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यात्रा के दरम्यान संभोग सुख : भाग ३

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फ्रेंड्स
दीपा तो ससुराल से निकली थी और उसके मन की मुराद पूरी हो गई, ट्रेन पर मोंटी के साथ दो बार संभोग क्रिया की लेकिन मेरी चूत की तकदीर ही अच्छी थी की कूप का दरवाजा खुला रहने के कारण एक पुलिसवाला मुझे चादर में लिपटे देख सब कुछ समझ गया और फिर ट्रेन में गैर के साथ सेक्स कर रही थी तो मेरा तमाशा तो बन ही जाता इसलिए पुलिसवाले की शर्त मान ली। मैं तो नाईटी पहने बर्थ पर बैठी थी तो मोंटी अब ऊपर के बर्थ पर चला गया ताकि एक बर्थ पर बेटा आराम से सोता रहे और दूसरे बर्थ पर मॉम एक अजनबी से चुदाई का मजा ले, फिरोज मेरे नाईटी की डोरी खोलने लगा तो मैं उसके मुसल लन्ड को सहलाने लगी और फिर फिरोज मेरे कंधे में हाथ डाले गाल चूमने लगा तो अभी रात के ०१:०० बजे थे और ट्रेन कानपुर इलाहाबाद के बीच थी सो समय की कमी नही थी और मैं फिरोज के जांघ पर चूतड रख उसके गाल चूमने लगी तो मेरा दाहिना बूब्स उसकी छाती से चिपका हुआ था और वो मेरे रसीले ओंठ को चूमने लगा तो मैं उसके मुंह में ओंठ डालकर चुसवाने लगी, कुछ देर तक ओंठ चुसा फिर मुझे बर्थ पर लिटाया तो मैं टांगे चिहारे लेट गई लेकिन फिरोज चुदाई से पहले ओरल सेक्स करने के मूड में था, वो मेरे सीने पर चेहरा किया फिर बूब्स को मुंह में लिए चूसने लगा और मैं उसके बाल सहलाते हुए स्तनपान कराने लगी ” आह उह इस तुम तो सही समय पर मिले तेरा लौड़ा देख ही मुंह में पानी आ गया
( वो स्तन मुंह से निकाला ) तो पटना में कहां रहती हो
( मैं हंस दी ) चिंता मत करो दानापुर कैंट का पता भी दे दूंगी और फिर तेरे साथ ये सब मेरा चलता ही रहेगा ” वो मेरे दूसरे स्तन मुंह में लिया फिर चूसने लगा साथ ही एक बूब्स को दबाए जा रहा था तो मैं मस्त हो रही थी लेकिन फिरोज जल्द ही मेरे सपाट पेट से लेकर कमर तक को चूमने लगा और बर्थ पर लेटकर मैं जिस्म की गर्मी से परेशान थी लेकिन अभी तो योनि चटवाना शेष था तो उसके लन्ड भी चुस्ती और कमर तक चूम कर फिरोज मुझे बर्थ पर बैठने बोला और मेरी गांड़ के नीचे तकिया रख दिया जिससे मेरी चूतड बर्थ से थोड़ी ऊपर हो गई जबकि मैं दोनों पैर घुटनों के बल मोड़कर बैठी थी और फिरोज मेरे सामने फर्श पर बैठा फिर बुर को चूमने लगा तो मैं उंगलियो की मदद से बुर फैलाई जिसमें वो जीभ घुसाए चाटना शुरू किया, मैं तो उसके बाल को पकड़े उसके चेहरा को बुर की ओर धंसा रही थी तो मेरी ढीली चूत में उसका लम्बा जीभ घूम रहा था और मैं आहें भरने लगी ” आह उई बुर में इतनी खुजली चाटो यार फिर तो तेरा लन्ड चूस कर चुदवा लूंगी
( वो बुर से जीभ निकाला और मेरे बुर की फांकों को आपस मे सटाए बोला ) तू बहुत खुबसूरत है ” और वो मेरे बुर के फांकों को मुंह में लिए चूसने लगा, कोमल अंग का मुंह में होना मुझे अच्छा लग रहा था और मैं बुर की खुजली से कामुक हो चुकी थी लेकिन वो बुर को मुंह से निकाल दिया।
मैं अब फिरोज को लेटने बोली और वो बर्थ पर लेट गया तो मैं उसके लन्ड को पकड़ मुंह में घुसाई और चूसने लगी, आधा लन्ड मुंह में लिए ही मुंह भरा हुआ लग रहा था और मैं चेहरा का झटका देते हुए मुखमैथुन करने लगी और वो लेटे हुए ही मेरे चूची को पकड़ दबाने लगा, मैं तो उसकी जांघो के बीच बैठकर मुखम्मेथुन कर रही थी तो फिरोज मेरे सर पर हाथ रख चूतड को उपर नीचे करते हुए लन्ड से मेरी मुंह को चोदने लगा और मैं उसके लन्ड चूस ही रही थी की बुर तीसरी बार रसीली हो गई जिससे मैं थोड़ी ढीली पड़ गई और उसके लन्ड को मुंह से निकाल कर जीभ से चाटने लगी तो फिरोज मेरी चूची दबाते हुए पूछा ” दीपा तुम तो आर्मी ऑफिसर की बीबी हो क्या तुम लोग बीबी की अदला बदली भी करके मजे लेती हो
( मैं शरमा गई ) दानापुर में तो ऐसा नही होता लेकिन अंबाला कैंट में ये होता था ” और फिर मैं लन्ड को छोड़कर नाईटी पहन ली, वो भी अपना पेंट और बनियान पहन लिया फिर दोनों वाशरूम चले गए और मैं फ्रेश होकर कूप में आई तो फिरोज पीछे से आया और अपना पेंट उतारकर नंगा हो गया, मैं उसे देखकर बोली ” खड़े खड़े चोदोगे
( वो बोला ) क्यों नही चल दरवाजे पर हाथ रख घोड़ी बन जा ” और मैं खड़ी हो गई तो मेरी जांघें फैली हुई थी जिसे फिरोज और फैला दिया फिर मुड़कर देखने लगी साथ ही उसके सुपाड़ा बुर के अंदर घुसने का एहसास मिल रहा था, वो मेरी रसीली चूत में लन्ड आराम से डाले जा रहा था और फिर कमर पकड़े जोर का धक्का देकर पूरा लन्ड अंदर कर दिया ” आह आउच मेरी बुर फट रही है ” लेकिन फिरोज धकाधक चुदाई करने लगा, उसका लौड़ा भले ही मोटा था लेकिन दीपा की चूत में आराम से रगड़ा दे रहा था और मुझे मजा आने लगा तो मैं भी चूतड को हिलाने लगी ” आह ओह उह चोद चोद और जोर से मुझे रण्डी की तरह चोद बहुत मजा दूंगी ” और फिरोज मेरे चूची को दबाने लगा तो मैं चूतड को स्प्रिंग की तरह हिलाते हुए चुदाने लगी, मेरे बुर में उसका लन्ड पूरी तरह से फीट बैठ रहा था और ऐसे मुसल लन्ड से चुदवाना मुझे पसंद था तो मैं चूतड हिलाना बंद कर दी और फिरोज चोदता हुआ मस्त था ” क्यों बेबी चूतड हिलाओ ना ” लेकिन मेरे पैर में दर्द होने लगा फिर भी मैं चूतड को हिलाना शुरू की और फिरोज तो पूरे गति से मेरी बुर को चोद रहा था, अभी तो तीन चार मिनट से ही बुर में धक्का पड़ रहा था तो साले का लौड़ा लोहे के सलाख की तरह था और अब कोमल जननांग में उसका लन्ड चुभने लगा तो मैं सिसकने लगी ” आह ओह उई आह थोड़ा रेस्ट चाहिए यार बुर तो आग की भट्टी बन चुकी है ” और फिर फिरोज लन्ड को बुर से निकाल दिया तो मैं बर्थ पर बैठ गई, वो मेरे बगल में बैठ गया और गाल चूमने लगा, उसका लौड़ा देख ही कोई लौंडिया या नवविवाहिता सहम जाती लेकिन दीपा तो चुदाई में एक्सपर्ट हो चुकी थी और कितने दिनों के बाद ऐसे लन्ड का स्वाद मिला था, मैं उसके लन्ड को सहलाने लगी ” कितनी देर तक तेरा लन्ड चूत के अंदर टिकेगा
( वो हंस दिया ) अभी तो चोदना शुरू किया हूं ” और मैं अब बर्थ पर घुटनो के बल हुई तो फिरोज मेरे चूतड के सामने खड़ा हुआ फिर बुर मे लन्ड घुसाने लगा, पता नही चौथी बार बुर रस छोड़ेगी क्या और उसका लन्ड अंदर घुसा फिर वो चोदते हुए मस्त था और मैं चूतड को हिलाना शुरू की ” आह ओह चोद बुर का कचूमर निकाल दिए साले
( वो बेरहम इंसान की तरह बुर चोदने में लगा हुआ था ) तेरी बुर में लन्ड डालकर वर्षों बाद ऐसा मजा आया
( मैं पीछे मुड़कर बोली ) क्यों बीबी की बुर भोंसड़ा हो चुकी है ” वो चुप रहा और उसका लन्ड मेरी बुर को दे दनादन चोदे जा रहा था, मैं तो कामुकता के चरम पर थी और अब बुर के अंदर वीर्य चाहती थी लेकिन उसका लौड़ा अभी टिकने वाला था और मैं चूतड हिलाते हुए चुदाने में लीन थी, अब फिरोज चोदता हुआ हांफने लगा तो मैं भी चूतड को तेजी से हिलाने लगी ” अब तो रहम करो मेरी बुर में रस गिरा दो डियर बुर में तो आग लगी हुई है ” लेकिन वो चुदाई में मस्त था, मैं तो तीसरी बार चुदवा रही थी और मेरे कोमल जननांग में २० मिनट से लन्ड रगड़ा दे रहा था लेकिन अब मुझे बुर से रस निकलने का एहसास हुआ और उधर फिरोज भी बोल पड़ा ” आह ओह उह मेरा निकल गया ” तो चूत रस फेंकने लगी और फिरोज के लन्ड से गर्म चिपचिपा पदार्थ का धार निकलकर बुर को लबालब भर दिया, मेरे बदन का तार तार ढीला हो गया फिर मैं अलग हुई और फ्रेश होकर अपने बर्थ पर सो गई जबकि फिरोज मुझे अपना मोबाइल नम्बर देकर चला गया।

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