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जिया की कामुक गाथा : भाग ३

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दोस्तों
पिछले भाग में आपने पढ़ा की कैसे मैं ( जिया ) अपने मौसेरे भाई के साथ हमबिस्तर होकर मजा की और शाम ७:०० बजे मां घर आई तो विनय तभी पास के मार्केट गया था, देर रात साथ में बियर पीना था और फिर सेक्स का मजा लेना था, वैसे एक बार चुदाई कराकर मेरा हाल खराब हो चुका था तो भी विनय इसी शर्त पर यहां रात को रुकने को तैयार हुआ था लेकिन घर में मां के रहते ये घिनौना काम करना रिस्की था फिर भी रात तो सोने के लिए ही बनी है और मेरी जैसी उमड़ती जवानी के लिए जागना जरूरी था, मां घर आने के बाद रूम गई तो बिस्तर का हाल देख मुझसे पूछी ” बिस्तर का हाल तो देखो तुम कर क्या रही थी
( मैं बोली ) कॉलेज से आकर आराम कर रही थी तो गुस्से में क्यों हो
( मां शक भरी निगाहों से मुझे देख बोली ) ठीक है तुम जाओ मैं कपड़ा बदलूंगी ” और मैं रूम से निकल गई फिर सोचने लगी की मां को पहले से ही शक हो चुका है और ऐसे में रात को दुबारा विनय के साथ सेक्स करना, मुझे तो डर लग रहा था और मैं झट से विनय को कॉल की ” हां बोल जिया
( मैं बोली ) प्लीज तुम नींद कि दवाई लेते आना
( वो ) ओह तुम कैसी बातें कर रही हो, वो आराम से सोएगी फिर
( मैं बोली ) ओह जिद्दी मत बनो, लेते आना ” ये कहकर कॉल डिस्कनेक्ट कर दी और फिर किचन आकर चाय बनाने लगी, फिर मां भी डाइनिंग हाल आई तो मैं दो प्याला चाय लेकर किचन से निकली, उनको चाय दी फिर बगल के कुर्सी पर बैठकर चाय पीने लगी तो मां मेरी ओर देख बोली ” ये विनय कितने देर पहले आया था
( मैं बोली ) यही कोई १५ मिनट पहले लेकिन तुम नही थी सो कुछ काम से निकल गया ” मैं आपको अपनी मां के बारे में बता दूं, उनकी उम्र ३८-३९ साल होगी साथ ही बदन थोड़ा फैला हुआ साथ ही हमेशा ही सज संवर कर रहती है, उनका अफेयर मेरे पापा के दोस्त के साथ भी था तो उनकी बड़ी बड़ी चूचियां साथ ही गोल गुंबदाकार चूतड देख कोई भी उनकी ओर आकर्षित हो सकता था और फिर मेरी मां रेणु ने चाय का प्याला रख दी, पूछी ” जिया तेरे शादी के लिए पापा लड़के देख रहे हैं, उम्र तो तेरी शादी की हो ही चुकी है फिर भी कोई ऐसा काम मत करना जिसकी वजह से हम लोगों की बदनामी हो ” मैं दिखावटी गुस्सा करते हुए वहां से उठी फिर अपने रूम जाकर लेट गई, वैसे भी विनय मेरे साथ घंटे भर तक सेक्स कर मुझे थका दिया था लेकिन मेरी मां तो मेरे पीछे ही पड़ गई थी, रूम आई फिर बत्ती जोकि बंद थी को ऑन कर बेड पर बैठ गई ” मेरी बातों का बुरा लगा
( मैं बोली ) सॉरी मॉम मुझे सब समझ है ” और फिर मां के साथ मैं खाना बनाने में लग गई तो मुझे आत्मग्लानि तो हो रही थी लेकिन उस मस्ती के आगे सब कुछ फीका ही था, थोड़ी देर बाद विनय भैया आए फिर मौसी का चरण स्पर्श कर कुर्सी पर बैठे, मां भैया से बात करने लगी ” एक ही शहर में रहकर महीनों बाद आते हो
( विनय की बातों को मैं सुन रही थी ) ठीक है मौसी गलती हो गई, अब हर रविवार आकर यहीं रुकूंगा फिर तो आप खुश ” मैं किचन से निकली और विनय भैया को देखते हुए बोली ” आप कपड़े बदल लो लगता है साथ में कोई कपड़ा नहीं लाए हो
( वो हंस दिया ) है अभी लाता हूं ” फिर विनय बाहर निकला और वापस एक बैग लेकर आया, सीधे गेस्ट रूम चला गया तो मां बोली ” आज रात तुम मेरे बेडरूम में ही सो जाना
( मैं ) ओह मॉम सो क्या प्रॉब्लम है, मैं अपने रूम में ही रहूंगी ” ।
रात १०:०० बजे मां खाना खाई तो मुझे खाने की इच्छा नहीं थी इसलिए विनय साथ में खाना खा लिए फिर मां मुझसे बोली ” तुम भी खाना जल्दी ही खा लेना
( मैं ) ठीक है आप निश्चिंत होकर सोइए ” और मैं अपने बेडरूम आई फिर अपने नाईट गाऊन पहनकर लेट गई, मुझे तो बियर पीने कि इच्छा हो रही थी और तभी मेरे मोबाइल पर व्हाट्सएप मेसेज आया ” जिया बियर रेफ्रिजरेटर में रखा है पी लेना ” , मैं घ्बड़ा गई की कहीं मां फ्रिज को खोली तो मेरा आज ही जनाजा निकल जायेगा, रूम से निकल डाइनिंग हॉल गई फिर फ्रिज से बियर की बोतल निकाल सीधे छत पर चली गई और वहीं बियर की बोतल खोल पीना शुरू की, छत के एक कोने में बने स्टोर रूम में मैं सिगरेट की पैकेट छुपा के रखती थी और सिगरेट पीते हुए बियर पीने लगी। कुछ देर बाद बियर पीकर नीचे अपने रूम आई फिर बेड पर लेट विनय को व्हाट्सएप मेसेज की ” तुम रूम में कब आ रहे हो
( वो मेसेज किया ) थोड़ा इंतजार करो, मौसी को गहरी निंद्रा में सोने दो ” और मैं बेड पर ही लेटी रही, तकरीबन ११:१५ बजे मेरे रूम की दरवाजा खुली तो विनय अंदर आया फिर दरवाजा बंद कर मेरे पास बेड पर आकर बैठ गया ” क्यों खाना नहीं खायेगी
( मैं लेटे हुए उसके पेंट पर से ही लन्ड के उभार को पकड़ ली ) इसको ही खाऊंगी क्यों इससे पेट नही भरेगा ” तो विनय चुप रहा और मेरे नाईट गाऊन की डोरी को खोल मेरे जिस्म से निकाला लेकिन अभी तो एक ड्रेस और भी था जिससे मेरी बूब्स ढकी हुई थी साथ ही मेरे कमर से थोड़ा नीचे तक ये था फिर भी विनय मेरे बूब्स को पकड़ दबाना शुरू किया साथ ही उस ड्रेस को ऊपर की ओर करते हुए मेरी पेंटी खोल बुर सहलाने लगा और मैं उसके सामने जांघें फैलाई लेटी थी, फिर खुद ही उस ड्रेस को गले से बाहर कर नंगी हो गई। विनय झट से मेरे ऊपर सवार होकर मेरे चेहरे को चूमने लगा तो मैं उसके गाल चूम रही थी साथ ही उसके बनियान को गर्दन तक कर दी तो वो बनियान उतार दिया फिर मेरे रसीले ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन देने लगा तो मैं अपनी जीभ निकाल उसके ओंठ को चाटने लगी, विनय मुंह खोल जीभ अंदर लिया फिर चूसने लगा तो उसके कसरती बदन के नीचे लेटकर मैं मस्त थी और विनय जीभ चूसने मे लीन था, मेरी बंद आंखें और आपस में सांसों का टकराना दोनो के कामुकता को बढ़ा रहा था और कुछ देर बाद मैं उसके चेहरे को पीछे कर जीभ निकाल दी।
विनय बिना देर किए मेरे बूब्स को पकड़ा फिर मुंह में लेकर चूसने लगा तो मेरी बुर खुजलाने लगी और मैं उसे छाती से लगाए चूची चुसवाते हुए जांघो को आपस में रगड़ने लगी और विनय मेरे चूची को चूस चूसकर लाल कर दिया फिर वो दूसरे बूब्स को पकड़ उसके निप्पल को जीभ से चाटने लगा तो मैं आहें भर रही थी ” उह ओह आह विनय अब प्लीज अपना वाला डाल दो ना
( वो मुझे देख बोला ) इतनी जल्दी क्या है बेबी, अभी जरा चाटने तो दो ” और वो कमर तक चूमा फिर जांघो के बीच चेहरा किए अपने नाक को बुर के दरार में रगड़ने लगा, बुर की खुशबू तो होगी ही साथ ही उसको साफ कर एक क्रीम लगाई थी फिर बुर के ऊपरी हिस्से को चूमता हुआ विनय मेरे कमर को कसकर पकड़ लिया, मैं कामुक हो चुकी थी और विनय मेरे बुर को फैलाकर उसमें जीभ घुसाए चाटने लगा लेकिन साला अपना लौड़ा पैंट में हीं छुपाकर रखा था, मेरी बुर की गहराई तक जीभ घुसाए लपलप चाटने लगा तो उसका एक हाथ पकड़ मैं अपने बूब्स पर लगाई फिर तो बुर में मानो अनगिनत कीड़े रेंगने लगे ” ओह आह अब प्लीज छोड़ दो बुर से रस निकलने पर है ” और वो जीभ निकाल बुर के फांकों को ओंठो के बीच लिए चूसने लगा, मैं तो चुदाने को तड़प रही थी और बुर से रस निकलते ही मैं ढीली पड़ गई तो विनय वाशरूम चला गया।
विनय वापस आया तो उसके हाफ पैंट पर से ही लन्ड का उभार साफ दिख रहा था और मैं नंगे ही बेड पर उठकर बैठी और वो ज्योंहि बेड पर चढ़ता मैं उसके पेंट को कमर से नीचे कर नंगा कर दी, साला उसका लन्ड पूरी तरह से टाईट था जिसे मैं बेड के किनारे पर बैठे हुए ही पकड़ ली फिर उसे चूमने लगी तो विनय बेड के पास खड़ा था, उसके सुपाड़ा को अपने जीभ पर रगड़ने लगी फिर उससे नजरें मिलाते हुए लन्ड मुंह में भरकर चूसने लगी, साला मेरी बुर का कचूमर निकाल दिया था उसको भी लन्ड चूस कर बता दूं कि मैं कितनी बड़ी रण्डी हूं और मुंह को स्थिर रखे उसके २/३ लन्ड चूसने लगी तो विनय एक पैर बेड के किनारे पर रखा फिर हाथ बूब्स पर लगाए दबाने लगा। विनय का लन्ड मुंह का प्यार पाकर कड़ा हो चुका था और वो मेरे बाल को सहलाते हुए आहें भरने लगा ” उई उफ आह अब तो साली चेहरा हिलाकर लन्ड चूस ” और मैं उसके लन्ड मुंह से निकाल जीभ से चाटने लगी तो विनय मेरे बूब्स दबाते हुए पूछा ” दवाई डालो फिर घुसाता हूं
( मैं लन्ड को पकड़ सुपाड़ा को गाल पर रगड़ने लगी ) थोड़ा धैर्य रखो ” और मैं उसे बेड पर लेटने को बोली तो उसके कमर के पास बैठकर लन्ड पकड़ सीधे मुंह में ले ली और सर का झटका देते हुए मुखमैथुन करने लगी, विनय लेटे हुए मेरे बूब्स दबा रहा था तो मैं लन्ड चूसने में मस्त थी और पूरा बदन कामुकता के गिरफ्त में आ चुका था और तभी दरवाजे को कोई नॉक करने लगा, मैं तो समझ गई कि मां के अलावा कौन होगा सो झट से कपड़ा पहनी और विनय वाशरूम में डर से छुप गया, मैं जानबूझकर आंखें मिंजते हुए जाकर दरवाजा खोली तो मां खड़ी थी ” क्या हुआ मॉम
( वो गुस्से में दिख रही थी, सीधे रूम में घुसी ) विनय तो रूम में नही है, आखिर तुम दोनों ऐसे घिनौने काम करने से पहले सोचे तक नहीं ” और मैं क्या बोलती, तभी मॉम वाशरूम का दरवाजा धकेली जोकि अंदर से बंद था ” विनय बाहर आओ, सुन रहे हो ” और वो बाहर आया तो मॉम उसके पेंट के उभार को गिद्ध दृष्टि से देखने लगी और मैं तो खड़ी थी, मॉम बिना कुछ बोले विनय के हाथ पकड़ अपने चूची पर लगा दी ” लो दबाओ, मौसी के साथ क्या दिक्कत जब अपनी बहन के साथ ऐसा कर सकते हो
( विनय मॉम के चूची पर से हाथ हटाया ) सॉरी जिया ही मुझे छेड़ी थी ” और मेरी मॉम रेणु झट से उसके पेंट को कमर से नीचे कर लन्ड पकड़ ली ” अब तू देख साली तेरी मां कितनी बड़ी राण्ड है
( मैं बेड पर जाकर लेट गई ) ठीक है तो फिर मुझे सोने दो आप लोग दूसरे रूम में जाओ ” रेणु ब्लू रंग की नाइटी पहनी हुई थी तो वो लन्ड सहलाते हुए बोली ” पहले तू इससे चुदेगी ठीक है और मैं देखूंगी आखिर भतीजा जवान हो चुका है ” और पल भर में तीनों बिस्तर पर नंगे थे तो मैं टांगे चिहारे लेटी फिर विनय को दवाई थमाई तो विनय मेरी बुर में दवाई घुसाने लगा और मॉम मेरे बूब्स को पकड़ मुंह में लिए चूसने लगी तो मैं मॉम के सीने से लटकते चूची को पकड़ मसलने लगी। विनय मेरी बुर में गर्भनिरोधक दवाई घुसाया फिर मेरी जांघों को सहलाते हुए अपनी मौसी के चूतड पर थप्पड़ मारने लगा तो मैं बोली ” वाह विनय क्या तकदीर है तेरी मां बेटी दोनों एक साथ तेरे सामने नंगे हैं
( मां मेरी चूची मुंह से निकाल सीधे बैठी ) क्या विनय मेरी गांड़ तुझे पसंद है ना, पहले इसको मजे लेने दे फिर मेरी गांड़ चोदना ” और विनय मेरे जांघों को सहलाते हुए चूत चुदाई का इंतजार करने लगा तो मॉम नंगे कोई सेक्स बॉम्ब लग रही थी, आगे क्या हुआ, अगले भाग में।

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