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रितु की चूदाई पाट 5

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रितु बोली – इसके पीछे एक कहानी है.. और पुती क्या तुम कहानी सुनोगे?
तो मैने कहा – सुनाई रितु जी.

रितु बोली – यह कोई कहानी नहीं है, मेरी लाइफ की दुख भरी दास्तान है. इसलिए अगर मन हो तो ही सुनना.
मैने – मैं सच में रितु जी सुनना चाहता हूँ.
रितु बोली – तो सुनो.

उस जम मेरी उम्र 18 साल की थी तो मेरी शादी करवा दी गई. कच्ची उम्र में एक लड़की को सेक्स की बहुत ज़्यादा लालसा होती है, मुझे भी थी.

रात को मैं अपनी सुहागसेज़ पर बैठी अपने पति की इंतजार कर रही थी. मैंने तो कभी अपने पति से बात भी नहीं की थी, मुझे अपने पति के स्वभाव के बारे में कुछ पता ही नहीं था.

जैसे ही मेरे पति कमरे में आए, मेरा दिल धक धक करने लगा. मेरे पति के साथ एक लड़की आई थी, ओ दूध का ग्लास लेकर आई थी. लड़की दूध रख के बाहर गई और लड़की ने कमरे का दरवाज़ा बन्द कर दिया और शायद बाहर से कुण्डी भी लगा दी थी.

मेरे पति आकर मेरे पास बैठे, मेरे कन्धे पर हाथ रखा और बोले – रितु.
फ़िर बोले – रितु आज तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो.
फिर मेरे पति उठे और अलमारी को खोला और उसमें से एक नाइटी निकाली, जो तुमने आज काट दिया विक्रम। तुम्हारे तरह मेरे पति भी बहुत उत्तेजक थे.
मेरे पति बोले – इसे पहन कर आओ.

मैं अपने पति के कहे अनुसार बाथरूम में जा के नाइटी पहनी और बाहर आ गई.

और मेरे पति दरवाज़े के पास ही खड़े थे, मुझे गोद में उठाया और फ़िर बिस्तर पे ले आए.

बिस्तर पे अचानक मुझ पर किसी भेड़िये की तरह टूट पड़े, मुझे बहुत बुरी तरह मसल रहे थे.. उनके हाथ मेरे पूरे जिस्म पर घूम रहा था. मैं बहुत गर्म हो गई थी और सिस्कारियां भर रही थी.
मेरे पति ने मेरी नाइटी उतार दी और अपने कपड़े भी उतार फेंके.

और मैं शर्म के मारे आंखें बंद करके लेटी रही.. मेरे पति मेरे जिस्म से बच्चे की तरह खेलने लगे. मेरे पति मेरे बूब्स को मसल रहे थे. पूरा कमरा मेरी सीत्कारों से गूंजने लगी. फ़िर मेरे पेट पर किस करने लगे.. और धीरे धीरे मेरी चुत की तरफ़ बढ़ने लगे.

इधर मेरी धड़कनें रुकने लगी थीं.. फ़िर धीरे से मेरे पति ने मेरी चूत को हाथ से सहलाया, मेरे मुँह से आनन्द भरी किलकारी निकल पड़ी. और वो मेरी जांघों पर किस करने लगे और जीभ निकाल कर मेरी चूत की फांकों पर रख दी.. मेरी आंखें एकदम से खुलीं और फ़िर आनन्द के मारे बंद हो गईं.

मेरे पति किसी कुत्ते की तरह मेरी पूरी चूत को चाटने लगे, मेरा फर्स्ट टाइम था. इसलिए मेरा सब्र टूट गया और मैं चीख मार के झड़ने लगी.. तो मेरे पति चुस्कियां लेकर मेरा रस पीने लगे.

मेरी आंखें फ़िर एक बार खुल गईं. मैं आंखें बड़ी बड़ी करके छत को देख रही थी और गहरी साँस ले रही थी. तभी मेरी चूत से एक दर्द की लहर उठी, जो मेरे पूरे जिस्म में दौड़ गई. मेरे मुँह से दर्द भरी आह्ह्ह्ह्ह निकली.. मुझे अहसास हुआ कि मेरी चूत में कुछ है. मैंने सर उठा के चूत की तरफ़ देखा.. मेरे पति मेरी चूत में उंगली डाल के कुरेद रहे थे. फ़िर धीरे से उन्होंने दूसरी उंगली भी डाल दी. दर्द के मारे मेरे मुँह से ‘आउउउउउच..’ निकला.

मैंने झटके से फ़िर से सर बिस्तर पर पटक दिया और सर लेफ्ट राइट घुमाने लगी. अब मुझे मेरी चूत मैं मेरे पति की उंगलियां मज़ा देने लगी थीं.

अचानक मेरे पति ने मेरा हाथ पकड़ा और झटके से मुझे खींच लिया. मैं बैठ गई और आंखें खोल कर अपने पति के चेहरे को देखने लगी.
मेरे पति पुछे – मज़ा आया???
मैंने आंखें बंद करके शर्मा कर कहा – हाँ बहुत…
और मेरे पति पुछे – और मजे करने हैं??
मैंने शर्मा के हाँ में सर हिलाया.
मेरे पति बोले – जैसा मैं बोलता हूँ, वैसा ही करो.. चलो बिस्तर के नीचे उतर के बेड के नजदीक बैठ जाओ.

मैंने ठीक वैसा ही किया जैसा मेरे पति ने बोला. वो बिस्तर पर किनारे बैठ गए और बोले – मेरा लंड मुँह में लो.. खेलो इससे.
मैं अवाक रह गई और अपनी बड़ी सी आंखें फाड़ कर अपने पति के चेहरे को देखने लगी.

मेरे पति बोले – डरो मत कुछ नहीं होगा.
मैंने अपने पति को बोले इसको भी कोई मुँह लगाता क्या??
तो मेरे पति बोले – हाँ.. जो बोला, वो करो..

इतनी देर से मेरे पति नंगे थे लेकिन अभी तक मैंने उनका लंड ठीक से नहीं देखी था.

अब मैंने उनके लंड पे नज़र डाली वो 3 इंच का छोटी आकार का किसी लोहे के टुकड़े की तरह सीधा खड़ा था. मैं अपने पति को ध्यान से देखने लगी. ऊपर महरूम जैसा सुपारा.. पतली सी चमड़ी से थोड़ा सा मुँह निकाल कर जैसे मुझे देख रहा हो.. ठीक ऊपर उसके छोटे से छेद में एक पानी की बूँद जमी हुई थी. लंड को मैंने अपनी ज़िंदगी में पहली बार देखी थी.

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लंड को देख कर मुझे अच्छा भी लग रहा था और डर भी लग रहा था.

मेरे पति बोले – इसको हाथ में पकड़ो!
मैंने छोटे बच्चे की तरह उनकी बात मान कर लंड हाथ में ले लिया.
फ़िर बोले – इसके छेद पे लिक करो.

मैंने बहुत ही संभाल अपने पति के लंड पर जमी वो पानी की बूँद को जीभ की नोक से चाट लिया. उसका स्वाद अजीब नमकीन सा था. मैंने अपने पति के सामने देख के मुँह बनाई
तो मेरे पति बोले – थोड़ी देर के बाद ठीक हो जाएगा.

फ़िर मेरे पति उठे और मुझे वहीं बैठने को बोला. उन्होंने एक टेबल की दराज से शहद का डिब्बा निकाला और फ़िर वहीं आकर बैठ गए, जहां बैठे थे.
फ़िर ढक्कन खोल कर अपने पूरे लंड को शहद से भिगो दिया और मेरी तरफ़ देख के इशारा किया.. मैं समझ गई और बिना कुछ बोले अपने पति के पूरे लंड को चाटने लगी. मैंने मुँह खोल के पूरा का पूरा लंड मुँह में भर लिया और कोई बच्चा जैसे दूध की बोतल चूसता है, वैसे लंड चूसने लगी.

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करीब दस मिनट लंड चूसने के बाद मेरे पति मेरे सर को पकड़ कर लंड से मेरे मुँह में जोर जोर से धक्के देने लगे, मुझे कुछ महसूस नहीं हुआ बस कुछ बोल नहीं पा रही थी.

फ़िर मेरे पति ने मेरे सर को पकड़ा और लंड को मेरे मुँह में डाले हुए ही मुझे फर्श पे लेटा दिया और वो मेरे ऊपर लेट गए. मेरे पति की टांगें मेरी छाती के आसपास थीं उनका लंड मेरे मुँह में था और उनके लंड की गोटियां भी मुंह में थीं.

और मेरे पति उछल उछल कर मेरे मुँह में लंड डालने लगे, मेरा मुँह छिल रहा था, पर मैं कुछ कर भी तो नहीं सकती थी. थोड़ी देर मेरा मुँह बेरहमी से चोदने के बाद वो झड़ने लगे. मेरा मुँह किसी लिसलिसी चीज़ से भर गया, जो ना चाहते हुए भी मुझे निगलना पड़ा.

धीरे धीरे मेरे पति का लंड मुरझा कर मेरे मुँह से बाहर आ गया. वो उठे, पानी का गिलास भर के मुझे पिलाया और मुझे उठा कर बेड पे लेटा दिया.

मैं रो रही थी तो मेरे पति मुझसे माफ़ी माँग के मुझे चुप करा रहे थे. उनके प्यार दुलार से मैं थोड़ी देर में नॉर्मल हो गई.

फिर हमने जी भर के एक घंटा तक बातें की और इसी बीच मेरे पति का हाथ फ़िर से मेरे जिस्म पर घूमने लगे. मैं गर्म होने लगी. वो मेरे बूब्स चूसने लगे. एक एक बूब्स के निप्पल को चुटकी में भर के मसलने लगे. जैसे तुम दबाते हो मुझे पूरे जिस्म पर हाथ का जोर देकर रगड़ने लगे.

अचानक मेरे पति उठे, मेरी टांगों को मोड़ कर अपने कंधों पर रखे। और अपना लंड मेरी चुत पे रगड़ने लगे. उन्होंने मेरी चुत पे अपना लंड सैट किया और जोर से झटका मारा. उनका आधा लंड मेरी चूत को चीरता हुआ अन्दर घुस गया. मैं चिल्ला उठी.. उन्होंने बिना रहम खाए 10 – 15 धक्के दे दिए और इतने में ही मेरे पति का माल निकल गया.

मेरी चुत से खून निकल रही थी. थोड़ी देर बाद उनका लंड मुरझा कर मेरी चुत से बाहर आ गया. मेरे पति का लंड भी मेरी सील पैक चुत की कसावट के कारण छिल गई थी

फ़िर मेरे पति बिना मेरी तरफ़ देखे सो गए. मैं थोड़ी देर रोने के बाद उठी और बाथरूम में जा कर गीजर ऑन करके बाथटब में लेट कर चुत की सिकाई देने लगी.

कुछ मिनट बाद बाहर आकर मैंने कपड़े पहने और सो गई. सुबह आंख खुली तो 9 बज गए थे.

जैसे ही खड़ी हुई, टांगों के बीच दर्द की लहर दौड़ गई. लंगड़ाते हुए बाथरूम में गई और सुसु करने बैठी. सुसु करते वक्त मेरी चुत में तेज़ जलन हो रही थी.

करने के बाद कमरे से बाहर आई तो कल वाली लड़की नाश्ते की टेबल पे बैठी नाश्ता कर रही थी.

मुझे देखते ही बोली – मम्मी, भाभी उठ गईं, उनके लिए नाश्ता लाओ.
मम्मी मेरे लिए नाश्ता और जूस लेकर आईं, मैं नाश्ता करने लगी.
नाश्ता करने के बाद मेरी सास ने कहा – जाओ कमरे में आराम करो, कल रात नींद पूरी नहीं हुई होगी.

मैं शर्मा के अपने कमरे में आ कर बेड पे लेट गई.

फ़िर थोड़ी देर बाद मेरी ननद रिद्धि मेरे पास आई और हम दोनों बातें करने लगीं. पूरा दिन हमने हंसी मजाक में निकाल दिया.

रात को मेरे पति लेट से घर आए, मैंने उनको खाना परोसा, खाना खाने के बाद हम दोनों बेडरूम में गए. उन्होंने मुझे तुरंत कपड़े उतारने को बोला और खुद भी नंगे हो गए. मैं नंगी उनके सामने खड़ी हो गई.
उन्होंने मुझे बेड पे लेटा दिया और मेरी टांगों के बीच आ गए और लंड को मेरी चूत पे सैट करके एक ही झटके में मेरी चूत में ठोक दिया.

मैं चीखने लगी और वो बिना परवाह किए चोदते गए. करीब 4 मिनट बाद मुझे मज़ा आने लगा और अभी मैं कुछ करती कि मेरे पति झड़ गए. मुझे गुस्सा आ रहा था, पर अपनी मर्यादा ने मुझे कुछ बोलने नहीं दिया. मेरे पति मुँह फेर कर सो गए और में प्यासी तड़पती रह गई.

अब ये रोज़ मेरे साथ होने लगा था. वो आते, कपड़े खोल कर मेरी चूत में तुरंत लंड डाल देते. जब तक मैं गर्म होती, तब तक वो झड़ जाते.

फिर हम दोनों नोएडा शिफ्ट हो गए और और दवाई से दो बच्चे हो गए और जब तुम से बात की तो तुम्हारा लंड देख कर पागल हो गए और तुम से बात करने लगी विडियो काल सेक्स करने लगी और तुम से चुदने के सपने देखने लगी और जब तुमने पार्क में अपनी लंड डाली तभी से मैं पागल हो गई थी तुम्हारे लंड के लिए।

इतना कह कर रितु रोने लगीं. मैंने रितु को चुप कराने लगा – नहीं रितु जी आपने मुझे अपनी चूत चुदाई के लिए बुलाई हो तो मुझे भी तो आपकी चूत चोदने का मोका मिला.. आय लव यू रितु जी!

फिर रितु मुस्कुरा उठीं, मुझे किस किया और बोलीं – जाओ, मेरे लिए दर्द की तैयारी करो मै ऊथा अपने फटे कपड़े पहने और रितु कि स्कुटी लेकर मार्केट गया और रात के लिए कुछ चीजें लीं

मैंने एक दुकान वाले से पुछा भाई वो सेक्स के खिलौने कहां मिलते हैं.
दुकान वाला मुझे एक लडके के साथ जाने को बोला मैं उसके साथ चला गया।

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