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चचेरी बहन ने मुझे उत्तेजित किया

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फ्रेंड्स
मैं रोहित, उम्र २४-२५ वर्ष तो लंबाई लगभग छह फीट, कसरती बदन और गठीला शरीर साथ ही मेरा औजार पूरी तरह से टाईट होने पर ७’लंबा और २’मोटा। मेरे लिए ये महज संयोग रहा की सबसे पहले मैं अपना औजार बहन की चूत में डाला और फिर तो मेरी चचेरी बहनों ने मुझे उत्तेजित कर मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाए और ये वाक्या कुछ महीने पहले की है जब मैं अपने पैतृक गांव खेती बारी का मुआयना करने गया था, वहां तो मेरी चचेरी बहन रूपम जोकि बेचारी विधवा हो गई थी पहले से ही थी तो रिमझिम भी मेरे साथ ही गांव आई दरअसल गांव आने के रास्ते में ही उसका घर था और वो मेरे साथ ही कार से आ गई, कार तो भाड़े की थी लेकिन उसके बीच में पर्दा लगा हुआ था जोकि हम दोनों को कुछ हद तक प्राइवेसी देता और रिमझिम तो अपने घर के बाहर खड़ी थी, चूंकि उसे कॉल कर आने का समय बता चुका था, कार रुकवाया फिर गेट खोल बाहर निकला तो वो भारतीय नारी की तरह साड़ी, ब्लाउज और हाई हील सैंडल में थी, मुझे देख मुस्कुराई तो मैं उसकी ओर गया फिर उसके बैग लेकर बोला ” चलो क्यों कुछ और सामान है ” वो सर हिलाकर ना बोली, दोनों कार के पिछले सीट पर बैठे तो ड्राइवर बैग को डिक्की में डाल गाड़ी स्टार्ट किया, रिमझिम के नयन नक्श अच्छे थे तो रंग गोरा और वो बिन बाहों की ब्लाउज पहन रखी थी तो बैकलेस भी, अपने बदन को ढककर भी उसका नुमाइश अच्छे तरीके से करती थी। मैं उसकी ओर देखा और जांघ पर हाथ रख फेरने लगा तो वो थोड़ा मेरी ओर खिसक गई जिससे कि मेरी कोहनी उसके बूब्स से रगड़ खाने लगी और मैं उसके जांघ को साड़ी पर से सहलाते हुए गाल चूम लिया तो वो शरमाते हुए मेरे कंधे पर सर रख दी फिर धीमे स्वर में बोली ” आप कभी कभार मेरे घर क्यों नहीं आते इसी बहाने मुलाकात हो जायेगी
( मैं उसके पीठ सहलाते हुए बोला ) हां लेकिन गांव में कितने दिन तक रुकना है
( वो चेहरा सीधा कर बोली ) आपके साथ ही वापस आऊंगी ” और फिर रिमझिम मेरे ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन देने लगी तो मेरा हाथ उसके बूब्स को पकड़ दबाने लगा, मैं उसके ओंठ मुंह में लेकर चूसने लगा तो उसका हाथ मेरे पैंट पर था, लन्ड के उभार को सहलाने लगी, उसका गोरा चेहरा लाल हो चुका था तो मैं उसके ओंठ निकाल उसके गाल चूमने लगा और वो खुद मेरे ओंठ पर जीभ फेरते हुए मुझे कामुक करने लगी, मैं उसके साड़ी के पल्लू में हाथ डाले चूची को पकड़ दबाने लगा फिर उसके ओंठ मुंह में भर चूसने लगा और रिमझिम मेरे से लिपटे मस्ती करने लगी, मेरा हाथ उसके ब्लाउज की डोरी पर था और उसकी दोनों चूचियां मेरे सीने को सुखद अहसास दे रही थी, रिमझिम की बंद आंखें और तेज सांसें उसके कामुकता को बता रही थी, इतने में गाड़ी रुकी तो मैं भी रिमझिम से अलग हो गया और ड्राइवर बोला ” चाय पीने का मन है
( मैं गाड़ी से उतरा ) ठीक है तुम चाय पियो ” और मैं उस मार्केट में नजर दौड़ने लगा कि कोई वाईन शॉप है की नहीं फिर मैं एक पान की दुकान पर गया और एक सिगरेट लेकर फूंकने लगा ” भैया यहां कहीं शराब की दुकान है क्या
( वो बोला ) बस इसी गली के अंदर है ” और मैं सिगरेट फूंकता हुआ उधर गया, वाईन शॉप सही जगह पर था, उधर का रास्ता बंद था तो गली में सिर्फ शराब खरीदने वाले ही थे तो मैं शॉप पर जाकर एक बियर की बोतल लिया और उसी गली में बियर की बोतल खोल पीने लगा, गर्मी का मौसम था और ऐसे समय में बियर से बदन को ठंडक भी मिलती है, खड़े खड़े बीयर पीकर दुबारा पान दुकान पर आया और एक सिगरेट लेकर फूंकने लगा और उसे एक पान लगाने को बोला, इतनी जल्दी में बियर पिया तो सर में चक्कर सा आ गया फिर भी सिगरेट फूंकता हुआ मस्त था। दुकान वाले ने पान दिया और उसे मुंह में लिए कार की ओर गया तो देखा ड्राइवर वहीं पर खड़ा है और बहन चुपचाप अंदर बैठी हुई है, मैं ड्राइवर को कार स्टार्ट करने बोला फिर पिछले सीट पर बैठा तो रिमझिम मेरी ओर देखी ” क्यों रोहित भैया पान की सुगंध तो अच्छी है
( ड्राइवर कार स्टार्ट किया ) क्यों चाय नहीं पी ली बोलो तो पान ला दूं ” वो हंस दी और मैं उसकी ओर खिसक उसके कंधे में हाथ डाला फिर हाथ थोड़ा नीचे कर उसकी चूची को पकड़ दबाने लगा तो वो साड़ी के पल्लू को छाती पर से नीचे कर दी और मैं उसकी चूची दबाता हुआ उसके जांघ पर हाथ फेरने लगा, मुंह में पान भरा था तो चुम्बन क्रिया कर नहीं सकता था लेकिन रिमझिम तो मेरे गाल चूमने लगी और मेरे पैंट के जिप पर हाथ रख उसे खोल दी तो मैं उसके हाथ को हटाया फिर खिड़की की ओर से पान की पिरकी फेंका, अब उसकी ओर आया और उसके चूची को पकड़ दबाने लगा तो वो मेरे पैंट को खोलने लगी और मैं चूतड को ऊपर कर उसकी मदद किया तो रिमझिम मेरे पैंट सहित जांघिया को घुटनों तक कर दी, मेरा लन्ड तो टाईट हो चुका था और रिमझिम उसे पकड़ हिलाने लगी तो मैं खिड़की की ओर से दुबारा पान की पिरक़ी फेंका और बोतल खोल पानी पीने लगा, कार तो हाई वे पर तेज रफ्तार से चल रही थी और मैं अब रिमझिम की ओर खिसका फिर ड्राइवर को बोला ” ए सी ऑन कर दो
( वो बोला ) ठीक है ” फिर खिड़की का ग्लास ऊपर कर उसने ए सी ऑन कर दिया तो मैं रिमझिम के गाल चूमते हुए उसके ओंठ पर जीभ फेरने लगा और वो समझदार महिला की तरह मेरे मुंह में अपना जीभ डाले मस्त थी तो मैं उसकी जीभ चूसने लगा साथ ही बूब्स दबाए जा रहा था और वो मेरे मुंह में जीभ घुसाए चुसवाने में मस्त थी, कुछ देर बाद वो जीभ निकाल ली तो मैं उसके चूची को ब्लाउज पर से ही पकड़ दबाने लगा और वो लन्ड चूसने के मूड में थी तो मैं सीट के एक छोर पर बैठ गया और रिमझिम अब मेरे लन्ड के सामने चेहरा झुकाई तो उसकी चूचियां ब्लाउज से बाहर आने लगी और मैं झट से उसकी ब्लाउज की डोरी खोल दिया, दोनों हाथ में चुचियों को पकड़ दबाने लगा और रिमझिम मेरे लन्ड के सुपाड़ा को मुंह में लिए चूसने लगी फिर मुंह खोल आधे से अधिक लन्ड अंदर ली और चूसने लगी तो मैं उसके एक बूब्स को दबाने लगा साथ ही दूसरे हाथ को उसके चूतड पर रख साड़ी सहित पेटीकोट को कमर तक कर दिया, उसकी नग्न चूतड सहलाता हुआ चूची दबाए जा रहा था तो वो मुंह में लन्ड लिए चेहरा का झटका देते हुए मुखमैथुन करने लगी और मैं उसकी चूतड की ओर से बूर में उंगली घुसाए कुरेदने लगा तो वो मस्त हुए लन्ड चूस रही थी, मेरी उंगली उसकी चूत में थी तो वो मेरे सामने सीट पर अर्ध नग्न अवस्था में थी और मुझे चोदने का मन होने लगा तो मैं उसके चेहरा को पीछे धकेल लन्ड को मुंह से निकल लिया। रिमझिम सीधे हुए बैठी फिर वो कमर से नीचे साड़ी सहित पेटीकोट कर दी लेकिन ऊपरी भाग को उसी तरह रहने दी, अभी कम से कम ४ घंटे का सफर बाकी था तो वो मेरे करीब हुई और कान के पास धीमे स्वर में बोली ” डियर दूध पियो ना आज तो कार में ही सब कुछ एक बार क्यों ”
मैं बहन की ब्रा की हूक को खोला फिर उसके चूची को पकड़ दबाने लगा और वो सीट के पिछले हिस्से पर सर रख बदन को थोड़ा ऊपर की फिर मैं उसकी चूची पर मुंह लगाया, मुंह खोले आधा चूची अंदर लिया और चूसने लगा तो बहन मेरे लन्ड को पकड़ सहलाने लगी, उसकी चूची को मुंह में भर चूसता हुआ मस्त था तो रिमझिम मेरे बाल पर हाथ फेरते हुए मुझे कामुक कर रही थी और फिर मैं चूची मुंह से निकाल सीधा बैठा तो वो साड़ी से अपने छाती को ढक ली और मैं उसके कान में फुसफुसाया ” थोड़ी देर बाद तुम्हें गोद में बिठाकर ही चोदूंगा ” वो आराम से बैठी रही तो मैं भी बैठा था और थोड़ी देर बाद मैं अपना पैंट और अंडरवियर पहना तो रिमझिम ब्लाउज पहन ली ” कहीं रुकना है क्या
( मैं उसके गाल चूम लिया ) हां सूसू लगी है ” फिर ड्राइवर को गाड़ी रोकने बोला तो वो गाड़ी को सड़क किनारे लगाया और मैं गाड़ी का गेट खोलकर उतरने लगा तो रिमझिम बोली ” मुझे भी सुसु लगी है ” मैं इशारे से उसे भी उतरने बोला, मैं उतरकर गाड़ी से दूर हुए पिसाब करने लगा तो रिमझिम गाड़ी के पास खड़ी थी फिर मैं वापस आया तो वो सामने सड़क से थोड़े नीचे उतरकर घुटनों के बल बैठी और साड़ी सहित पेटीकोट को कमर तक उठाए छर – २ मूतने लगी, उसके नग्न चूतड को देख जी किया की इस साली को यहीं पटककर चोद दूं लेकिन धैर्य बनाए रखा और फिर वो उठकर आई, मेरे करीब आकर बोली ” क्या देख रहे थे रोहित
( मैं उसके चूतड पर एक हाथ मारा ) इसे देख रहा था, अब कार में तुझे चोदूंगा
( वो हंस दी ) अकेले अकेले बीयर पी लिए क्यों मुझे क्यों नहीं दिए
( मैं बोला ) चलो एक घण्टे बाद तुम्हें बीयर पिलाऊंगा ” दोनों गाड़ी में बैठे फिर ड्राइवर कार स्टार्ट किया। कुछ दूरी कार तय की फिर अचानक से गाड़ी रूक गई तो मैं पूछा ” क्या हुआ रमेश
( वो बोला ) देखता हूं शायद कार्बरेटर में कुछ प्रॉब्लम हो ” मैं भी कार से उतरा फिर वो कार का बोनेट खोल देखने लगा और फिर बोला ” भैया लगता है बिना मैकेनिक के ठीक नहीं होगा
( मैं बोला ) तो इस सुनसान इलाके में मैकेनिक कहां से मिलेगा
( वो बोला ) अभी कोई गाड़ी आयेगी तो मैं उसके साथ जाऊंगा, ५-६ किलोमीटर के बाद ही अमरपुर बाजार है वहीं से मैकेनिक लेकर आऊंगा। ” थोड़ी देर बाद ड्राइवर एक बाईक वाले से लेकर चला गया तो मैं और रिमझिम अकेले थे, मैं कार को लॉक कर उसके साथ सड़क से नीचे उतरा और सामने के मैदान में एक पेड़ के नीचे बैठ गया तो रिमझिम भी मेरे बगल में बैठी फिर बोली ” ये जगह सही है क्यों
( मैं उसके गाल चूम लिया ) हां तब तो सड़क से गुजरते लोग तुम्हें देखेंगे फिर तुम्हें जबरदस्ती पेलेंगे ” तो वो चुप रही फिर मेरा हाथ पकड़ उस पेड़ के पीछे ले गई तो मैं खड़ा था की रिमझिम अपने साड़ी सहित पेटीकोट को कमर तक उठा दी और जांघो को फैलाकर चूत चमकाने लगी तो मैं अपना पैंट सहित जांघिया उतार डाला फिर उसे पेड़ के सहारे घोड़ी बनाया और चूतड के सामने खड़ा होकर लन्ड को चूत में डालने लगा, वो पीछे मुड़कर देख रही थी तो मेरा लन्ड उसकी चूत में घुसा और मैं उसके कमर पकड़े धकाधक चुदाई करने लगा तो रिमझिम चूतड को स्प्रिंग की तरह हिलाते हुए चुदाने में मस्त थी और उसकी चूत पहले से ही गीली थी जिसमें मेरा लन्ड तेजी से अन्दर बाहर हो रहा था, उसकी चूतड से मेरी कमर टकरा रही थी तो लन्ड चूत में दौड़ लगा रही थी, मैं अब रिमझिम के सीने से लगे बूब्स को पकड़ दबाने लगा तो बहन चुदाते हुए ” आह ओह उह उई आआआअह्ह्ह और तेज चोद साले ” मैं तो चोदता हुआ मस्त था, दिन के १:०० बज रहे थे तो अब अभी चार घंटे का सफर बाकी था उसपर से गाड़ी खराब थी, मेरा लन्ड तो बहन की चूत में फूलकर कुप्पा हो चुका था तो दोनों सम्भोग सुख लेने में मस्त थे। रिमझिम अब चूतड स्थिर किए चुदाने में मस्त थी तो मैं उसकी चूची को दबाता हुआ धकाधक चुदाई कर रहा था और वो ” आह उह आआआआह्हह और नहीं बूर में गर्मी हो रही है बुझा दो आग को
( मेरा लौड़ा भी लोहे की रॉड की तरह कड़ा और गर्म हो चुका था ) हां बेबी जरूर बस दो मिनट में तेरी चूत में रस गिर जाएगा ” और मैं उसके कमर को पकड़े चोदते हुए हांफने लगा तो वो भी चूतड हिलाने लगी फिर क्या था, मेरे लन्ड से वीर्य स्खलित होने लगा ” आह ओह मेरा झड़ गया बेबी ” और उसकी चूत में मेरा लन्ड कुछ देर रहा फिर उससे अलग हुआ, पास में ही खड़े खड़े लन्ड को पानी से धो लिया फिर वहीं पर पेंट और जांघिया पहन बैठ गया तो रिमझिम भी पानी का बोतल लिए मुझसे थोड़ी दूर गई और बैठकर चूत को पानी से साफ की फिर वो मेरे पास आकर अपने कपड़े को ठीक की, लगभग आधे घंटे बाद ड्राइवर वापस आया फिर कार को मैकेनिक ने ठीक किया तो दोनों कार में बैठ गए, आगे क्या हुआ… अगले भाग में।

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