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जिया की कामुक गाथा : भाग १३

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पिछले भाग के आगे…. जिया तो आकाश अंकल के गोद में नग्न बैठी थी और मेरी मॉम रेणु मुझे देखते हुए ड्रिंक्स का आनंद ले रही थी, उनके जांघ पर चूतड रख उनके ओंठ चूमने लगी तो मेरी बाई चूची उसके छाती से चिपकी हुई थी और मैं आकाश के ओंठ चूमकर पूछी ” आपको मेरी गांड़ तो नही मिलेगी, तब क्या देंगे
( वो मेरे चेहरे को चूमते हुए पीठ सहलाने लगे ) तब भी उतना ही, बेबी तू तो कच्ची कली है अपनी मॉम से पूछ इस उम्र में भी कितना गिफ्ट देता हूं
( रेणु खाली ग्लास रख उठकर खड़ी हुई ) आकाश तू मुझे क्या खाक दिया है, हां तेरा दोस्त फिरोज जरूर मुझे काफी गिफ्ट दिया है ” लेकिन यहां तो मैं अपनी जीभ आकाश के मुंह में घुसाए चुसवा रही थी तो वो क्या खाक जबाव देते, मुझे बाहों में लिए जीभ चूसते रहे तो उनका लन्ड मैं सहलाते हुए मस्त थी, पता नही इतना लंबा लन्ड बुर कैसे झेल पाएगी ये तो वक्त ही बताएगा और मैं कुछ देर बाद जीभ निकाल उसके कंधे पर सर रख दी तो आकाश मेरे पीठ सहलाता हुआ बोला ” रेणु तू अकेली इस तरह से क्यों बैठी हो, इधर आओ ” रेणु आकाश के बगल में बैठ कर उसके चेहरे को चूमने लगी तो मैं उसकी गोद से उतर कर सोफा पर बैठ गई, आकाश के नग्न छाती को चूमना शुरू की तो वो मेरे बूब्स पकड़ दबाने लगे जबकि मॉम के ओंठ को वो मुंह में लिए चूसने लगे तो रेणु की साड़ी सीने से नीचे खिसक गई, मैं मॉम के साड़ी को नीचे कर दी तो आकाश उनके बूब्स को पकड़ ब्लाउज पर से दबाने लगा और मैं तो आकाश के चौड़ी छाती को चूमते हुए उसके बदन सहलाने लगी। आकाश मेरे एक चूची को पकड़ दबाने लगा तो वो रेणु की ब्लाउज की डोरी को खोलने लगा और रेणु खुद ही ब्लाउज निकाल दी उनका बड़ा बड़ा बूब्स ब्रा में कैद था तो आकाश अब मॉम की तरफ चेहरा किए उनके ओंठ चूमने लगा और मैं अब नंगे ही उसके पैर के पास बैठ गई तो आकाश का लन्ड सुस्त पड़ा हुआ था जिसे हाथ मे लिए हिलाना शुरू की साथ ही उसके जांघ पर हाथ फेर रही थी तो रेणु अब उसके मुंह से ओंठ निकाल ली, मैं लन्ड हिलाते हुए मस्त थी की आकाश मॉम के पीठ पर हाथ लगाकर ब्रा खोल उसके चुचियों को नग्न कर दिया और मॉम उसके हाथ पकड़ अपनी बूब्स पर लगाई फिर मैं आकाश के लन्ड पकड़ चूमना शुरू की तो अंकल मॉम के बूब्स दबाते हुए उसके पेटीकोट के नाडा को खोल दिए तो रेणु खुद अपने चूतड ऊपर उठा पेटीकोट को निकाल दी। मैं तो आकाश के लन्ड को चूमते हुए सुपाड़ा को ओंठ पर रगड़ने लगी और आकाश मॉम के गाल चूमने लगा ” तेरी बेटी तो सही में काफी हॉट और सेक्सी है
( रेणु हंस दी ) क्यों मैं क्या कम हूं ” और फिर मैं आकाश के लन्ड मुंह में लिए चूसने लगी, दुसरी ओर मेरी मॉम रेणु उनके मुंह में जीभ घुसाए चुसवा रही थी तो आकाश का ८ इंच लम्बा लन्ड मुंह में लिए सर का झटका देना शुरू की और उधर रेणु उसके जीभ निकाल उसके गाल चूमने लगी तो आकाश रेणु के बड़े बड़े बूब्स दबाए जा रहा था।
मेरी बुर में खुजली होने लगी तो अंकल अब चूतड उठा उठाकर मेरे मुंह में लन्ड का धक्का देने लगे, उनका सुपाड़ा गले तक अटक रहा था तो मॉम के बूब्स पर हाथ लगाए आकाश पूछा ” थोड़े देर तक इसे चूस ही लूं
( रेणु उसके गाल चूम ली ) जितनी देर तक चूसने का मन है चूस वैसे भी रंडियों की क्या इच्छा
( मैं मुंह से लन्ड निकाल जीभ से चाटने लगी ) क्या मॉम रण्डी लगती हो मैं, भले खुशी खुशी अपने जिस्म दे रही हूं लेकिन
( आकाश मॉम की चूची मुंह में लिए चूसने लगा ) हां जिया तुझे तो दर्जनों ढूंढते हैं मुझे कौन पूछता ” मैं चुप रही और आकाश मॉम की चूची चूसने में लगा था तो मैं लन्ड चाटने के बाद वाशरूम चली गई, फ्रेश होकर आई तो देखी की सोफा पर ही आकाश को लिटाए मॉम उनके लन्ड को मुंह में लिए चूस रही है तो मैं उनके चेहरे के ऊपर टांगे चिहारे बैठी, आकाश मेरे बुर को चूमने लगा और मैं बुर की फांकों को फैलाए उससे बुर चटवाने लगी ” चाट साले कुत्ते तुझे बेटी की चूत मिले या मां की क्या फर्क पड़ता, आह उह अंदर तक घुसा ” और उधर रेणु मुंह में लन्ड लिए मुखमैथुन करने में लीन थी तो मैं चूतड आकाश के मुंह पर किए बैठी थी और उनका लंबा सा जीभ मेरी बुर को चाटने में लगा था तो एक हाथ मेरे बूब्स को दबाए जा रहे थे ” आह उह उई आह उफ अब बुर से रस निकलेगी ” और आकाश के चेहरे पर बुर का रस टपकने लगा तो वो बुर का रस चाटा फिर मैं उठकर सोफा पर बैठ गई, रेणु तो उसके लन्ड को जीभ से चाटने में लीन थी तो आकाश बोला ” हट अब दोनों मिलकर मेरे लन्ड को गर्म कर दी
( मैं सोफा पर टांगे फैलाई और बुर में गर्भनिरोधक दवाई घुसाई ) ठंडा भी होगा डियर तेरा लन्ड गर्म है तो यहां एक नही दो दो चूत चुदाई को आतुर है ” फिर मैं देखी की आकाश फ्रेश होने चला गया तो मैं मॉम के साथ बेडरूम चली गई और दोनों बेड पर नंगे लेट गए।
आकाश वाशरूम से निकला और बेड पर आकर बैठ गया ” पहले तो इस लौंडिया को चोदता हूं फिर तेरी बारी आएगी रेणु
( मैं जांघें फैला दी थी ) जरूर आकाश तेरा लन्ड मोटा है आराम से खेत की जुताई करना फिर देखना मेरी बुर का नशा ” और वो अपना सुपाड़ा मेरी बुर में घुसाया साथ ही थोड़ा लन्ड अंदर घुसाया तो लगा की बुर चरक जायेगी फिर भी लेटी रही और आकाश जोर से धक्का मारा ” आह उई फाड़ दिया मेरी बुर आराम से चोद ना, इतने में फिर से धक्का देकर चोदने लगा और मुझे तो दिन में ही तारे नजर आने लगे। मैं जांघो को फैलाए चूत चुदाई का दर्द सह रही थी और मेरे मुंह से ” आह उह इस इतना मोटा फट गया ” आवाजें निकल रही थी तो मॉम मेरे बूब्स को पकड़े मुंह में लिए चूसने लगी ताकि मुझे अधिक मजा आ सके, आकाश का लन्ड तो मानो बुर की गहराई तक जाकर टकरा रहा था और मेरी बुर की फलक को ढीली कर रही थी फिर भी मैं इस चुदाई से अभ्यस्त थी और अब दो तीन मिनट के धक्के से बुर आराम से उसके लन्ड हजम करने लगी तो मैं बोली ” डियर प्लीज थोड़े देर तक रुको ” और आकाश मेरी बुर से लन्ड निकाल दिया तो मैं वाशरूम चली गई लेकिन मेरी मॉम रेणु तो टांगे चिहारे चुदाने को तैयार हो गई, फ्रेश होकर वापस आई तो रेणु की बुर चुदाई शुरू हो चुकी थी और रेणु की बुर में लन्ड घुसाए आकाश चोदे जा रहा था ” वाह मैं फ्रेश होने गई तो ये लन्ड खोर मेरा निवाला छीन ली
( मॉम बोली ) ओह बेबी बस दो मिनट जैसे ही मेरी बुर रस छोड़ेगी तू चुदवाना ” और आकाश मॉम के मांसल जिस्म पर लेटकर चोदने लगा तो रेणु चूतड उछाल उछाल कर चुदाने लगी, मैं बेड पर लेट गई मेरी बुर तो मुसल लन्ड के धक्के से लहर रही थी और मैं मॉम की चुदाई देखते हुए मस्त थी ” आह उह और तेज तेज चोद मेरी बुर रसीली होने वाली है ” फिर रेणु चूतड उछालना बंद कर दी और अंकल उसके जिस्म पर से उतर गए तो आकाश फ्रेश होने चला गया, रेणु बेड पर लेटे बोली ” खाने का ऑर्डर कर देती हूं क्यों
( मैं बोली ) लेकिन मैं सिर्फ मसाला डोसा खाऊंगी ” और रेणु नंगे डाइनिंग हॉल चली गई, मैं देखी की आकाश वापस आया और मैं खुद कोहनी और घुटनों के बल होकर बोली ” आइए जनाब इस लौंडिया की चूत चोदिए
( मेरे नितम्ब पर हाथ फेरता हुआ जांघो को फैलाया और सुपाड़ा बुर में घुसा दिया ) आह आराम से अंकल आपका लन्ड इतना कड़ा होगा जानती तो कभी नही चुदाने को तैयार होती ” और इतने में आकाश जोर से धक्का देकर चोदने लगा और मैं फिलहाल उसके लन्ड को झेल रही थी, वो धकाधक चुदाई कर रहा था और ज्योंहि मेरी चूत सहज महसूस करने लगी मैं चूतड को हिलाना शुरू की और आकाश मुझे चोदते हुए मस्त थे ” तुझे गोल्ड की चैन मिलेगा ऐसी माल को मैं महंगे गिफ्ट देता हूं ” और मैं चूतड को स्प्रिंग की तरह हिलाते हुए चुदाने लगी, बुर की गर्मी से लग रहा था मानो रस झड़ेगा और मैं भी यही चाहती थी लेकिन उसका मोटा लंबा लन्ड आसानी से नहीं झड़ने वाला था ” आह उह आकाश और तेज चोद चोद साले मेरी बुर से रस निकल गया ” फिर बुर रस से गीली हो गई और मैं चूतड आगे कर लन्ड बाहर कर लेट गई। रेणु उधर से नंगे आई फिर आकाश के लन्ड के ऊपर चूतड किए बैठ गई तो आकाश मॉम के कमर को पकड़ उनके शरीर को संतुलित किया और रेणु खुद से लन्ड बुर में घुसेड़ ली फिर अपने गोल गुंबदाकर गांड़ को ही नीचे करते हुए लन्ड अंदर लेने लगी तो अंकल नीचे से धक्का देकर चोदने लगे और रेणु चूतड उछाल उछाल कर चुदाने लगी, मेरी बुर तो उसके लन्ड से ७-८ मिनट चुदवा चुकी थी तो अंकल दोनो बुर को १२-१४ मिनट से चोद रहे थे साथ ही उनके लन्ड हमने मुंह में भर चूसे भी थे फिर भी उनका लन्ड बुर में टीका हुआ था और मॉम लन्ड पर बैठकर चुदाने में मस्त थी ” आह ओह चोद चोद साले तेरे लन्ड का रस पीकर ही दम लुंगी ” और अंकल तो नीचे से धक्का दे देकर हांफने लगे फिर बोले ” आह ओह मेरा लन्ड रस छोड़ दिया ” तो मॉम बुर में लन्ड लिए बैठी रही फिर उठकर लन्ड चूस ली और आकाश फ्रेश होने चला गया, अब जिया की दुबारा चुदाई होगी, इंतजार कीजिए।

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