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चचेरी बहन के साथ मस्ती : भाग २

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फ्रेंड्स
पिछले भाग में आपने पढ़ा की केसे मैं और मेरी चचेरी बहन रूपम देर रात सेक्स में लीन हो गए, मेरी चचेरी बहन रूपम कमरे में आकर मुझे नींद में ही नग्न कर दी फिर मुझे चूमने लगी तो मेरी नींद खुल गई और मैं भी रूपम के साथ मस्ती करने लगा, वो बिस्तर पर नग्न थी तो मैं उसकी चूत चाटकर लन्ड चुसवाया फिर उसकी बूर में लन्ड घुसाने लगा तो मेरा पूरा लन्ड आराम से उसकी चूत निगल गई और मैं उसके कमर को पकड़ चोदना शुरू किया ” आह ओह उई बहुत मजा आ रहा है डियर और तेज चोदो
( मैं उसकी चूत में लन्ड डाले उसके ऊपर लेट गया ) जरूर बेबी लेकिन आराम से चुदवा ना तुम्हें जल्दी काहे की है ” और फिर मैं उसके ऊपर लेटकर उसके चेहरे को चूमते हुए चोदने लगा तो रूपम मेरे कमर पर हाथ रख अपने गोल गद्देदार नितंब को उपर नीचे करने लगी और दोनों सम्भोग सुख में लीन हो गए तभी रूपम आहें भरने लगी ” आह ओह उह उई अब मेरे चूत से रस निकलेगा डियर और तेज ” मैं तो लन्ड का धक्का दिए जा रहा था और ५-७ धक्का देते ही उसकी चूत रसीली हो गई तो मैं लन्ड निकाल वाशरूम चला गया फिर फ्रेश होकर आया तभी रूपम फ्रेश होने गई और मैं बेड पर लेटकर उसका इंतजार करने लगा।
रूपम उधर से आई और मुझे देख मुस्कुराने लगी फिर मेरे कमर के पास बैठ लन्ड को सहलाते हुए पूछी ” अगर भैया की इच्छा हो तो इस पर बैठकर ही चुदवा लूं
( मैं हाथ बढ़ाए उसके बूब्स पकड़ दबाने लगा ) क्यों नहीं डार्लिंग आराम से बैठ जा फिर चूतड उछाल उछाल कर चुदवा ” रूपम मेरे लन्ड के ऊपर चूतड किए बैठ गई तो उसकी जांघें फैली हुई थी साथ ही चूत और लन्ड आमने सामने था और मैं उसके कमर में हाथ लगाया ताकि उसके बदन का संतुलन ठीक रहे तो रूपम खुद से लन्ड पकड़ बूर में घुसाने लगी और आधा लन्ड घुसते ही मैं नीचे से जोर का धक्का दिया तो पूरा लन्ड उसकी रसीली चूत में थी और वो चूतड उछाल उछाल कर चुदाने लगी तो मैं नीचे से धक्का देता हुआ उसके बूर को चोदने लगा। रूपम की चूत में लन्ड गपागप अंदर बाहर हो रहा था तो वो चूतड उछाल कर चुदाने में मस्त थी और उसकी दोनों चूचियां हिल रही थी जिसे मैं बीच बीच में पुचकार रहा था, उसके चूत की गर्मी चरम पर थी तो वो अब चूतड स्थिर किए आहें भरने लगी ” आह ओह उह भैया आपका लन्ड बहुत कड़ा है
( मैं धक्का देना छोड़ दिया ) उतर जा मेरी बहना तुझे तो दोस्तों से भी चुदवाऊंगा ” रूपम उतर कर बेड पर लेट गई तो मैं उठकर फ्रेश होने चला गया, वापस आया तो रूपम चादर ओढ़े लेटी हुई थी और मैं उसके बगल में लेटकर उसके गाल चूम लिया ” अब किस स्टाइल में चुदाना है बहना
( वो मेरे लन्ड पकड़ सहलाने लगी ) पहले चुम्मा चाटी फिर चुदाई समझे मेरे भाई ” और मैं उसके गाल चूमते हुए चादर को जिस्म पर से हटा दिया फिर बूब्स पकड़ दबाते हुए ओंठ चूमने लगा तो रूपम मेरे पीठ पर हाथ फेर रही थी, मैं उसके ओंठ मुंह में लिए चूसना शुरु किया तो वो मेरे चूतड के दरार में उंगली डाल रगड़ने लगी फिर क्या था, उसके ओंठ मुंह से निकाल दिया तो वो अपने जीभ बाहर कर मेरे ओंठ को चाटने लगी जिसे मैं मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो उसके मखमली बदन पर सवार होकर मस्त था, दोनों की आंखें बंद थी तो फ्रेंच किस्स का मजा लेते हुए मेरा लन्ड पूरी तरह से टाईट हो चुका था और फिर मैं जीभ बाहर कर उसके छाती पर चेहरा रख बूब्स पर नाक रगड़ने लगा तो वो हंसते हुए बोली ” लगता है बहन पर तेरा दिल आ गया है
( मैं चूची को पकड़ दबाने लगा ) उहूँ दिल नहीं बेबी तेरे बील से प्यार है तेरी चूत, चूची और चूतड में नशा है जिसका रसपान मैं करना चाहता हूं।
रूपम उठकर फ्रेश होने गई तो मैं बेड पर लेटा रहा, थोड़ी देर बाद वो आई और बेड पर डॉगी स्टाइल में हो गई तो मैं उठकर उसके बगल में बैठा फिर उसके चूतड को थपथपाने लगा ” कितने आसन में चुदाना जानती है तू
( रूपम हंस दी ) तुम जितने आसन में चोद दो मुझे ” और मैं उसके चूतड के सामने बैठकर उसकी जांघो को फैलाया फिर लन्ड पकड़े उसकी चूत में घुसाने लगा तो उसकी चूत फिलहाल आग की भट्टी लग रही थी जिसमें लन्ड घुसाए दे दनादन चोदना शुरू किया तो वो खुद अपने चूतड को हिलाते हुए चुदाने लगी, मैं उसके सीने से लटकते स्तन को पकड़ दबा भी देता फिर वो पीछे मुड़कर बोली ” और तेज चोदो ना डियर तेरा लन्ड तो सही में लोहे का रॉड लगता है
( मैं अब बूर की गर्मी से निजात पाने के लिए तेज धक्का देने लगा ताकि उसकी चूत से रस निकल सके ) अब ठीक है मेरी बहना या किसी घोड़े के लन्ड से चुदाने का विचार है
( वो चूतड को तेजी से हिलाते हुए बोली ) एक बार दिन में ही किसी होटल में ग्रुप सेक्स का इंतजाम करो
( मेरा लन्ड चूत में तेजी से अन्दर बाहर हो रहा था ) ओह तो दोस्तों को क्या बताऊंगा की मेरी बहन को दो चार लन्ड की जरूरत है
( रूपम सिसकने लगी ) चुप रह साले और तेज फाड़ मेरी चूत को मेरा निकला ” और फिर ७-८ धक्का दिया की चूत गीली हो गई फिर भी मैं उसकी रसीली चूत को चोदता रहा और वो चूतड स्थिर किए बोली ” क्या जरूरी है मुझे बहन के रूप में पेश करना, बोल देना की कोई रण्डी है उसके साथ मजा करना है
( मैं चोदता हुआ हांफने लगा ) हां साली तुम सही बोली वैसे पहले कभी दो चार के साथ हमबिस्तर हुई है
( रूपम चूतड हिलाने लगी ) नहीं कभी मौका नहीं मिला डियर ” और मेरा लन्ड अब झड़ने के करीब था, इसलिए तेजी से धक्का देता हुआ चोद रहा था और कुछ देर बाद उसकी चूत में वीर्य स्खलित कर सुस्त पड़ गया तो वो चूतड को आगे कर लन्ड को चूत से निकाल झट से मुंह में भर चूसने लगी और वीर्य का स्वाद चखकर मेरे बेड पर लेट गई तो मैं फ्रेश होने चला गया, आगे क्या हुआ इंतजार कीजिए।

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