रानी भाभी की सहेली किरन से हफ़्ते भर पहले मुलाकात हुई थी, उस दिन किरन के घर मे एक चाय की चुस्की लिया था साथ ही हमदोनो शारिरिक सम्बंध भी बनाये थे लेकिन सम्भोग सुख दोनो मे से किसी को नही मिला था, उस दिन वो मेरे लंड़ का विर्य पीकर मस्त हो गयी थी ! एक सुबह कालेज के लिया घर से निकला और बाज़ार मे जाकर कुछ सामान की खरीददारी की और फ़िर किरन को फ़ोन किया……. “हेलो राहुल बोल रहा हु
(किरन) बोलो राहुल कैसे हो
(राहुल) ठीक हु और आप
(किरन) ठीक हु अगर समय मिले तो घर आना
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(राहुल) अभी फ़्री हु क्या. ” और फ़िर तेज रफ़्तार से बाइक को उनके घर कि ओर दोड़ाया! किरन के घर के बाहर पहुंचकर दरवाजा को खटखटाया और किरन आकर दरवाजा खोल दी, फ़िर मै कमरे के अंदर घुसा तो किरन दरवाजा बंद करके मुझे बैठ्ने को बोली और वो अपने कमरे की ओर चली गयी !
मै सोफ़ा पर बैठ्कर किरन का इंतजार कर रहा था, पल भर के बाद वो आई तो उसको देख मेरा होश उड़ गया! अपने खुबसुरत जिस्म पर मात्र एक ब्रा जोकि उसके स्तन के आधे भाग को धक्क रखा था और साथ मे एक पेंटी जिससे उसकी चुत का हिस्सा छुपा हुआ था! किरन के अर्ध नग्न शरीर को देख मेरा लंड़ तमतमा उठा और वो मेरी ओर आ रही थी, मेरे सामने आकर खड़ी हो गयी तो मै उसके नग्न जङ्हा से लेकर कमर और पेट तक को देखता हुआ उठा, लेकिन किरन मुड़ गयी तो उसका नग्न पिठ से लेकर अर्ध नग्न चुत्तर मेरे सामने था! मै किरन को दबोच लिया और उसको चुमने लगा, मै उसके कमर पर हाथ लगाए उसके गर्दन को चुमने लगा जबकि मेरा एक हाथ उसके स्तन को मसलने लगा! किरन अब मेरी ओर मुड़ी और मेरे गाल को चुमते हुए मेरे कपड़े को खोलने लगी, मेरे बदन पर सिर्फ़ एक चड़्ही हि रह गया! किरन अब मेरे ओंठ को चुमते हुए जिभ को मेरे मुह्न मे ड़ाल दी और मै उसके जिभ को चुसता हुआ उसके चुत्तर को सहला रहा था!
किरन आज चुदने को तैयार थी तो मै जिभ निकालकर उसके सामने बैठ गया और उसकी पेंटी को उत्तार फ़ेंका, अब वो दोनो पैर दो दिशा मे किये खड़ी थी तो मेरा चेहरा उसके कमर के पास, उसके दोनो मोटे जङ्हा के बिच मुह्न लगाकर बुर पर चुम्बन देने लगा और उसकी चुत्तर को सहलाने लगा, वो सिसक रहि थी और अपने बुर को उंग़ली की मदद से फ़लका दी! किरन के गुलाबि चुत मे जिभ ड़ालकर बुर चाट्ने लगा और मांसल गांड़ को मसल रहा था, मेरा पुरा जिभ उसके चुत मे जा रहा था और मै बुर को जिभ से चोदकर मस्त था! किरन की दोनो पांव कांप रही थी और वो चिखने लगी…. “आअह्हह ऊह्हज बुर ही चुसते रहोगे क्या कुत्ते, मेरी बुर मे कितनी खुजली हो रही है चोदो ना. ” मै उसके बुर के दोनो फ़ांक को लेकर चुसने लगा और पल भर बाद किरन मेरे चेहरे को पिच्हे कि ओर करके अपना बुर मेरी मुह्न से निकाल ली! अब किरन पिच्हे की ओर मुड़ गयी तो उसके चुत्तर के सामने मै खड़ा था, वो अब खड़े-2 आगे कि ओर झुक गयी तो मै अपना चड़्ही खोलकर अपना लंड़ उसके बुर पर रखा और धीरे-2 लंड़ को अंदर घुसाने लगा, किरन कि कमर को थामे मै पुरा लंड़ बुर मे घुसाकर चोदने लगा और वो अपने चुत्तर को हिलाते हुए मेरे मुसललंड़ से चुदने लगी ! किरन की बुर मे मेरा 7-8 इंच लम्बा लंड़ तेजी से चुदाई कर रहा था और वो झुम-2 कर चुदवा रही थी, मेरा लंड़ उसके बुर को पुरी गति के साथ चोदे जा रहा था! पल भर बाद वो अपने गांड़ को हिलाते हुए चिंखने लगी…….. “आह ऊह्ज ऊउम्म राहुल मेरी बुर से पानी आने वाला है, जोर से चोदो ना ! ” और पल भर बाद उसके बुर से पानी निकलने लगा, मेरा लंड़ उसके बुर मे था और फ़िर मेरा जिभ उसके बुर को चाट्ने लगा, फ़िर दोनो चुदाई मे लिन हो गये !
अब किरन सोफ़ा पर लेट गयी और मै उसके दोनो जङ्हा के बिच बैठ्कर अपना लंड़ बुर मे धंसाया और चुदाई करने लगा! वो चुदवाकर मस्त हो रही थी और मै उसके दोनो भोंपु को दबाते हुए तेज गती से चुदाई कर रहा था! तभी उसके बदन पर सवार होकर तेजी से चुदाई करने लगा और वो अपने नितम्ब को उपर निचे करते हुए मस्त थी! मै किरन के नग्न जिस्म पर सवार होकर उसकी बुर चुदाई कर रहा था और वो मुझे कसकर पकड़े चुत्तर को उच्हालने लगी! दोनो सम्भोग सुख पा रहे थे, 14-15 मिनट की चुदाई के बाद उसकी बुर आग की भटटी हो चुकी थी, वो चिंखने लगी…… “ऊऊह्हह्ह आश्हह्ह ऊम्मम राहुल बुर मे आग लगी हुई है जल्दी से विर्यपात करा दो. ” और फ़िर मेरे लंड़ से रस निकलने लगा……