में मामा आए तो उनके हाथ में एक पोलीबेग था, वो लूंगी और बनियान में थे, आकर सामान रख बैठे फिर उससे ग्लास निकाल उसमें व्हिस्की डालने लगे तो मॉम थोड़ी शरमा रही थी और मामा पूछे ” रेणु तुम इसमें कोल्ड ड्रिंक्स लोगी या सोडा
( वो चेहरा फेर चुकी थी ) कोल्ड ड्रिंक्स ” और फिर तीनों ग्लास लिए ड्रिंक्स लेने लगे की मेरी नज़र सिगरेट की पैकेट पर गई, मैं एक सिगरेट सुलगाई फिर फूंकते हुए मां की ओर देखी तो समर उनके नाईट गाऊन की डोरी खोल चुका था, उसका हाथ रेणु की बूब्स पर था जिसे वो दबाते हुए ड्रिंक्स ले रहा था तो मां व्हिस्की पीने में मस्त थी और ” आह उह जरा धीरे तो दबाओ उह कितना कड़ा हाथ है
( मैं व्हिस्की पीते हुए सिगरेट की फूंक मार रही थी ) मॉम जरा एक दो कस लगा लो ” वो सिगरेट लेकर फूंकने लगी तो मैं खाली ग्लास रख मामा के लूंगी को खोल दी फिर मां की ओर देखते हुए लन्ड पकड़े हिलाने लगी ” मस्त है ना मॉम इससे तेरी गांड़ को ही मजा आएगा ” तो एक पैक पीने के बाद मां के जिस्म पर नाईट गाऊन रहते हुए भी वो नंगी थी तो अब मेरे बूब्स पर हाथ रख समर दबाए जा रहा था, इतने में मां अपने भाई के चेहरे को चूमने लगी तो मैं मामा के लन्ड के सामने चेहरा झुकाए उसे चूमने लगी, मां अब उसके बदन से बनियान उतार अपनी नाइटी भी उतार फैंकी तो कहिए दोनो नंगे थे लेकिन मैं एक फ्रॉक पहने लन्ड को चूम रही थी। रेणु अब भाई के चेहरे को चूमते हुए उसे लिटाई फिर उसके ऊपर सवार होकर ओंठ चूमने लगी तो मैं क्या करती, मैं मामा के चेहरे के पास बैठकर देखी तो मां का रसीला ओंठ वो चूस रहे थे और उनके नितम्ब पर हाथ घुमाए जा रहे थे ” मॉम तुम थोड़ा तिरछा लेटो तो मैं भी चूस लूं ” तो रेणु उसके बदन पर थोड़ा ऊपर की ओर और तिरछा हुई तो मैं खुद से अपना कपड़ा उतारी फिर उनके लन्ड को पकड़ मुंह में ले ली, उधर मां अपने भाई के बदन पर सवार होकर उसके मुंह में जीभ घुसाए चुसवाने में मस्त थी तो समर का हाथ उसकी चूतड पर था लेकिन मॉम कम बड़ी रण्डी नही थी, वो समर के मुंह में जीभ घुसाए उसके ऊपर डॉगी स्टाइल में हो गई तो मैं लन्ड चूसते हुए मां की चूत देख रही थी, मामा जीभ चूसते हुए उसके गांड़ को सहला रहे थे तो मैं अब मुंह में लन्ड लिए सर का झटका देते हुए मुखमैथुन करने लगी और तभी मां बोली ” तेरे मुंह पर बूर बिचकाए बैठूं, चाटोगे
( मामा मां की चूची पकड़ दबाने लगा ) पूछने की कोई जरूरत नहीं, जिंदगी भर तो रक्षा सूत्र बांधी हो आज तो कामसूत्र पढ़ा दो
( मैं लन्ड को मुंह से निकाली ) बिलकुल सही पहुंची हुई खिलाड़ी है रेणु
( मां मेरी ओर देखी ) चुप चाप चाट और चूस समझी ” फिर मामा उठकर बैठ गए और बोले ” एक एक ड्रिंक्स और हो जाए फिर मस्ती करेंगे ” और फिर क्या हुआ, अगले भाग में।

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