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बहनों ने मेरी रातें रंगीन की

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हेलो फ्रेंड्स,
मैं राहुल, उम्र २४ वर्ष तो लंबाई छह फीट के आसपास, कसरती बदन और सांवला रंग, मेरे लिखी कहानियां ” रेखा और रोहित का जिस्मानी संबंध ” साथ ही ” सावन में भैया बने सैयां ” और ” विधवा बहन के साथ सम्भोग सुख ” आप सबों ने पढ़ा होगा, ये वाक्या कुछ महीने पहले की है जब मेरे घर मेरी तीनों बहनें… रेखा, रूपम और रिमझिम आई हुई थी जोकि मेरे छोटे और बड़े अंकल की बेटी थी।
( १ ) रेखा… उम्र २७ वर्ष… विवाहित… लंबाई ५’५ इंच.. सांवला रंग.. बूब्स की साईज.. मध्यम आकार.. चूतड.. गोल और गुंबदाकार
( २ ) रूपम.. उम्र २३ वर्ष… विधवा.. लंबाई ५’४ इंच.. गोरा रंग.. बूब्स की साईज.. बड़ी.. चूतड.. गोल और गद्देदार
( ३ ) रिमझिम.. उम्र २४ वर्ष.. विवाहित.. लंबाई ५’५ इंच.. गोरा रंग… बूब्स पपीते के आकार का… चूतड.. V शेप। ये तीनों बहनें अपने पति के साथ मेरे यहां आई थी कारण की मेरी बहन विनिता की शादी तय हो चुकी थी और उसके पहले रिंग सेरोमेनी थी, रिंग सेरेमनी शहर के एक होटल में होना था तो इन तीनों बहनों के साथ मैं हमबिस्तर हो चुका था, लेकिन तीनों आपस में मेरे साथ हुए शारीरिक संबंध का चर्चा की होगी, मुझे नही पता था और ना ही उम्मीद। शाम के वक्त आंगन में बैठकर सब चाय की चुस्की ले रहे थे तो बहनें भारतीय परिधान साड़ी, पेटीकोट और ब्लाउज में थी और तीनों के पति भी साथ ही थे लेकिन सब कल सुबह ही अपने अपने ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए चले जाते लेकिन रूपम, रेखा और रिमझिम को यहां ३-४ दिन रुकना था इसलिए मैं सोच रहा था की इनके साथ बारी बारी से मजे लूंगा और फिर सब लोग पार्टी की तैयारी में लग गए। मैं जल्दी में तैयार हुआ फिर होटल के लिए निकल पड़ा तो वहां एक हॉल और चार कमरे बुक थे और वहां पहुंचकर सब तरह की तैयारी का जायजा लिया फिर एक रूम में जाकर लेट गया, लड़के वाले एक घंटे में होटल पहुंच जाते और मैं अकेले रूम में लेटा हुआ टी वी देखने लगा तभी दरवाजा किसी ने खटखटाया ” खुला है अंदर आ जाओ ” देखा तो रेखा दीदी और रिमझिम थी और मैं उठकर बेड पर बैठ गया, दोनों लहंगा और चोली पहन रखी थी तो रेखा दीदी का ड्रेस ब्राउन रंग का था जबकि रिमझिम तो ब्लैक रंग के लहंगा और चोली में कहर ढा रही थी और मेरी नजरें बार बार रेखा दीदी के बूब्स पर जाती तो रिमझिम बेड पर लेट गई और उसकी चुघियों की उफान देखने लायक थी, मैं तो दंग रह गया की वो अपनी बड़ी बहन के सामने बेड पर लेट गई लेकिन ज्योंहि रेखा दीदी बेड पर लेटी मैं अचंभित रह गया और अब दोनो बहनों के बीच बैठा हुआ था, तो उठने लगा लेकिन रेखा और रिमझिम दोनों ही मेरे हाथ थाम ली तो दीदी बोली ” अभी लड़के वाले आए नही हैं किधर जा रहा है, ये कहते ही रेखा दीदी मेरे जांघ पर अपना सर रख दी तो रिमझिम भी मेरे जांघ पर सर रख दी और मैं दोनों बहनों के गाल को सहलाने लगा ” क्या बात है दीदी बहुत प्यार मुझ पर आ रहा है
( रिमझिम बोली ) छुपाने से क्या होगा, दीदी भी हम दोनों के बारे में जानती है और मैं आप दोनों के बारे में ” मैं तो उन दोनों की चूचियां जोकि चोली से बाहर आने को तड़फड़ा रही थी को देखता हुआ उस पर हाथ लगाया लेकिन दोनों बहनों की चूची पकड़ा फिर दबाने लगा तो दोनों ” आह उह उई ” बोलने लगी और मैं अब रिमझिम के चोली में हाथ घुसाने लगा तो वो हाथ पकड़ ली ” क्यों चोली फाड़ने में लगे हो अभी खोलती हूं ” और वो अपने पीठ पर हाथ लगाए चोली की डोरी खोल उसे उसी हाल में रहने दी तो मैं उसके ब्रा पर से ही चूची दबाने लगा तो रेखा दीदी उठकर बैठी फिर मेरे गाल चूमते हुए ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन देने लगी और मैं उनके बूब्स दबाने लगा, दीदी अब मेरे मुंह में जीभ घुसाई तो रिमझिम मेरे जांघ पर से उठकर दरवाजा जाकर बंद की फिर मेरे सामने बैठकर मेरे जींस खोलने लगी जबकि मैं रेखा का जीभ चूस रहा था, मेरा सुस्त पड़ा लन्ड थोड़ा कड़ा होने लगा तो रिमझिम मेरे सामने झुककर लन्ड को मुंह में भर ली फिर चूसने लगी तो रेखा जीभ निकालकर मेरे कंधे पर सर रख बोली ” तीनों बहनें सब जान चुकी है
( मैं बोला ) वाह तुम लोगों के पेट में तो कोई बात पचता ही नहीं ” रिमझिम के मुंह में लन्ड टाईट होने लगा तो रेखा दीदी अपनी चोली और ब्रा उतार कर घुटनो के बल हुई और मैं उनके बूब्स को पकड़ मुंह में ले लिया फिर चूसने लगा, दीदी की चूची चूसते हुए रिमझिम से लन्ड चटवा रहा था और फिर रेखा आहें भरने लगी ” आह उह उई आज रात तो होटल में ही रुकूंगी तब तो मजा आयेगा
( मैं चूची मुंह से निकाल दिया ) लेकिन तुम दोनों ही रहना, रूपम भी रहेगी तो मैं तीनों को संभाल नहीं सकूंगा ” और रिमझिम अब लेट गई, उसने भी अपनी ब्रा उतार कर मुझे चूची चूसने को कहा फिर मैं उसके छाती के उपर चेहरा किए चूची चूसने लगा तो रेखा दीदी मेरे चूतड के पास बैठकर मेरे लन्ड को पकड़े सहलाने लगी फिर तो रिमझिम की सिसकियां ” आह उह उई बुर खुजला रही है ” कमरे में गूंजने लगी और रेखा दीदी मेरे चूतड को चूमते हुए बोली ” रिमझिम राहुल को लिटाकर उसका लन्ड चूस और मैं उससे बुर चुसवाऊंगी ” और फिर मैं बेड पर लेट गया तो रेखा दीदी अपने लहंगे में हाथ डाल पेंटी खोल दी फिर मेरे मुंह के ऊपर बैठी तो मेरा चेहरा उसके लहंगे के घेरे में था और फिर दीदी लहंगा को कमर तक उठाई तो मैं उनकी चूत को चूमने लगा, उधर मेरा लन्ड रिमझिम मुंह में लिए चूसने लगी तो मेरी आंखे बुर पर टिकी हुई थी, साली चुदवा चुदवाक्र बुर ढीली कर दी थी जिसमें जीभ घुसाए चाटने लगा साथ ही उनके चूतड सहलाने लगा तो रिमझिम मुंह में लन्ड लिए चेहरा का झटका देते हुए मुखमैथुन करने लगी और बहन का रिंग सेरेमनी मेरे लिए सेक्स का सुख लेकर आया, मैं उसकी चूत लपलप चाटे जा रहा था तो दीदी ” आह उह उई बुर में इतनी गुदगुदी जल्दी चोद मुझे ” मैं अब रेखा दीदी की बुर से जीभ निकाला तो वो खुद मेरे चेहरे के ऊपर से हट गई और रिमझिम मेरे लन्ड छोड़ बोली ” राहुल लगता है पहले दीदी को ही पेलाई का मजा लेना है ” और रेखा दीदी तो झट से बेड पर लेट अपने लहंगा को उतार नंगी हो गई तो मैं क्या करता, झट से रेखा की जांघो को फैलाया फिर उसमें सुपाड़ा घुसाने लगा तो रिमझिम उठकर वाशरूम चली गई और मैं दीदी की बुर में धक्का देता हुआ चोदने लगा तो रेखा की बूब्स मेरे हाथ में थी, मैं तो जल्दी में इसकी चुदाई करना चाहता था ताकि लड़के वाले के आने से पहले ही हम तीनों का सेक्स सेशन तत्काल के लिए समाप्त हो जाए और मैं रेखा के जिस्म पर लेटकर धक्के देने लगा तो दीदी मेरे गाल चूमने लगी, कमर में हाथ डाले चूतड उछालना शुरू की तो मैं उनके गोल मुलायम बूब्स का एहसास अपने छाती पर पा रहा था, वो चूतड उछाल उछाल कर चुदाने में लीन थी ” आह ओह उह और तेज राहुल मेरा रस झड़ने पर है
( मैं उनके ओंठ चूम लिया ) रस निकले या नहीं अभी तो मेरी चुदाई चलती रहेगी
( रेखा चूतड स्थिर कर ली ) हां फिर लड़के वाले भी आ जायेंगे ” मैं चोदता हुआ बुर में रस का एहसास किया फिर भी दीदी की चूत में दे दनादन धक्का देता हुआ चोद रहा था, रिमझिम तो वाशरूम से निकल कर अपने कपड़े पहनने लगी तो मैं रसीले चूत में धक्का देता हुआ बोला ” रिमझिम तेरी बारी इसके बाद लेकिन रिंग सेरेमनी के बाद
( वो हंस दी ) मैं दीदी की तरह बिस्तर पर छटपटाती नही हूं, थोड़ा भी इनमे धैर्य नही है
( रेखा चूतड उछालने लगी ) सही बोली पहले चुदवाने दे फिर रात को तुझे बताती हूं ” मैं दीदी के ऊपर लेटकर चोदे जा रहा था और फिर वीर्य बुर में झड़ गया तो मैं उनके ऊपर कुछ देर तक लेटा रहा फिर उठकर फ्रेश हुआ और फिर दीदी वाशरूम घुसी तो मैं भी कपड़ा पहन लिया फिर रूम का दरवाजा खोल दिया, रात बांकि है तो बात भी…

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