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जिया एक कॉल गर्ल : भाग ३

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हेलो रीडर्स,
पिछले भाग के आगे… जिया की चूत कुटाई हुई थी और दस मिनट तक बेड पर रहने के बाद उठकर वाशरूम घुसी तो मोहित बेड पर लेट गया, मैं सीधे झरना के नीचे बैठी तो एक छोटे से रैक पर बॉडी वाश की बोतल देखी, वाह होटल में तो सब सुविधाएं है और मैं अब तन को भिंगोकर बॉडी वाश लगाने लगी, खास कर बुर की चिपचिपाहट दूर करने के लिए उसे उंगलियों की मदद से अंदर लगाकर रगड़ी फिर अपने गोरे खूबसूरत जिस्म पर लगाकर स्नान की, अब मेरे तन की प्यास बुझ चुकी थी लेकिन ये कुत्ता तो एक दफे जरूर और पेलता, मैं नंगे जिस्म रूम में घुसी और वक्त दोपहर के १२:१५ हुए थे और मोहित मुझे देखता हुआ बोला ” डियर लंच में क्या खाओगी
( मैं बोली ) कुछ हल्का फुल्का ही नही तो दुबारा मजा नही दे पाऊंगी ” तो कुछ देर बाद मसाला डोसा का ऑर्डर उसने दिया और मैं बेड पर नंगे ही लेटी रही, कुछ देर बाद डोर बेल बजा तो मैं एक चादर अपने तन पर डाल ली, वैसे भी होटल का स्टाफ इतना तो समझ ही चुका होगा की मैं इसकी गर्ल फ्रेंड हूं या फिर कॉल गर्ल तो आराम से लेटी रही फिर स्टाफ खाना लाकर टेबल पर रखा, उसके जाते ही मैं उठी फिर सोफा पर जाकर बैठ गई तो मोहित मेरे बगल में बैठकर ड्रिंक्स बनाने लगा ” तेरे लिए भी
( मैं उसके कंधे पर हाथ रख गाल चूम ली ) बस आखिरी ड्रिंक्स फिर.. ” और दोनो ड्रिंक्स लेते हुए एक दूसरे के तन को सहला रहे देव, मेरी चूचियां नारंगी के जोड़े समान टाईट थी तो मोहित झट से ड्रिंक्स खत्म किया फिर वो नंगे ही उठकर अपने पेंट से पर्स निकाला और उससे एक दवाई निकाल खाया साथ ही पैसे निकालकर मुझे थमाया ” अबकी बार रेट ज्यादा ले रही है
( मैं उसके सुस्त पड़े लौड़े को पकड़ दबा दी ) साले तेरा औजार भी तो हेवी है और क्या मेरी जैसी टाईट छोकरी का भाव नहीं होगा ” और मैं सिगरेट सुलगाई साथ ही ड्रिंक्स ले रही थी की मोहित फर्श पर बैठे बोला ” जरा चूतड को किनारे कर तेरी बुर को चाट लूं ” मैं दोनो जांघें फैलाकर चूतड को सोफा के किनारे किए बैठी थी की मेरी बुर को चूमता हुआ मोहित मेरे बूब्स को पकड़ मसलने लगा, साला दवाई खाकर लन्ड को टाईट करता तो मैं बुर पर उसके ओंठ के चुम्बन से तड़पने लगी, उसका लन्ड भी चूसना था आखिर बिना चूत चटवाए और लन्ड चूसे चुदाई का आनंद ही कहां और मैं ड्रिंक्स खत्म कर अब उंगलियों से बुर को फैलाई तो वो कुत्ता अपना जीभ से मेरी भग्नाशा चाटने लगा, निश्चित रूप से मुझे कामुक कर रहा था साथ ही अपना लन्ड जगा रहा था ” ओह उह मोहित अब खुजली होने लगी पेल कर चोद ना
( वो जीभ निकाला ) साली तू तो चुद्दक्कड़ औरत से भी अधिक बड़ी भुक्खड है ” और वो मेरे मोटे फांकों को ओंठो के बीच लेकर चूसने लगा, मेरी तो जान ही निकल रही थी तो मेरा हाथ मोहित के बाल को पकड़े चेहरा को बुर की ओर धंसा रही थी मानो उसका चेहरा ही बुर में घुसा लूंगी फिर वो बुर चूसना छोड़ा और ज्योंहि मेरे सामने उठकर खड़ा हुआ मैं उसके टाईट लन्ड देख अचंभित हो गई, मेरे ओंठ पर सुपाड़ा रगड़ने लगा ” देख मेरा लन्ड कितनी जल्दी टाईट हो गया
( मैं उसके लन्ड को पकड़ चूमने लगी ) दवाई खाकर लौड़ा को जगाया और मर्दानगी दिखा रहा है ”
मोहित मेरे सामने खड़ा था तो मैं सोफा पर बैठी थी, उठकर बेड पर गई तो उसे बेड पर लिटाकर उसके उपर डॉगी स्टाइल में हो गई लेकिन मेरी चूतड उसके मुंह के ऊपर थी और मेरे जांघों के बीच में उसका चेहरा, पीछे मुड़कर बोली ” देख ले स्वर्गलोक का नजारा दुबारा अपनी बहन का देखना
( मैं लन्ड को चूमते हुए जांघें सहलाने लगी ) काश मेरी बहन होती उसको भी पेल पेलकर रण्डी बना देता ” फिर वो चेहरा ऊपर किए मेरे गांड़ के दरार को जीभ से चाटने लगा तो मैं उसके लन्ड को मुंह में लिए चूसने लगी, साला कुत्ता मेरी बुर में अब उंगली करता हुआ गांड़ को चाटने में लीन था तो मैं ब्लोजॉब का आनंद ले रही थी, उसका लौड़ा मुंह में अकड़ चुका था तो वो बुर में जीभ घुसाए चाटने लगा। मोहित अब चुदाई को उत्सुक था फिर मैं अबकी बार खुद ही चुदावने की पहल की, लेटे हुए मोहित के टाईट लन्ड पर बैठी तो दोनो पैर दो दिशा में साथ ही चूतड उसके लन्ड से ऊपर और मोहित मेरे कमर को कसकर पकड़ लिया तो जिया खुद ही लन्ड पकड़ चूत में घुसाई, सुपाड़ा सहित थोड़ा लन्ड घुसते ही चूतड को नीचे की ओर दबाने लगी तो उसका पूरा लन्ड एक ही धक्के में अंदर था और जिया उसके लन्ड को चूत में लिए चूतड उछाल उछाल कर चुदवाने लगीं तो मोहित मेरे बूब्स को दबाए जा रहा था, मैं उसके बदन पर लेट गई तब मोहित चूतड उठा उठाकर मेरी बुर चोदने लगा, उसके ओंठ से गाल तक को चूमते हुए चुचियों को छाती से रगड़ रही थी की बुर आग की भट्टी बन चुकी थी लेकिन मैं भी अपना चूतड आगे पीछे करते हुए चुदाई का आनंद उठा रही थी। मोहित मेरे कमर को पकड़े दे दनादन नीचे से लन्ड का धक्का दे रहा था तो मैं अब चूतड को स्प्रिंग की तरह हिलाते हुए मस्त थी ” उह आह राहुल कितनी देर और मेरी बुर का तो कचूमर निकाल दिए हो बस करो
( वो मेरे ओंठ चूम धज्का देना बंद किया ) अब बेबी मेरे लन्ड से रस निकल जायेगा क्या सोची चूसकर विर्येपान करना है या
( मैं उसके बदन पर सीधे हुई ) अगली बार आज बस इसी स्टाइल में ” और मैं चूतड उछालने लगी तो उसके हाथ मेरे स्तन को पकड़ दबाने में मस्त थे और मोहित का गोरा चेहरा लाल हो चुका था तो वातानुकूलित कमरे में दोनो सेक्स करके आखिरी मुकाम की ओर जा रहे थे, जिया की गोल गद्देदार चूतड ऊपर नीचे होते हुए उसके लन्ड से चुदवाने में मस्त थी तो मैं ” ओह आह बहुत मजा आ रहा है डियर उह
(, वो नीचे से धक्का देने लगा ) आह बेबी मेरा रस निकलने वाला है ” और मेरी चूत में वीर्य स्खलित हुए तो थोड़ा नीचे भी चुने लगे, मैं आराम से उसके लन्ड पर से उठी फिर बिस्तर पर ही लेट गई तो मोहित भी मेरे बगल में लेटा था, दोनो शारीरिक सुख का मजा लेकर मस्त और सुस्त थे। आगे कुछ हुआ…. to be continued.

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