Erotic Stories
Free Desi Indian Hindi Sex stories, Tamil sex stories

बदचलन बीवी की चुदाई Part – 1

This story is part of a 3-part series. You are reading part 1.
› Next: बदचलन बीवी की चुदाई Part – 2
View all 3 parts →
⏰ 1 min read

मेरा नाम करीम है। मेरी उम्र ४५ साल है। में एक छोटे से गांव में रहता हु। जो मिले वो काम करता हु। घर में एक बूढ़ी माँ है। मेरे मामू और उनकी बेगम भी उनके साथ रहती है। मेरी मामू की उम्र ७५ साल थी। उनकी बेगम की उम्र ४० साल थी उनकी ये दूसरी शादी थी। हमारे घर से उनका कमरा अलग था। एक दिन घर के पीछे मुझे ” आइइइइइ। ाहूऊऊ ” आवाजे सुनाई पड़ी तो देखा तो खाला अपने सलवार का नाडा खोल के चूत में खीरा डाल के आगे पीछे कर रही थी।
में उनके पास जाके ” खाला क्या कर रही हो।……..?
डर के खाला मेरी तरफ देख के अपना सलवार उठा ती है। में उनके हाथ से खीरा लेते हुए ” मामू अब शायद थक गए है।…… ” . खाला ” माफ़ करना, अब ये गलती नहीं होगी ” . में खाला के कमर में हाथ डालते हुए ” खाला कभी मेने किसी लड़की साथ कुछ नहीं किया। सिर्फ हाथ से मुठ मरता हु, जरा आप साथ दे तो इस गरीब को भी चुदने का मज़ा मिलेगा ” . खाला को शोक ही लगा मेरी बाते सुनके मुँह निचे झुकाते हुए ” शादी शुदा होक में भी तो कवारी हु ” . में खाला के गांड पे हाथ फेरते हुए ” चलो आज जन्नत की सेर करता हु ” . फिर उनको घर के पीछे वाली झोपड़ी में लेके जाता हु। हम दोनों किस करना शुरू करते है। खाला के सलवार का नाडा पहले से ढीला था वही गिर जाता है। में खाला के मुम्मे दबा रहा था ओर खाला हलकी आहे भर रही थी। फिर उसकी चड्डी उतरके चुत में ऊँगली करना शुरू किया। चुत पूरी तरह से गीली हुई थी। फिर कुर्ती और ब्रा दोनों उत्तारी। उसको भी मजा आने लगा। धीरे से मेरे पायजामे का नाडा खोल दिया, मेरे लंड पे हाथ फेरते हुए ” या अल्लाह, कितना बड़ा है, क्या इसे में ले पाऊँगी? ” . चूमते हुए ” क्यू नहीं खाला ले पाओगे और आपकी कोख भी हरी भरी हो जाएगी ” . झोपड़े में बेड तो नहीं था कुछ बोरिया थी। बोरियो पे पेट के बल लिटा के एक टांग उपकार के चोदना शुरू किया। खाला ” अअअअअअअ। बोहोत बड़ा लंड है तुम्हारा दर्द हो रहा मर गयी। आआआआ ” १० मिनट बाद उनको घटना पे बिठा के मेरा लंड चूसने को दिया। बड़े प्यार से खाला चसे जा रही थी। ” ओउम।…… ऊऊऊ। ” करते करते मेरे लंड को मजा दे रही थी।. फिर मेने पूरी पूरी ताक़त से उनको गोद में उठाया उनके पैर मेरे कमर पे मोड़ दिए। लंड छूट पे छू रहा था। फिर खाला ने अपने हाथो से लंड चुत में सेट किया बड़ी ताक़त से उनको लंड पे उप्पर निचे कर रहा था। आधे घंटे बाद उनको निचे उतरा फिर निचे लिटा के छूट चोदना शुरू किया १०-१२ झटको के बाद चुत में कई दिनों का वीर्य छोड़ दिया। निचे जमीन पे हम दोनों सो रहे थे।. सबेरे मामू और माँ ढूंढ़ते हुए आये। इस हालत में देख, माँ ने मुझे घर से निकल दिया।
में परेशां होके शहर आया काम ढूढ़ने लगा। काफी दिनों बाद एक पहचान वाले ने मुझे। नन्दलाल शेट से मिलवाया। नन्दलाल ५०-६० उम्रवाले थे। उनके घर में पत्नी और एक बच्चा था। शहर के बड़े रईस इंसान थे। मुझे उनोने काम पर रख लिया। में उनके यहाँ मजूरी करने लगा। माल लोड करना अनलोड करना ये काम करता था। रात के ८ बजे मालिक जाने के बाद दुकान और गोडाउन बंद करता था. और अपने जुगि झोपड़ी में चला जाता था वह पैर पसरनि की जगह नहीं थी। खाना खुद बनके खाता था।
एक दीन सब लोग जाने के बाद में गोडाउन के कोने में जाके। लंड निकाल के मुठ मारने लगा। इतने में शेटजी आये ” करीम क्या कर रहे हो? ” . में बोहोत दिनों बाद मुठ मर रहा था तो बना डरे मेने मालिक को कहा ” जी में मुठ मार रहा हु ” मुझे अजीब लगा जब शेटजी मेरा लंड देख के लाल टपका रहे थे। शेटजी ” करीम तेरा लंड तो बोहोत बड़ा और ख़ूबसूरत है में ” हां. ओहूऊ ” . शेटजी मेरे पास आके मेरे लंड पे हाथ फेरते है। और लंड पे हाथ आगे पीछे करते है फिर झुक के लंड को करीब से देख रहेथे। मेने उनका सर पकड़ के मुँह में लंड ठूस दिया। और मुँह छोड़ने लगा शेटजी ” अरे भाई धीरे करो।…….. आउउउउउ ” . फिर मुझे रहा नहीं गया शेटजी को उठाया और उनकी धोती उत्तारी। फिर उनके अंडरवियर का नाडा खोल दिया पुरे नंगे थे मेने उनके गांड को चूमना शुरू किया। फिर मेने उनके गांड के छेद ढेर सारा थूक लगा के दो उंगलिया अंदर बहार की। शेटजी ” अरे मेरी गांड मत मार बोहोत दर्द होगा ” में ” शेटजी बस थोड़ा दर्द होगा, पर बोहोत मज़ा आएगा ” . धीरे धीरे लंड छेद में लंड घुसाने की कोशिश करता हु शेटजी ” अह्ह्ह्हह्हह।……. मर गया कितना बड़ा मोटा लंड है ” . आधा लंड धकेलने के बाद शेटजी दर्द के मारे चिलाना शुरू करते है ” आआआआआ……. ”
२० मिनट गांड मरने के बाद में उनकी गांड मेही वीर्य की पिचकारी छोड़ देता हु। फिर गांड में से लंड निकाल के शेटजी के धोती से मेरा लंड और शेटजी की गांड पोंछ लेता हु।
अब में जभी मेरा मन करता शेटजी की गांड मार लेता हु। एक शेटजी कुछ सामान घर लेके उनके घर भेजते है। में जब घर पे आता हु तो मालकिन को देख के आँखे फटी की फटी रहगयी। उनका नाम निर्मला था। उम्र करीब ४०-४५ की थोड़ी मोटी, रंग दूध जैसा गोरा। मम्मे भी ३६ के। गुलाबी कलर की साडी पहनी थी सर पे पल्लू था। नाभि के निचे साडी बाँधी थी। में ” नमस्ते मालकिन, में वो ” . मालकिन ” सामान लाये हो ” . में ” जी हां. ”
फिर में हमेशा उनके घर जाता था। हलकी फुल्के मज़ाक भी किया करता था। एक दिन में सवेरे उठा तो अगल बगल में बोहोत आवाजे आ रही थी। मेने लोगो से पूछा तो उनोन्हे बताया शहर में दंगे हो रहे। में नाहा धो के दूकान की तरफ जाने लगा। रास्ते में मालकिन मिली। मेने ” नमस्ते मालकिन, आप इस माहौल में कहा जा रहे हो? ” मालकिन ” करीम, शहर में दंगे हो रहे है, में अपने दुकान और गोडाउन देखने जा रही हु, सारा माल अगर लूट लिया तो हम कही के न रहेंगे ” . में ” तो आप क्यों आयी, शेटजी आते ” . मालकिन ” तुम्हारे शेटजी तो डर के मारे पलंग के निचे चुप गए है ” . में ” साला हरामी, ( मालकिन को देखते हुए ) माफ़ करना गलतीसे।……. ” . फिर हम दोनों दुकान के पास जाते है। दंगाई लूट मार की फिराक में थे। मालकिन अपना पल्लू कमर पे बांध के हाथ में डंडा लिया, मेने भी हाथ में डंडा लिया और दुकान और गोडाउन के सामने खड़े हुए। दंगाई लोग ” हट जाओ नहीं तो मारे जाओगे ” . में मालकिन के सामने आके ” उसे पहले मेरी लाश से गुजरना होगा ” . मालकिन मेरे पास आती है पहली बार इतनी सुन्दर औरत को में छू रहा था। बोहोत लोगो ने हमे माँ बेहेन से गालिया दी पर हम नहीं हटे। फिर बाकी दुकानदार वहा पे आये साथ में पुलिस भी आयी तो दंगाई भाग गए। मालकिन मेरा हाथ पकड़के ” शुक्रिया करीम, आप ने जान की पर्वा किये बिना हमारी मदत की, तुम सच में मेरे भगवान हो ” . में भी चांस मरते हुए उनको खींच के उनके पीठ पे हाथ रख दिया ” अरे मालकिन इसकी कोई जरुरत नहीं, आप की सेवा करना ( पीठ पे हाथ घूमते हुए ) मेरा काम है ” . मालकिन ” मेरे पति तो कुछ काम के नहीं, वो मर्द क्या काम का जो मुसीबत में भाग जाए ” . मेंरा हौसला और बढ़ता है में मालकिन के कमर में हाथ डालके ” मालकिन आपके लिए तो जान हाजिर है ” . मालकिन मेरी इस हरकत में कुछ नहीं बोलती। तो में उनके कमर को दबाते हुए ” चलो आपको घर तक छोड़ता हु ” . मालकिन ” कोई दिक्कत नहीं में चली जाउंगी ” . में ” हालात ख़राब है। मेरा काम है आपको सही सलामत घर छोड़ना ” . फिर हम दोनों घर के लिए निकल पड़ते है मालकिन ” तुम्हारी शादी हुई है? ” . में ” नहीं मालकिन ” . मालकिन ” कोई पसंद नहीं आयी ” . में ” पसंद या न पसंद मायने नहीं करता बस पैसा होना चाहिए ” . अचानक पुलिस के गाड़ी का सायरन बजता हे मालकिन दर के मुझे चिपक जाती है फिर से में उनके कमर में हाथ डालके ” डर गयी आप? ” मालकिन हस्ते हुए ” नहीं वो अचानक से।……. में अब मे उनके कमर पे आराम से हाथ घुमा रहा था। मुझे लगा मालकिन भी मजे ले रही थी। फिर उनका घर आता है में कमर से हाथ निकलते हुए ” जी मालकिन अब में निकलता हु ” . मालकिन ” थोड़ी देर रुको, अभी भी बहार खतरा है। ” में ” पर में कैसे रुक सकता हु? ” . मालकिन ” क्यों नहीं, मेरी कमर में हाथ फेर सकते हो ( तिरछी नज़र से )? ” . में सर झुकाके खड़ा था। मालकिन मेरा हाथ खिंच ते हुए ” चलो भी ” . अंदर जाने के बाद बोहोत बड़े कमरे थे। उनके बैडरूम में लेके जाती है। बेड निचे शेटजी धोती बनियान में छुपे होते है। मालकिन ” बाहर निकालिये, आप मर्दो हो या नहीं ” बेड से बहार निकल के नन्दलाल निर्मला को चाटा मारता है ” साली रण्डी ” में ” साले नन्दलाल आज तो तेरी गांड फाड़के रखता हु ” ये बोलके में अपने पायजामे का नाडा खोलता हु अंदर कोई अंडरवियर नहीं थी। पायजामा निचे गिरता है। फिर में अपना कुरता उत्तारके फेक देता हु। अब बे पूरा नंगा था। मेरा १० इंच का तना हुआ लंड मालकिन के सामने डोल रहा था। फिर नन्दलाल को पकड़ के बेड पे लिटा दिया। फिर में नन्दलाल को दो घुसे मारता हु फिर नन्दलाल गिर पड़ता है। उसकी धोती निकल के फेक देता हु फिर उसकी अंडरवियर निकल के फेक ता हु। नन्दलाल के गांड के छेद पे थूक लगाके लंड सेट ताकना शुरू करता हु। आधा लंड जाने के बाद उसे चोदना शुरू करता हु। नन्दलाल ” अअअअअअअ बचाओ निकाल तेरा लंड ” में ” चुप भड़वे कितने दिनसे कोई चुत मिली नहीं है ” . निर्मला मेरे पास आके छाती पे हाथ घूमते हुए ” तुम सिर्फ मर्दो की गांड मरते हो।……. या औरतो को भी चोदते हो? ” में नन्दलाल के गांड में से लंड निकाल के निर्मला के गांड पे हाथ घूमाते हुए ” जाने मन ये लंड औरतो के चुत के लिए है ” . निर्मला मेरे से लिपट जाती है। नन्दलाल ” मेरी बीवी को हाथ लगाया तो देख लेना ” . निर्मला नन्दलाल के गांड में लाथ मारके निचे गिराती है. निर्मला ” अबे रंडी के बीज वो छुए गा भी तेरी बीवी की चुत भी चोदेगा अब बोल ” . ये सुनके मेरे अलग जान मेरे लंड में आ जाती है। में निर्मला की मान पकड़के चूमना शुरू करता हु। फिर मेरी जबान मुँह में डालके चूसना शुरू करता हु। उसका पल्लू कब का निचे गिर जाता है। फिर में निर्मला के ब्लाऊज़ के उप्पर से बूब्स दबाना शुरू करता हु। फिर उसके ब्लाऊज़ के बटन खोलना शुरू करता हु निर्मला धीरे धीरे आहे भरना शुरू करती है ” अह्ह्ह्हह।…….. ” फिर निर्मलाकि ब्रा और पेटीकोट में थी। मेने उसके पीछे जाके ब्रा का हुक खोल दिया। गोरा चिट्टा बदन देख के मेरा लंड और कड़क हुआ। निर्मला के बूब्स तो माशाल्लाह। दूध जैसे गोरे, निप्पल्स पिंक कलर के थे। ४०-४५ के उम्र में भी ऐसे बूब्स एकदम कड़क देख के हैरान हुआ। फिर एक हाथ में बूब्स दबाना शुरू किया और दूसरे हाथ से पेटीकोट का नाडा खोल दिया। निर्मला एक छोटी निकर में एक सुन्दर हूर दिख रही थी। निर्मला को गोरा चिट्टा बदन देख के मेरा लंड और कड़क हुआ। निर्मला के बूब्स तो माशाल्लाह। दूध जैसे गोरे, निप्पल्स पिंक कलर के थे। ४०-४५ के उम्र में भी ऐसे बूब्स एकदम कड़क देख के हैरान हुआ। फिर एक हाथ में बूब्स दबाना शुरू किया और दूसरे हाथ से पेटीकोट का नाडा खोल दिया। निर्मला एक छोटी निकर में एक सुन्दर हूर दिख रही थी। निर्मला को बेड पे लिटाके उसकी निकर निचे खिंच दी उसकी चुत गुलाबी कलर की थी उस पे हलके झाट के बाल थे। बोहोत सुन्दर लग रही थी चुत। मेने अपनी जुबान चुत की पंखुड़ियों पे घिसना शुरू किया। फिर चुत के दाने पे जुबान घिसना शुरू की निर्मला ” अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह।….. करीम पहली बार किसिने मेरी चुत चाटा है।…. करो और करो ” . ५ मिनट चुत चाटने के बाद मेरे मुँह में झड़ जाती है पूरा पानी निगल जाता हु। निर्मला ” करीम कितना मजा दिया तुमने ” . फिर उठ के बेड कोने में आके खड़ा होता हु। और अपने लंड पे हाथ घूमाने लगता हु। फिर लंड निर्मल के मुँह में देता हु निर्मला बड़े प्यार से चूसना शुरू करती है। फिर प्यार से मेरा लंड को उठा के गोटो को प्यार सेहलाना शुरू किया फिर मुँह में लेके चूसना शुरू करती है। में अपने तगड़े लंड से उसके बूब्स पे बारी बारी मार ता हु फिर निर्मला की एक तंग ऊपर करके लंड चुत में पेल दिया चुत बड़ी टाइट थी लंडभी मेरा घिस गया वहा निर्मला ” अह्ह्ह्हह।……. आओ।……. मर गयी कितना बड़ा लंड है फट गयी चुत ” . १०-१२ झटको के बाद निर्मला आराम से चुद रही थी। फिर उसे घोड़ी बनाया और उसके बालों का जुड़ा बनाके चोदने लगा। वह निर्मला नन्दलाल को चिढ़ाते हुए ” नंदू तूने बड़ा तगड़ा घोडा लाया है। अअअअअअअ ” . फिर निर्मला का पानी छूट जाता है। फिर उसको गोदी में बिठा के चुत में लंड डाल दिया। और उसे उठक बैठक लगायी। थोड़ी देर बाद निर्मला मेरे लंड पेही पानी छोड़ देती है। फिर निचे झुक के लैंड चूस के साफ़ करती है। में निर्मला को साइड में लेटाके एक पैर उप्पर करके चोदना शुरू करता हु मेरा स्पीड पढाके चुत में वीर्य छोड़ देता हु।. फिर निर्मला नन्दलाल के धोती से अपनी चुत और मेरा लंड साफ़ करती है। हम दोनों नन्दलाल के बेड पे नंगे ही सो जाते है श्याम को में कपडे पहनके घर चला जाता हु दूसरे दिन।

This content appeared first on new sex story .com

Also Read: Massage Lene Ki Jagah Deni Padi

Kahani ka dusra bhag padhna na bhule………. Kahani pasan aayi ho to comment jarur kare

This story बदचलन बीवी की चुदाई Part – 1 appeared first on erosstories.com

Part 1 of 3 complete
Continue to Part 2 →
बदचलन बीवी की चुदाई Part – 2
View all 3 parts →