Erotic Stories
Free Desi Indian Hindi Sex stories, Tamil sex stories

अश्लील पुस्तक : भाई संग कौमार्य भंग

⏰ 1 min read

फ्रेंड्स
आप लोगों ने विनिता और राहुल के प्यार की दास्तान पढ़ी, मैं विनिता, उम्र २० वर्ष तो लंबाई ५’६ इंच, चेहरा गोरा और बदन मखमली, दोनों चूचियां सुडौल और चूतड की लचक देख आपलोगों का औजार टाईट हो जाएगा, अपने खुबसूरती हो या जिस्म उस पर मुझे कोई घमंड नहीं है फिर भी कॉलेज में लड़कों से दूर रहती हूं और उन्हें मुझमें क्या दिलचस्पी होगी ये भी मुझे पता है। मैं अश्लील पुस्तक पढ़कर अपनी योनि में उंगली डालती हूं फिर अपनी काम वासना को कल्पना में ही तृप्त करने की कोशिश करती हूं लेकिन एक शाम भैया मुझे किताब पढ़ते देख लिए या यों समझिए की मैने ही उन्हें अश्लील पुस्तक देकर गुनाह कबूल कर ली लेकिन यौन उत्तेजना और आकर्षण तो प्राकृतिक है, इसलिए भैया को ही अपने ओर आकर्षित कर ली जिससे की मैं मजा भी ले सकूं और कोई ऐसे संबंध की ओर ध्यान भी नही दे सके, राहुल के साथ तीन चार बार ओरल सेक्स की तब असलियत में सेक्स का आनंद समझ सकी और उन्हे भी मजा आने लगा। एक दिन हम दोनों ने विचार किया की क्यों ना सम्भोग क्रिया करके उसके सुख को लिया जाए भले ही मेरे लिए कौमार्य भंग कराना थोड़ा दर्द भरा होता लेकिन फिर भी मैं मानसिक रूप से इसके लिए तैयार थी, उस शाम मॉम और डैड को एक पार्टी में जाना था तो यकीनन वो दोनों रात को देर से ही लौटते तो घर में भाई और बहन अकेले। राहुल मुझे पहले ही सब कुछ बता चुका था और मैं काफी उत्सुक थी उस कार्य के लिए जोकि हर लड़कियां शादी के बाद सुहागरात को पति संग करती है, राहुल वार्डरोब में दो तीन बोतल बियर खरीद कर रख चुका था साथ ही सम्भोग क्रिया को सेफ बनाने के लिए एक पिल्स भी ले रखा था तो मुझे कौन सा ड्रेस पहनना था ये भी मैं तय कर चुकी थी और शाम ०७:३० बजे मॉम और डैड तैयार होकर पार्टी के लिए निकल रहे थे तभी मॉम मेरे रूम में आई ” खाने का ऑर्डर कर देना और मैं डुप्लीकेट चाभी लेकर जा रही हूं, यदि हम दोनों को आने में देर हुई तो आराम से सो जाना
( मैं बोली ) ठीक है वैसे मोबाइल पर आप निकलते समय कॉल कर देंगी तो मैं दरवाजा खोल दूंगी ” फिर दोनों चले गए और राहुल अपने रूम से निकला फिर मेरे रूम में आकर वार्डरोब से बियर की बोतल निकाला और मुझे देखता हुआ बोला ” तू जल्दी से तैयार हों जा ” फिर राहुल बियर की बोतल लेकर चला गया और मैं वार्डरोब से अपने लिए बेबी डॉल ड्रेस निकाली फिर उसे बेड पर रखकर वाशरूम घुसी, अपने स्कर्ट और टॉप्स को उतार कर नंगी हुई फिर स्नान करने लगी, गर्मी का मौसम था तो स्नान करके मैं बदन को पोंछि फिर छाती से टॉवल लपेटकर रूम आई और आईने के सामने खड़ी होकर टॉवल हटाई फिर बेबी डॉल ड्रेस लेकर पहन ली, जिसके डीप नेक के कारण मेरी बूब्स दिख रही थी साथ ही पीठ भी नंगा था तो ड्रेस की लंबाई इतनी थी की मेरे चिकने जांघो को पूर्ण रूप से ढक नही पा रही थी और मैं इस ड्रेस में सहज महसूस नहीं कर रही थी। विनिता के जिस्म पर ये छोटा सा ड्रेस, राहुल सब कुछ कपड़े रहते भी देख लेता फिर भी राहुल के साथ ही तो हमबिस्तर होने वाली थी इसलिए शर्म हया भूलकर रूम से बाहर निकली और राहुल डाइनिंग हॉल के सोफा पर बैठा हुआ मुझे घूरने लगा तो मैं सर झुकाए उसके बगल में बैठी और राहुल मेरे कंधे पर हाथ रख मेरे गाल चूम लिया ” बियर थोड़ी कुल हो जाए तो साथ पिएंगे
( मैं उसके चेहरे को चूमते हुए जांघ पर हाथ फेरने लगी ) वो तो है लेकिन असली नशा तो बदन में होता है यार ” और राहुल मेरे बूब्स को ड्रेस पर से ही जोर से दबा दिया ” आह आउच जरा धीरे दबाओ डियर ” मैं उसके शॉर्ट्स पर से लन्ड के उभार को सहलाने लगी तो राहुल मेरे कंधे को सहलाने लगा फिर ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन देने लगा और मैं उससे लिपटकर उसके जांघ पर बैठ गई और भैया के कंधे पर हाथ रख पूछी ” क्या बहन जी टाइप की लड़की लग रही हूं
( राहुल मेरे पीठ सहलाने लगा ) तुम हॉट और सेक्सी लग रही हो ” फिर वो उठकर रेफ्रिजरेटर से बियर की बोतल निकाला और ग्लास में बियर डालने लगा तो मैं उसके जांघ पर से हटकर सोफा पर बैठी फिर राहुल बोला ” मेरे पेंट के पॉकेट में सिगरेट की पैकेट हैं जरा ले आना ” मैं उसके सामने से कमर मटकाते हुए उसके रूम गई फिर उसके पेंट से सिगरेट की पैकेट लेकर आई तो उसके इशारे को समझते हुए बालकनी का दरवाजा खोल दी, वापस आकर बैठी तो राहुल मुझे ग्लास दिया फिर सिगरेट जलाया और ग्लास लेकर बालकनी की ओर चला गया तो मैं भी उसके पीछे गई और वो मुझे देख बोला ” क्यों बियर पीने में मजा आ रहा है ना
( मैं उसके गाल चूम ली ) हां राहुल एक ग्लास और पियूंगी फिर मस्ती ” वो सिगरेट मुझे थमाया फिर डाइनिंग हॉल गया, ग्लास में लेकर फिर से बियर आ गया तो मैं उसे सिगरेट पीने को दे दी ” ओह यार सर में चक्कर आ गया ” तो राहुल सिगरेट फेंकते हुए मेरे कमर में हाथ लगाया और दोनों डाइनिंग हॉल में आए, मुझे तो थोड़ा नशा का खुमार था लेकिन उसके हाथ का एहसास अपने बूब्स पर पा रही थी ” राहुल मुझे नंगा नही करोगे
( वो खाली ग्लास टेबल पर रख दिया ) उठकर मेरे सामने जरा कपड़े उतार
( मैं उसके सामने खड़ी हुई फिर ड्रेस के स्ट्रैप को बाहों से नीचे करने लगी ) वाह तू सही में मस्त माल है
( मैं तो नशे में थी, ड्रेस खोलकर नंगी हुई सिर्फ पेंटी चूत को ढक रखी थी ) तो फिर इस माल का क्या रेट मिलेगा
( राहुल अपने शॉर्ट्स उतार लन्ड दिखाने लगा ) मुंह मांगा रेट बस अब जरा चूस दे
( मैं उसके जांघ पर चूतड रख कंधे में हाथ डाली ) इतनी जल्दी क्या है साहेब, पहले चुम्मा चाटी तो हो जाए ” और दोनों एक दुसरे को चूमने लगे, राहुल मेरे नग्न पीठ को सहलाते हुए गाल चूमने लगा तो मेरी बूब्स उसके सीने से चिपकी हुई थी और फिर मैं भैया के ओंठ को चूमने लगी, मेरे अंदर की कामुकता जाग उठी थी और राहुल मेरा भाई है ये मैं भूल चुकी थी, उसने मुंह में ओंठ लिया तो मैं उसे चूसने दी फिर ओंठ निकलकर उसके मुंह में जीभ घुसाए चुसवाने लगी और राहुल मेरे जीभ चूसने लगा तो मेरी जिस्म में सिहरन सी होने लगी लेकिन इस दौर से तो पहले भी गुजर चुकी थी इसलिए सिर्फ चूत चुदाई ही मेरे लिए खास था, भैया मेरे जीभ कुछ देर तक चूसे फिर जीभ निकाल कर मेरी बूब्स पकड़ दबाने लगे और मैं राहुल के छाती चूमने लगी साथ ही उसके लन्ड पकड़ हिलाने लगी तो राहुल मेरे बदन को हथेली से सहला रहा था, मैं अब भैया के सामने बैठ गई फिर उनके लन्ड को पकड़ चूमना शुरु की तो राहुल मेरे बाल सहलाते हुए बोला ” तुझे अब मैं चुदाई में एक्सपर्ट बना दूंगा
( मैं सुपाड़ा को ओंठ पर रगड़ते हुए बोली ) उसके लिए बहुत सारे छोकरे हैं समझा भाई ” और मैं उसके लन्ड मुंह में लेकर चूसने लगी, पूरा मुंह खोले उसके २/३ लन्ड अंदर लिए चूसने लगी तो राहुल हाथ मेरी बूब्स पर लगाकर दबाने लगा और मैं मुंह का झटका देते हुए मुखमैथुन करने लगी, मेरी बुर पेंटी में ही खुजलाने लगी तो राहुल आहें भर रहा था ” आह ओह उह हॉट बेबी तुमको आज चोद चोदकर मस्त कर दूंगा
( मैं लन्ड मुंह से निकाल कर जीभ से चाटने लगी ) ओह पहले से बुर चोदे हो ” लेकिन वो कुछ नही बोला और फिर क्या हुआ, अगले भाग में।

This content appeared first on new sex story .com

Also Read: Lucky Me With Dominatrix Aditi

This story अश्लील पुस्तक : भाई संग कौमार्य भंग appeared first on erosstories.com