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जीजा और साली साथ में घरवाली : भाग २

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फ्रेंड्स
मैं तो जीजू के साथ नग्न अवस्था में थी तो दीदी भी उधर से आई और फिर मैं बेड पर लेटकर जीजू को देखने लगी, मैं जिया दीदी दीपा और जीजू विवेक तीनों ओरल सेक्स का मजा ले चुके थे तो अब मुझे चुदवाने की इच्छा थी और विवेक का मोटा लंबा लन्ड चूसने के बाद और फुंफकारने लगा था। दीपा दीदी अपने नाईट गाऊन को उतार नंगी हुई फिर बोली ” विवेक तुम लेट जाओ डियर
( जीजू हंस दिए ) अभी तो जिया की चूत चुदाई करनी है ” और फिर मेरे दोनों जांघो के बीच लन्ड पकड़े जीजू बैठे तो दीदी मेरे चेहरे के पास बैठकर बूब्स पकड़े दबाने लगी तो विवेक सुपाड़ा को बूर के दरार में रगड़ते हुए चूत के अंदर घुसाया और धीरे धीरे लन्ड को बूर में घुसाने लगा, २/३ लन्ड चूत में घुसा होगा की मेरी चूत का हाल खराब होने लगा तभी विवेक थोड़ा सा लन्ड बाहर कर जोर का धक्का दे मारा और मैं चींख उठी ” आह ओह उह फाड़ दिया
( दीदी मेरे चूची को पकड़ मुंह में भरने लगी ) बहुत चुदवाने का मन करता है ना तो जीजू से दो चार बार चुदवा लो फिर सब समझ में आएगा ” और विवेक चोदने में लीन था तो दीदी मेरे चूची चूसने में मस्त थी, मैं लेटे हुए दीदी के सीने से लगे चूची को पकड़ दबाने लगी तो विवेक का हरेक धक्का मेरी चूत का तार तार ढीला कर रहा था और मैं लेटे हुए चुदाई का मजा ले रही थी तभी दीदी चूची मुंह से निकाल पूछी ” क्यों मेरी चूत चाटेगी
( मैं हंस दी ) क्यों नही दीपा ” और वो मेरे मुंह के ऊपर बैठ गई तो उनके जांघों के बीच चूत की लालिमा देख मन खुश हो गया और मैं उसपर चुम्बन देते हुए उनके चूतड को सहलाने लगी तो दीपा थोड़ा सा चूतड नीचे कर दी जिससे मैं आसानी से उनके दरार में जीभ घुसाए चूत चाटना शुरू की तो मेरी रसीली चूत में विवेक का लन्ड गपागप अंदर बाहर हो रहा था और मैं अब स्वर्ग की सैर कर रही थी, फिर दीदी की चूत से जीभ निकाल सिसकने लगी ” आह ओह उह उई और तेज चोद ना मेरी चूत का तो भुजिया बना दिया
( दीपा मेरे मुंह पर से हट गई ) अब तेरी चूची चूसती हूं ” और दीपा मेरे स्तन को मुंह में लिए चूसने लगी तो मैं आज जीजू से दूसरी बार चुदाई का मजा ले रही थी। दीपा मेरी चूची मुंह से निकाल बगल में लेट गई तो विवेक मेरे बदन पर लेटकर चोदने लगा और मेरे चेहरे को चूमने लगा तो उसके बदन के नीचे लेटकर उसके लन्ड का धक्का सहते हुए मस्त थी, तभी दीपा बोली ” विवेक थोड़ा मुझ पर भी ध्यान दो ” £और विवेक जिया के चूत से लन्ड निकाल फ्रेश होने चला गया तो मैं बिस्तर पर लेटी हुई दीदी की ओर देखी तो इस बार का मजा अलग था।
मैं चित लेटी हुई थी तो मेरे जांघों के बीच चेहरा किए दीदी डॉगी स्टाइल में कोहनी और घुटनों के बल हुई और मेरे चूत चाटने लगी जबकि विवेक दीपा के चूतड के सामने बैठकर उसे चूमने लगा और उनके जांघों को फैलाकर लन्ड पकड़े बूर में घुसाने लगा, मैं उंगली से चूत फैलाई तो दीपा उसमें जीभ घुसाए चाटने लगी और अचानक से चिंहुक पड़ी ” आह फाड़ेगा क्या
( विवेक तो दीपा की चूत में धक्का दिए जा रहा था ) तेरी चूत में तो घोड़े का लन्ड ही कुछ कर सकता है डार्लिंग
( मैं चूत चटवाते हुए बोली ) उह आह अब दुबारा रस निकल जाएगी ” और दीपा मेरे बूर की दोनों फांकों को मुंह में लिए चूसने लगी तो मैं अपनी बूब्स दबाते हुए मस्त थी फिर चूत से रस निकल पड़ा और दीपा मेरी चूत छोड़ दी तो मैं उठकर बगल में लेटी और जीजू तो दीदी को चोदे जा रहे थे, दीपा अब अपने कमर को हिलाना शुरू की तो विवेक चोदते हुए मस्त था और दीदी चूतड को हिलाते हुए आहें भर रही थी ” आह ओह उह और तेज चोद डियर मेरी चूत रस फेंकने वाली है ” फिर जीजू दो चार धक्का मारे और दीदी की चूत रसीली हो गई तो विवेक लन्ड को चूत से निकाल लेट गया और मैं उठकर जीजू के लन्ड के पास बैठी फिर उसे चूमने लगी तो दीदी अब जीजू के मुंह के ऊपर चूची किए बोली ” ले बेटा दूध पी ले फिर चोदना अपनी बहन को
( मैं जीजू के लन्ड चूमते हुए बोली ) जीजू की मैं बहन नहीं साली हूं आधी घरवाली हूं दीपा ” फिर मैं जीजू के लन्ड का सुपाड़ा मुंह में लिए चूसने लगी तो जीजू दीपा की चूची चूसने में मस्त थे, उनका ७-८ इंच लम्बा और दो इंच मोटा लन्ड पूरी तरह से मुंह में नही घुस सकता था सो आधा लन्ड मुंह में लिए सर का झटका देते हुए मुखमैथुन करने लगी और दीपा आहें भर रही थी ” आह उह उई अब नही छोड़ो मेरी चूची
( विवेक हंसते हुए बोले ) आ मेरी मां मेरे मुंह पर बैठ ” और मैं विवेक के लन्ड को चूसकर लाल कर दी फिर जीभ से चाटते हुए झांट में उंगली घुमाने लगी, दीदी जीजू के मुंह पर बैठ गई तो मैं बोली ” जीजू तेरे लन्ड पर बैठकर चुदवाने वाली हूं ” और उसके लन्ड के ऊपर चूतड किए बैठी फिर उनके लन्ड को पकड़ अपने चूत में घुसाई तो विवेक मेरी चूत में नीचे से धक्का देकर आधा लन्ड घुसाया और मैं चूतड नीचे करने लगी तो उनका लन्ड मेरी चूत में घुसने लगा, फिर तो मैं खुद चूतड उछाल उछाल कर चुदाने लगी और दीपा की चूत में जीभ घुसाए जीजू उसे चाट रहे थे, मेरी चूत तो आज एक बार चुदाई का मजा लेकर मस्त थी तो उसकी फलक ढीली पड़ चुकी थी सो आराम से चूतड ऊपर नीचे करते हुए चुदाने लगी और दीदी ” आह ओह उह हाई रे बुरचट्टा तेरी मां भी इतने प्यार से नही चटवाती होगी ” और मैं कुछ देर बाद जीजू के लन्ड पर से उतर बगल में लेट गई तो दीपा भी उनके मुंह पर से हटी फिर क्या था जीजू फ्रेश होने चले गए और मैं दीदी की ओर करवट लिए उनके चेहरे को चूम ली ” क्यों दीदी बूर में ही वीर्य लूं या फिर कंडोम रखी हैं
( वो मेरे चूतड सहला दी ) तो फिर पेट से हो गई तो समझना ” और दी फिर दोनों बहनें बेड पर नंगे लेटी जीजू के इंतजार में थी……
विवेक वापस आए फिर उन्होंने मुझे देख बोला ” अब मैं कुछ देर में ही वीर्य स्खलित कर दूंगा क्यों क्या विचार है
( मैं बोली ) ये आप जानें जीजू मुझे तो खुजली मिटानी है ” और फिर विवेक मेरे जांघों को फैलाकर लन्ड पकड़े बैठ गए, अपना लन्ड चूत में घुसाने लगे तो दीदी लेटकर देख रही थी और १/३ लन्ड चूत में घुसा होगा की जीजू जोर का धक्का देकर पूरा लन्ड चूत में घुसा दिए और मैं चिंहुक उठी ” उई मां मर गई मेरी चूत का तो कचूमर बन गया
( दीपा दीदी मेरे मुंह के उपर अपना चेहरा किए ओंठ चूमने लगे ) बेबी तू बहुत ही पहुंची हुई चीज है ” और उन्होंने अपनी जीभ मेरे मुंह में घुसाई तो मैं उनके जीभ चूसते हुए उनके सीने से लटकते चूची को पकड़ दबाने लगी, विवेक का लन्ड मेरी चूत को चोदे जा रहा था तो गीली चूत में लन्ड की रफ्तार तेज थी और मैं चुदाई का मजा लेते हुए दीपा के जीभ चूसने में मस्त थी तो मेरा हाथ उनके गोल गुंबदाकार गांड़ पर था जिसे सहलाते हुए कुछ देर जीभ चूस ली फिर दीपा जीभ निकाल मेरे बगल में बैठ गई तो जीजू मेरे जिस्म पर लेटकर चोदने लगे और मै उनके कमर पर हाथ रख चूतड ऊपर नीचे करने लगी ” आह ओह उह और तेज चोदिए जीजू आपका लन्ड बहुत ही कड़ा है
( दीदी उठकर चली गई और जीजू बोले ) तुम भी रुको एक बार तुम्हें भी चोदूंगा ” लेकिन दीदी नाईट गाऊन पहन रूम से निकल गई और जीजू मेरे बदन पर लेटकर चोदने में मस्त थे तो मैं चूतड उछाल उछाल कर चुदाने में लीन थी, अब मेरी चूत गर्म हो चुकी थी तो विवेक चोदते हुए हांफने लगे ” लगता है दीपा नाराज हो गई
( मैं चूतड स्थिर किए हुए चुदाने लगी ) उन्हें मना लूंगी पहले आप मेरी चूत को तो ठंडा कीजिए ” और वो चोदते हुए मस्त थे, मैं उनके लन्ड से चुदाते हुए अब वीर्यपात की उम्मीद कर रही थी और वही हुआ, ८-१० धक्का लगते ही मेरी चूत में वीर्य का फव्वारा छुट पड़ा तो विवेक मेरे जिस्म पर लेटा हुआ गाल चूम लिया ” और बेबी कैसा लगा
( मैं हंस दी ) अब हटिए जीजू आपने तो मेरी चूत मे ही वीर्य झाड़ दिया ” और दोनों अलग हो गए फिर जीजू फ्रेश होकर अपने रूम चले गए तो मैं फ्रेश होकर अपने रूम घुसी जहां मॉम गहरी निंद्रा में थी

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