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भैया के साथ सहवास : भाग ३

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जिया और नितिन सोफा पर बेठे हुए थे लेकिन भैया पूर्णत नग्न तो बहन सेक्सी ड्रेस में और दोनो एक एक ग्लास बीयर पीकर मस्त हुए लेकिन उतनी भी मस्ती मुझमें नहीं चढ़ी की भैया को अपने ऊपर चढ़ने दूं, उनके लन्ड को पकड़ बोली ” भैया एक ग्लास और फिर देखना कैसे तेरे लन्ड को उसमें डुबोकर चटूंगी ” तो नितिन ग्लास में बीयर डाला और जिया एक सिगरेट सुलगाई ” साले तुम्हारा लन्ड तो पहले से काफी मोटा हो गया है
( नितिन ग्लास में बीयर डाला फिर दोनो बीयर पीने लगे ) उम्र के साथ तो मिटाई बढ़ेगी ना
( मैं बीयर पीते हुए सिगरेट की कश लगाने लगी ) अरे चोदुमल मुझे सब पता है, लौड़ा बुर का पानी पीकर ही मोटा होता है ना की उम्र से ” और आधा ग्लास बीयर पीकर मैं उठी फिर किसी रण्डी की तरह उसके जांघ पर अपना एक पैर रख खुद से बूब्स को पकड़ दबाने लगी ” लगता है तेरी शादी करवानी होगी नितिन
( मैं ड्रेस को कंधे से नीचे की तो दाहिनी चूची छलककर बाहर आ गई ) क्यों इस माल का कितना दोगे
( नितिन हाथ बढ़ाए मुझसे सिगरेट लेकर फूंकने लगा ) बेबी तेरी शादी जल्दी करवानी होगी तू जिस तरह से सेक्स में लिप्त हो ना ” इतने में मैं अपने ड्रेस को कमर तक की फिर ग्लास की बीयर अपने दोनो स्तन पर गिराने लगी ” अब अपनी मम्मी का बूब्स चूसो ” कहकर ड्रेस हटाई और नंगे उसके करीब बैठी तो उसका दोनो हाथ अब खाली था, मुझे प्यार से सोफा पर सुलाया तो तकिया पर सर रखे लेटी थी और इस सोफे को बेड भी बनाया जा सकता था, नितिन अब मेरे बगल में फर्श पर बैठा फिर बूब्स को पकड़ जीभ से चाटने लगा और दूसरे हाथ से दूसरी चूची को मसलने लगा, मैं उसके सर पर हाथ फेरते हुए बोली ” नितिन अभी तक मैं तीन चार लड़कों के साथ कॉल गर्ल की तरह सेक्स की हूं ” लेकिन नितिन तो चूची को मुंह में लिए चूसने लगा साथ ही दूसरा हाथ मेरी जांघों के बीच किया तो उसकी उंगली चूत के अंदर घुसते ही मुझे थोड़ी राहत मिली और वो चूसक चुस्ककर चूची का मजा ले रहा था तो बुर को उंगली से कुरेद रहा था ” उह उफ आहा अब चोद भी डालो नितिन बुर दूसरी बार गर्म हो चुकी है ” वो चूची मुंह से निकाल दूसरे स्तन को पल भर चाटा फिर दोनो बेड रूम आए, अब मैं लेट गई तो चुचियों पर चिपचिपाहट लग रही थी और मैं जिस दवाई को भूल चुकी थी, नितिन बोला ” बेबी जरा इंतजार करो वो दवाई लेकर आता हूं ” मैं भी वाशरूम घुसी फिर अपने बूब्स को पानी से धोकर बदन पोंछ डाली, वापस आई तो नितिन वो दवाई लिए बैठा था, मैं लेटकर जांघो को फैलाई ” जरा प्यार से दवाई को अंदर घुसेड़ दो फिर तीन चार मिनट धैर्य रखना ” वो उंगली की मदद से बुर में दवाई घुसाने लगा जोकि आग की भट्टी बन चुकी थी, कुछ राहत तो दवाई के पिघलने से होगी फिर दवाई को चूत के अंदर तक डालकर मेरे पेट को चूमने लगा और मैं प्यासी लड़की की तरह बेड पर छटपटा रही थी, नितिन नीचे की ओर बढ़ते हुए चूमने लगा तो मैं बुर की खुजली से परेशान थी ” उफ आह नितिन बहुत चूम लिए अब घुसा दो ना फाड़ देना छोटी बहन की चूत ” वो मेरे जांघ को चूमता हुआ अब धैर्य खो बैठा फिर मुझसे एक तकिया मांगा, वो तकिया को चूतड के नीचे डाला तो मैं टांगे चिहारे लन्ड लेने को आतुर थी, बुर में चिपचिपाहट से स्पष्ट था की दवाई पिघलने लगी है और नितिन लन्ड को थामे बुर के सामने किया, फिर तो उसका सुपाड़ा घुसते ही मैं मस्त हो उठी। पिछले दो साल में १४-१५ लड़कों / मर्द के साथ संभोग क्रिया की लेकिन सिवाय एक गुरुजी के सबका लन्ड नितिन के लन्ड से छोटा था, आधा लन्ड घुसते ही दिन में तारा दिखने लगा और तभी नितिन मेरे कमर को पकड़े जोर का धक्का दे मारा ” उई मां फाड़ दिया साला हरामि
( वो दुबारा धक्का देकर चोदना शुरू किया ) कॉल गर्ल का धंधा और भाई का लन्ड से दर्द ” और नितिन चोदता हुआ मुझे अपने वश में कर चुका था तो मेरी बुर थोड़ी गीली थी लेकिन रस का झड़ना बाकी था, वो धकाधक चोदे जा रहा था तो मैं उसको बोली ” मुझ पर लेटकर चोद जानू फाड़ दे लेकिन शांत कर दे मेरी बुर की अग्नि को
( वो मेरे पर सवार हुए धक्का मार रहा था ) बेबी बुर तो चुदाई का मजा ले ही रही है बस एक दफे गांड़ भी चोदने दे ना
( मैं उसके ओंठ चूमने लगी ) ये तो सुहागरात में पति को दूंगी और बुर तुम भी चोदते थे ये भी बताऊंगी ” नितिन मेरे ऊपर लेटे हुए चोदे जा रहा था, साले का मूसल लन्ड मेरी बुर के अंदर तक जा रहा था और मैं मस्त होते हुए उसके कमर थाम ली फिर चूतड उछालना शुरू की तो भैया चुदाई की गति को धीमे करते हुए बोले ” तुम सही में एक्सपर्ट हो कितना कमा चुकी हो धंधा से
( मैं चूतड उछाल उछाल कर चुदाई करा रही थी ) अभी चोदने पर ध्यान दो तुझे मुफ्त सेवा देती रहूंगी ” मैं चूतड स्थिर की की उसकी चुदाई से बुर दुबारा रस छोड़ दिया, मैं ढीली पड़ गई तो वो लन्ड बुर से निकाल वाशरूम चला गया, मैं बेड पर लेटी रही तो सुबह के १०:३० बजे होंगे की दोनो ने ओरल सेक्स का लंबे देर तक मजा लिया साथ ही चुदाई भी ६-७ मिनट तक नितिन कर चुका था, ऐसा नही है की लड़की टांगे फैलाकर जब तक चाहे चुदाई करवा सकती है, बुर से रस का निकलना चरम उत्कर्ष यानी ओर्गास्म होता है लेकिन असली ओर्गास्म तो चुदाई के समय ही मिलता है, नितिन उधर से निकला तो लंबवत लन्ड अब भी टाईट ही था और उसे देख बुर में खुजली ना हो ऐसा मुस्किल है तो नितिन पूछा ” क्या बेबी दो चार मिनट चुदवाना पसंद करोगी या फिर लन्ड चूसकर वीर्य का स्वाद चखना
( मैं जांघें फैलाकर बुर की ओर इंगित की ) ओके बेबी तो फिर कम से कम एक एक ग्लास बीयर तो पी लें ” और वो मेरे लिए भी ग्लास में बियर लाया, जिया बेड पर बेठे हुए बीयर पीने लगी और नितिन को देख बोली ” एक सिगरेट भी सुलगा ले भाई
( वो डाइनिंग हॉल की ओर गया फिर सिगरेट फूंकते हुए वापस आया ) ले बेबी बीयर जल्दी पी तो सही
( मैं बीयर पीते हुए सिगरेट फूंकने लगी ) काहे की हड़बड़ी, क्लास ऑफ तो ऑफिस में छुट्टी, एंजॉय कर बहन चोद भाई ” और मैं बीयर की तीसरी ग्लास पीते ही नशे में झूम उठी, इतनी मस्त थी की नितिन क्या जो कोई लौंडा आता उससे चुदवाने से ना कतराती ” अब नितिन बेड पर आया फिर मैं उठकर कोहनी घुटनो के बल हो गई, भैया मेरी चूतड के सामने बैठा हुआ था, पीछे मुड़कर देखी तो वो मेरी जांघो को फैलाकर अपना पोजीशन बना रहा था ” क्या डियर बुर और लन्ड का पोजीशन नही मिल रहा
( वो सुपाड़ा सहित १/४ लन्ड बुर में घुसाया था की मैं अपने चूतड को पीछे की ओर करते हुए लन्ड निगलने लगी ) बेबी अब ये धक्का सह और चुदाई का आनंद ले ” तो नशे में धुत होकर चूतड को हिलाते हुए मस्त थी, भैया भी धक्का देते हुए बुर का कचूमर निकाल चुके थे और अब तो बुर भी गर्म हो चुका था तो जिया अपने चूतड को हिलाते हुए चुदाने लगी और भैया मेरे बूब्स पकड़ दबाए जा रहे थे, चोदते हुए हांफने लगे और मैं भी अब बुर में रस को इच्छुक थी सो चूतड को तेजी से हिलाते हुए मस्त थीं और दो तीन मिनट की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद नितिन बोल पड़ा ” इट्स कमिंग वीर्य पी लो मेरी बुर रानी ” तो बुर में वीर्य निकल पड़ा और मेरी चूत शांत और गीली हो गई, नितिन तो फ्रेश होने चला गया लेकिन मैं बेड पर ही लेटी रही।

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