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रानी की जवानी : भाग ५

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रानी आज मार्केट घूमने गई और वहां एक मर्द ने मुझे कॉल गर्ल समझ लिया, फिर क्या था दोनों को तो एक ही की तलाश थी और फिर मुझे पैसे पर गौरव अपने गेस्ट हाउस ले आया, दोनो व्हिस्की का आनंद लिए साथ ही ओरल सेक्स करने लगे, रानी को तो अब गैरों की तलाश थी तो आज खासकर मार्केट इसी खोज में निकली थी और फिर गौरव से मुलाकात हुई और फिर… गौरव वाशरूम से निकला तो मैं दोनो ग्लास में ड्रिंक्स बनाए सिगरेट फूंक रही थी, नंगी बैठी हुई अपने जांघ पर जांघ रख थी की गौरव टॉवेल कमर से लपेटे पास आया फिर मेरे बगल में बैठ गया और दोनो व्हिस्की पीने लगे तो गौरव मेरे गाल चूम लिया ” हिमानी तुम नोएडा में रहती हो
( मैं बोली ) हां गौरव, सेक्टर ४४ में
( वो ग्लास टेबल पर रखा फिर चूची पर मुंह लगाए चूसने लगा ) ओह साहेब इतनी जल्दी क्या है इस ड्रिंक्स के बाद तो बेड पर ही मजा लेना है ” तो गौरव चूची मुंह से निकाला फिर दोनो ड्रिंक्स लेने लगे तो मैं अपना हाथ बढ़ाए उसके टॉवेल को खोल दी और उसके मूसल लन्ड को पकड़ हिलाने लगी तो वो खाली ग्लास रख पूछा ” कोई दवाई लेती हो या कंडोम
( मैं बोली ) कुछ नही अंदर तो कॉपर टी लगवा रखी हूं ” तो गौरव और मैं नंगे ही बेडरूम चले गए और फिर मैं उसके सामने बेड पर लेट गई, जांघों को फैलाकर बुर को सहलाना शुरू की कि गौरव मेरे हाथ पकड़ उसे चूम लिया ” डार्लिंग तुम खूबसूरत हो, जवान हो और कहां तक पढ़ाई की है
( मैं बोली ) जी मैं ग्रेजुएट हूं लेकिन इस काम के लिए काम कला में निपुण होना चाहिए ” गौरव एक तकिया लिया फिर मेरे चूतड के नीचे लगाया और मुंह को बुर पर रख चुम्बन देने लगा साथ ही मेरे कमर से लेकर बूब्स तक पर हाथ फेरने लगा, मैं तो बुर पर उसके ओंठ से मस्त थी साथ ही बदन में सिहरन सी महसूस होने लगी और गौरव मेरे बुर को चूमता हुआ उसे उंगलियों से फैलाया ” इस काम के लिए पढ़ाई जरूरी नहीं लेकिन मेरी ऑफिस में काम करने के लिए जरूरी है, वो बुर को जीभ से चाटना शुरू किया तो मैं बुर में जीभ के प्रवेश से मस्त थी, काफी गुदगुदी होने लगी ” मेरी जैसी रण्डी को नौकरी की क्या जरूरत, बिस्तर पर दो घंटे लेटकर भी अच्छा पैसा कमा लूंगी ” तो भी गौरव बुर में जीभ डाले उसे चाटे जा रहा था तो मैं बेड पर लेटे हुए उससे चुदाने को तड़प रही थी ” उह आह ओह अब बुर में खुजली होने लगी डियर अब अपना मूसल लन्ड तो पेल दो
( वो बुर से जीभ निकाला ) बेबी मेरी कंपनी में असिस्टेंट का काम करोगी तो तेरे हब्बी को लगेगा की जॉब करने जाती है और इसी बहाने इस प्रोफेशन में काम करते रहना ” मैं कुछ नही बोली और फिर गौरव मेरे जांघों के बीच लन्ड पकड़े बैठा।
रानी ऊर्फ हिमानी तो जांघें फैलाई लेटी हुई थी और बुर के मुहाने में गौरव का सुपाड़ा घुसा और वो आराम से लन्ड को अंदर घुसाने लगा, कोमल गुदाज बुर में लन्ड थोड़ा घुसा होगा की मुझे तो दिन में ही तारे नज़र आने लगा और इतने में गौरव मेरे कमर को पकड़े जोर का धक्का दिया तो मैं बुर में असहनीय दर्द महसूस करते हुए चिंख उठी ” उह गधे का लन्ड पेल दिया क्या फाड़ डालेगा
( उसका लन्ड गपागप अंदर बाहर होने लगा तो वो मेरे बूब्स पकड़े बोला ) तुम किसी दिन अपने हब्बी से जॉब के बारे में पूछ लेना फिर इसी बहाने मेरी ऑफिस आ जाना और तुम्हें इस प्रोफेशन में कस्टमर की कमी मैं नहीं होने दूंगा ” तो मैं उसके लन्ड का धक्का सहते हुए चूतड ऊपर नीचे करने लगा और वो तुरंत ही मेरे ऊपर सवार हुए चुदाई की गति तेज कर दिया तो रानी उसके कमर पर हाथ रख चूतड उछालना शुरू की फिर तो दोनो संभोग सुख में लीन हो गए, मेरे बूब्स उसकी छाती से रगड़ खा रहे थे तो उसका लन्ड बुर के अंदर तक धक्का देकर मेरी रसीली बुर को गर्म किए जा रहा था और मैं चूतड उछाल उछाल कर चुदाने लगी, मेरे गाल चूमते हुए वो बोला ” तेरे लिए इस गेस्ट हाउस का द्वार हमेशा खुला रहेगा वैसे कस्टमर तो तुम्हें होटल हो या अपने घर जहां ले जाएं
( मैं चूतड स्थिर की ) इस प्रोफेशन के बारे में सोचूंगी गौरव, फिलहाल मुझे वाशरूम जाने दो ” तो वो अपना लन्ड बुर से निकाल दिया और मैं उठकर वाशरून चली गई, फ्रेश होकर वापस नंगे आई ” बोलो तो एक एक ड्रिंक्स बना लाऊं
( वो हंस दिया ) ओके ले आओ ” फिर मैं नंगे ही डाइनिंग हॉल गई और दो ग्लास में व्हिस्की डालकर ड्रिंक्स बनाई, सिगरेट और लाइटर लिए रूम आई तो गौरव उठकर बैठा फिर मैं सिगरेट फूंकते हुए खड़े खड़े ड्रिंक्स लेने लगी, मेरे नंगे जिस्म को देखते हुए गौरव बोला ” मेरी शादी को चार साल हो गए लेकिन हिमानी अब हमदोनों को एक दूसरे में मजा ही नही आता
( मैं एक पैर बेड पर रख बोली ) इसलिए तो मेरी जैसी रण्डी बनी हैं, रोज रोज घर का खाना स्वादिष्ट नही लगता ”
दोनों व्हिस्की पीकर नशे में झूम रहे थे तो रानी ऊर्फ हिमानी पर शराब का नशा कुछ ज्यादा ही चढ़ा हुआ था, मैं अब बेड के किनारे हुए गौरव के हाथ से ग्लास लेकर रख दी फिर उसके कमर के पास बैठी, उसका मूसल लन्ड पकड़कर मैं चूमने लगी फिर बोली ” इस लन्ड पर बैठकर चुदाई का मजा लूंगी ” फिर उसके टाईट लन्ड के ऊपर जांघें फैलाई बैठ गई तो चूतड उसके कमर के ऊपर था और गौरव मेरे कमर को पकड़ा तो मैं उसके लन्ड जोकि मेरी बुर के ठीक नीचे था को पकड़ ली और उसके मांसल सुपाड़ा को बुर में घुसाई फिर मैं थोड़ा लन्ड बुर में घुसते ही अपने गोल गद्देदार गांड़ को नीचे की ओर धंसाने लगी, गौरव का लन्ड मेरी बुर में आधा घुसा ही होगा की वो कमर पर हाथ रख नीचे से धक्का मार चोदना शुरू किया तो मैं चूतड ऊपर नीचे करते हुए चुदाई का आनंद लेने लगी और वो धकाधक चोदता हुआ मेरे बूब्स पकड़ दबाने लगा तो मेरी बुर को सही में पहली बार ऐसा लन्ड मिला था जिससे मेरी कोमल गुदाज योनि को मीठी एहसास के साथ मस्ती मिल रही थी। मैं अब चूतड उछाल उछाल कर चुदाते हुए बुर की गर्मी से परेशान थी की गौरव मेरी बुर में लन्ड पेल छोड़ दिया ” जरा उतरो डार्लिंग ” मैं उतरकर बेड पर लेट गई तो गौरव वाशरूम चला गया, दोपहर के ०१:१० बजे होंगे तो अब पेट को भी भूख लगने लगी लेकिन व्हिस्की का नशा और लन्ड की मस्ती के सामने क्या पेट की भूख! मैं बेड पर लेटी थी फिर गौरव के आते ही बोली ” यार कुछ खाने का इंतजाम करो बहुत तेज भूख लगी है ” और गौरव झट से अपने एक नौकर को कॉल किया तो हल्का फुल्का खाने का मन था, मैं कुछ देर यों ही लेटी रही और गौरव हंसते हुए बोला ” आधे घंटे में खाना आ जायेगा, तब तक क्यों नही दोनो एक दूसरे के साथ एंजॉय करें ” ….. आगे क्या हुआ अगले भाग में।

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