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अनैतिक संबंध : भाग १८

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फ्रेंड्स
मैं विशाल अग्रवाल अपने जीवन की उस सच्चाई को बयां कर रहा हूं जोकि परिवार या समाज में घृणित माना जाता है, खून के रिश्तों में शारीरिक संबंध का बनना ही घिनौना काम है लेकिन कहीं ना कहीं कभी ना कभी किसी हालात में ऐसे संबंध बन सकते हैं, मेरी मॉम विशाखा शराब के नशे में चूर होकर घर वापस आई और उनके जाल में मैं फंस गया, उनको सहारा देते हुए रूम में लाया फिर कपड़ा भी चेंज किया लेकिन कामुकता जाग उठी फिर दोनों शारीरिक संबंध बनाने लगे। मैं तो अपनी मॉम विशाखा के साथ सम्भोग क्रिया कर मस्त था, ४० वर्ष की उम्र में भी हॉट और सेक्सी लगती थीं लेकिन हम दोनों की चोरी बहन आकांक्षा ने पकड़ ली जोकि महज १८ साल की थी तो मुझे भी उसके साथ जिस्मानी संबंध बनाने में मजा आया और वो मेरे साथ कौमार्य भंग कराई जिससे हम दोनों काफी करीब आ गए लेकिन आकांक्षा के साथ जो भी हुआ वो मॉम को पता चल गया और फिर घर में मॉम विशाखा, बेटा विशाल और बेटी आकांक्षा तीनों साथ ही शारीरिक संबंध बनाने लगे। मेरे डैड अपने काम से कहीं बाहर गए हुए थे तो तीनों ग्रुप सेक्स करने को तैयार थे और तभी मॉम ने एक सलाह दिया ” क्यों ना एक प्लेबॉय को भी बुला लूं
( मैं आकांक्षा की ओर देखने लगा ) उहूं ये ठीक नही होगा, बेकार में बात बाहर के लोग जान गए तो बदनामी होगी
( आकांक्षा बोली ) लेकिन तुम अकेले एक साथ दोनों को क्या रात भर मजे दे पाओगे
( मैं हंस दिया ) बिल्कुल नही लेकिन तीनों साथ में एंजॉय कर सकते हैं, क्यों मॉम ” तो मॉम भी मेरे बात को स्वीकार कर ली, रात के ०९:३० बजे घर की कामवाली बाई बेबी खाना बनाकर चली गई तो मैं तभी अपने रूम में था और फिर आकांक्षा मेरे रूम में आई ” विशाल उठो मॉम बुला रही है ” मैं उसको एक नजर देखा तो वो आसमानी रंग की फ्रॉक पहन रखी थी, मैं उसे इशारे से जाने को बोला फिर उठकर फ्रेश हुआ और डाइनिंग हॉल आया तो मॉम और आकांक्षा बालकनी में शायद बैठे हुए थे, मैं वहां कुर्सी पर जाकर बैठ गया तो टेबल पर व्हिस्की की बोतल और ग्लास देख पूछा ” क्यों मॉम आकांक्षा भी ड्रिंक्स लेगी
( आकांक्षा झट से जवाब दी ) क्यों नहीं बियर दो बार पी चुकी हूं, व्हिस्की का नशा भी जान लूं ” फिर मॉम ड्रिंक्स बनाने लगी, वो ब्लू रंग की नाईट गाउन पहन रखी थी तो मैं शॉर्ट्स और बनियान में था, इतने में आकांक्षा मेरी ओर कुर्सी की फिर मेरे कंधे में बाहें डालकर गाल चूमने लगी तो मॉम बोली ” लो कितने उतावले हो रहे हो इतनी हड़बड़ी सेक्स में ठीक नही
( बहन मेरे गाल चूमने लगी ) ज्ञान बांटना आसान है मॉम लेकिन खुद को देखो, अपने बेटा के सामने नंगी हो गई
( मॉम एक सिगरेट जलाई ) लो ग्लास उठाओ और ड्रिंक्स का मजा लो, तुमको क्या पता की विशाल को अपने जाल में फांसने के लिए कितना इंतजार की ” और तीनों ड्रिंक्स लेने लगे, आकांक्षा आराम से व्हिस्की पी रही थी तो मैं अपना पैर उठाकर मॉम के जांघ पर रख दिया और मॉम मेरे पैर को अपने जांघो के बीच रख बोली ” अपने तलवे को रगड़ो विशाल वहीं पर असली जन्नत है ” मैं तलवे को उनकी जांघो के बीच बुर पर रगड़ते हुए मस्त था तो आकांक्षा मेरे शॉर्ट्स पर से लन्ड के उभार को सहलाने लगी, मैं ग्लास रखकर मॉम के जांघो के बीच से पैर हटाकर छाती पर रख दिया और उनके बूब्स को तलवे से रगड़ने लगा, मेरे लन्ड में जान आ रही थी जिसे बहन पकड़कर हिलाने लगी लेकिन उसने शॉर्ट्स के किनारे से लन्ड बाहर निकाला था तो मैं बोला ” क्यों ना आज गार्डन में सेक्स किया जाए
( मॉम बोली ) नहीं जो करना है घर के अंदर ” और फिर तीनों वहां से डाइनिंग हॉल आए तो मॉम मेरे सामने घुटनो के बल बैठी जबकि आकांक्षा मेरे बगल में बैठकर मेरे गाल चूमने लगी और मैं भी उसके चेहरा को चूमते हुए चूची दबाने लगा, बहन की रसीली ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन दिया फिर उसके फ्रॉक को कमर से ऊपर कर गर्दन से बाहर कर दिया तो वो सिर्फ ब्रा और पेंटी में थी, मेरे बनियान को हटाई और आकांक्षा छाती को चूमने लगी जबकि मॉम मेरे शॉर्ट्स उतारकर लन्ड को चूम रही थी।
मैं सोफा पर बैठे हुए आकांक्षा के बूब्स को पकड़ दबाने लगा तो विशाखा मेरे लन्ड मुंह में लिए चूसने लगी, मैं अब आकांक्षा के पीठ सहलाता हुआ उसके बाल को पकड़ा फिर उसके चेहरा को ऊपर कर जीभ मुंह से निकाला तो दोनों जीभ से जीभ चाटने लगे और विशाखा लन्ड मुंह में कुछ देर रखी फिर उसको मुंह से निकाल जीभ से चाटने लगी, मैं अब आकांक्षा का जीभ मुंह में भर चूसने लगा साथ ही उसके टाईट चूची को दबाए जा रहा था और विशाखा मेरे लन्ड मुंह में लिए सर का झटका देते हुए मुखमैथुन करने लगी तो मैं अपनी बहन और मॉम के साथ सेक्स करने में मस्त था। विशाल कुछ देर बाद बहन के जीभ को मुंह से निकाल दिया तो मॉम मुखमैथुन करने में मस्त थी और अब आकांक्षा भी मॉम के बगल में बैठी ” अब मुझे भी चूसने दो मॉम
( मॉम लन्ड मुंह से निकाल दी ) लो चूसो ” विशाखा मेरे बगल में बैठ गई तो आकांक्षा मेरे टाईट लन्ड को जीभ से चाटने लगी जबकि विशाखा मेरे गाल चूमते हुए छाती सहला रही थी और मेरा हाथ उनके बड़े बड़े बूब्स पकड़े दबाने लगा, मॉम मेरे ओंठ पर ओंठ रख दी तो मैं उनके ओंठ मुंह में लिए चूसने लगा और अब तो मुझे बुर चुदाई की इच्छा हो रही थी लेकिन आकांक्षा मेरे लन्ड मुंह में लिए चूसना शुरु कर दी, मैं मॉम के ओंठ मुंह से निकाला तो वो मेरे मुंह में जीभ घुसाए चुसवाने लगी और आकांक्षा मेरे जांघ चूमने में मस्त थी फिर वो उठकर चली गई।
तीनों दुबारा ड्रिंक्स लेने लगे तो मैं मॉम के नाईट गाऊन को उतार नंगा किया फिर ड्रिंक्स लेता हुआ मॉम की बुर में उंगली घुसा कर रगड़ने लगा तो आकांक्षा बोली ” बेड पर ही चलो वहीं ठीक रहेगा ” बेड पर मॉम लेट गई तो मैं उनके चूतड के नीचे तकिया डाला फिर जांघो को फैलाकर बुर को चूमने लगा और आकांक्षा अपनी मॉम की बूब्स मुंह में लिए चूसने लगी तो मॉम बेटी की चूची दबाए जा रही थी, मैं मॉम के बुर को फैलाया फिर उसमें जीभ घुसाए चाटना शुरु किया तो मॉम आहें भर रही थी ” आह उह ओह बुर चाट चाट कर रसीला बना दे फिर चोदना
( बहन उनकी चूची मुंह से निकाली ) कितना चुदवायेगी मॉम मुझे भी तो भैया का लन्ड चाहिए ” और फिर मैं बुर को चाट कर उठा और फ्रेश होने चला गया, वापस आया तो मॉम और बेटी बेड पर लेटे हुए थे और मैं अब आकांक्षा की चूतड के नीचे तकिया लगाया फिर चेहरा बुर पर किए नाक को बुर पर रख सूंघने लगा तो मेरा हाथ उसके बदन को सहलाने लगा, आकांक्षा की कोमल चूत को चूमते हुए जांघो को सहला रहा था फिर जीभ से चाटने लगा तो उसकी बुर रसीली हो चुकी थी और मैं उसकी बुर से जीभ निकाला फिर बोला ” वो दवाई कहां रखी हो उसे अंदर डालो तब तक मॉम को चोदता हूं ” और वो उठकर अपने रूम चली गई, मैं मॉम के जांघो के बीच लन्ड पकड़े बैठा हुआ लन्ड को बुर में घुसाने लगा फिर एक धक्का देकर चुदाई शुरू किया तो विशाखा मस्त थी और उनके बुर में दे दनादन धक्का देते हुए उनके ऊपर लेट गया तो वो मेरे कमर पर हाथ रखकर चूतड उछालना शुरू की, आकांक्षा आकर बेड पर लेट गई फिर खुद ही बुर में उंगली की मदद से पिल्स घुसाने लगी और मैं विशाखा के चिकने बदन पर लेटकर धक्का दिए जा रहा था तो वो चूतड उछाल उछाल कर चुदाने में मस्त थी। मैं विशाखा की बुर की गर्मी से राहत चाहता था लेकिन उसकी बुर रस कब फेंकेगी मुझे क्या पता, मॉम चूतड स्थिर कर मेरे गाल चूमने लगी तो दो जिस्मों का आपस में घर्षण साथ ही उनकी बड़ी बड़ी चूचियों की छाती पर रगड़ मुझे काम उत्तेजना से परिपूर्ण कर चुकी थी और अब विशाखा आहें भरने लगी ” आह उह उई बुर से रस निकल जायेगा ” और मैं साथ आठ धक्का दिया की उनकी बुर रसीली हो गई, मैं उनके चूत से लन्ड निकाल लिया फिर वाशरूम चला गया, दोनों मेरे लन्ड को चूसी थी साथ ही ४-५ मिनटों से बुर की चुदाई किया था तो लन्ड पूरी तरह से टाईट और गर्म हो चुका था, मैं बेड पर आकर लेटा तो मॉम उठकर चली गई और आकांक्षा मेरे करीब होकर मेरे छाती सहलाने लगी ” क्यों डियर बुर तो चुदाई को तैयार है
( मैं उसके बूब्स पकड़ दबाने लगा ) थोड़ा रेस्ट उसे लेने दो फिर देर तक टिकेगा जान ” और मैं आकांक्षा के बूब्स पर मुंह लगाए उसे चूसने लगा तो बहन मेरे पीठ सहला रही थी, मैं चूची चूसते हुए उसके गाल पर हाथ फेर रहा था और वो ” आह आआआअह्ह्ह ऊऊऊह भैया बुर में खुजली हो रही है चोदो ना ” और मैं चूची मुंह से निकाल दिया।
आकांक्षा की चूतड के नीचे तकिया डाला ताकि बुर और लन्ड आमने सामने हो फिर बुर के दरार में सुपाड़ा रगड़ने लगा तो मेरा आधा लन्ड खसखसाता हुआ उसकी बुर के अंदर चला गया, इसकी चूत का सिल तो टूटे दो दिन ही हुए थे और मैं जोर से धक्का देकर चुदाई शुरू किया और वो चीखने लगी ” उई मां फाड़ दिया मेरी बुर आराम से चोद ना
( मैं तेजी से धक्का देते हुए चुदाई करने लगा और उसके बूब्स को दबाए जा रहा था ) क्यों इधर उधर मुंह तो नही मार ली बुर ढीली लग रही है
( आकांक्षा धीमी स्वर में बोली ) नही यार तुमसे ही चुदवाई थी शक मत करो ” और मेरा लन्ड उसकी चूत में धकाधक चुदाई करता हुआ उसके तार तार ढीला कर रहा था और बहन के चेहरे से साफ लग रहा था की उसको चुदाई में दर्द के साथ मजा मिल रहा है, मैं अब उसके बदन पर लेटकर चोदने लगा तो वो मेरे चेहरे को चूम रही थी ” आह आआआह्हह ऊऊहु बुर को फाड़ दिए साले अब तो तेरी बहन इधर उधर भी मुंह मारेगी ” मैं चुप रहा और उसकी बुर आग की भट्टी बन चुकी थी, कुछ देर में उसकी बुर रसीली हो गई तो मैं लन्ड को बुर से निकाला फिर लेट गया, मॉम उधर से आई तो नाईट गाउन पहन रखी थी ” क्यों अभी तक उसको चोद ही रहे हो
( मैं बोला ) जल्द ही इसकी चूत को शांत कर दूंगा फिर आपकी चुदाई होगी ” मैं दुबारा आकांक्षा की बुर में लन्ड घुसाया फिर चोदते हुए उसके ऊपर लेटकर ओंठ चूमने लगा और वो मेरे बदन के नीचे लेटकर चुदाई का मजा ले रही थी ” रोज रात एक बार चोदो तब मैं तुम्हें असली मजा दूंगी ” और मैं चोदते हुए हांफने लगा फिर ८-१० धक्का देकर बुर में वीर्य स्खलित कर उसके ऊपर लेटा रहा तो वो मेरे गाल चूम ली ” अब मैं चली अपने रूम तुम मॉम के साथ एंजॉय करो ” थोड़ी देर बाद दोनों फ्रेश हुए और बहन अपने रूम चली गई तो मैं नंगे लेटा रहा।

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