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उत्तेजना और कामवासना भाग – 2

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कहाणी को आज वाढते है…

कुछ दिन ऐसे ही बीत जाते है। फिर एक रिश्तेदार की शादी के लिए हम तीनो अमरोही जाते है. उस शादी में मेरी माँ भी आती है। हम सब शादी में डांस मजाक मस्ती करते है। मेने गौर किया अब्बू मेरी माँ की ज्यादा ही खातिरदारी कर रहे है। में अब्बू को ” बड़ी खातिरदरी हो रही माँ की ” . अब्बू हस्ते हुए मेरे पीठ पे हाथ घूमते हुए ” अरे समधनजी है हमारे खातिरदारी तो बनती है ” .
रात को देर से शादी की रस्मे होती है। में और हामिद अपने कमरे में जाते है। कमरे में वाशरूम न होने के कारन बहार कॉमन वाशरूम मुझे पिशाब करने आना पड़ा एक टॉयलेट में मुझे अजीब आवाजे आयी वाशरूम पुराना था तो एक होल में से देखा तो चौक गयी। मेरी माँ कमोड पे बैठ के सेक्स टॉय ( कृत्रिम लंड ) करीब ६ इंच का था। छूट में डालके ” आआअह्हह्ह्ह्ह।…… चोदो मुझे। कर रही थी ” . उससे पहले मेरी माँ के बारे में बताऊ उनकी उम्र ४८ साल है। ज्यादा मोटी नहीं है गोरा रंग ३६, ४०, ३६ की फिगर है। पेशाब करके आने के बाद में भी टॉयलेट से बाहर आयी और माँ भी टॉयलेट से बहार निकली मुझे देख के घबरा गयी। उस वक्त माँ ने ३/४थ पहना था और ऊप्पर टी शर्ट था, में ” क्या हो रहा था? ” माँ ” तूने सुन लिया क्या? ” . में ” देख भी लिया ” . माँ ” क्या करू बेटी तेरे पिताजी जने के बाद बिलकुल अकेली हो गयी, तू भी शादी करके चली गयी। तो मुझे पोर्न फिल्म का चस्का लग गया फिर मेने ये कृत्रिम लंड ऑनलाइन मंगवाया ” . में माँ के कंधे पे हाथ रख के तसली दिलवाई।
ये शादी के बाद ४ महीने बाद मेरे घर पे रहने आयी। हमारे घर में सिर्फ दो बेड रूम थे। हामिद ऑफिस से लेट आते है इसलिए वो मेरा बैडरूम नहीं चेंज कर सकते थे। तो अब्बू ने कहा ” में हॉल में सो जाता हु। आप मेरे बैडरूम में सो जाईये। ” दूसरे दिन अब्बू नहाने अपने रूम के वाशरूम में जाते है कई दिनों से उनके वाशरूम का दरवाजा ख़राब था इसलिए बिना दरवाजा लगाए नहाते है। नहाते वक्त अब्बू ने सिर्फ छोटी फ्रेंची पहनी थी। अचानक माँ बैडरूम में आके बाथरूम के यहाँ आती है दरवाजा खुला होने के कारन अब्बू नहाते वक्त दिख जाते है वहा पे ही माँ जम जाती है. अब्बू और माँ एक दूसरे को देखते है और मुस्कुराते। माँ की नज़र उनके ९ इंच के लैंड पे थी। अब्बू समज जाते है माँ को इनका लंड देखना है। फिर अब्बू अपनी फ्रेंची निचे करके माँ को लंड हिलाके दिखाते है। माँ ये नज़ारा देख की सुन्न होती है। बाहर हामिद की आवाज आती है दोनो घबरा जाते है। अब्बू टॉवल लपेट ते हुए ” कैसी लगी पिचर समधनजी? ” माँ शरमा के मुँह झुकाती है। श्याम को हम सब मूवी देखने जाते। आते वक़्त में ” अब्बू कैसी लगी पिक्चर ” अब्बू माँ को देखते ” पिक्चर का नेक्स्ट पार्ट कल है ” . दूसरे दिन सबेरे जान भुज कर अब्बू के सामने ” में नहाने जा रही हु ” . में अपने काम में बिजी हो गयी। अब्बू धीरे से अपने कमरे में जाते है और अंदर से कुण्डी लगाते है। माँ नंगी ही नहा रही थी अब्बू माँ को देखते हुए अपना लंड मसल रहे थे। और माँ उनको अपनी चुत और बूब्स दिखा रही थी। अचानक में आवाज देती हु। अब्बू ” ये बहु भी ना ” . अब्बू कमरे के बाहर आके क्या हुआ ” में ” जी वो हामिद घर पे फाइल भूल गए है में देने ऑफिस जाती हु, मुझे लगभग २ घंटे लगेंगे माँ को बता देना ” . अब्बू ” है बेटा आराम से जाना, ” फिर दरवाजा बंद करके अब्बू बैडरूम में आ के पुरे नंगे होते। बाथरूम के दरवाजे पे आके ” कमलादेवी जी आये क्या अंदर ” . माँ शरमाते हुए ” समधीजी आपको शर्म है क्या नहीं में यहाँ नंगी नाहा रही हु। आप मेरी चुत और मेरे बूब्स देख रहे है। और अपना मुसल जैसा लंड हिला रहे है। ” . अब्बू नंगे ही बाथरूम में आके शावर के निचे नाहा रही माँ के बूब्स दबाते हुए उनके निप्पल्स मसलना शुरू करते है माँ ” अह्ह्ह्हह।……. क्या कर रहे हो समधीजी ” . अब्बू माँ के पीठ और नेक को किस करते हुए ” कुछनही जी प्यार कर रहा हु ” . माँ ” अह्ह्ह्हह।…. वो ठीक है लेकिन जो मुसल आपका मेरी गांड में चूब रहा है उसका क्या ” . ये कहके दोनों हस्ते है. दोनों एक दूसरे को किस और स्मूच करना शुरू करते है थिर माँ घुटनो पे बैठ के अब्बू का लंड मुँह में लेके चूसना शुरू करती है। फिर अब्बू माँ के बूब्स और निप्पल चूसना शुरू करते है.. माँ शावर बंद करती है फिर दोनों एक ही तौलिया लपेट के बहार आते है। दोनों एक दूसरे के दानं पोछ लेते है। माँ बिस्तर में घुटनो के बल सर के जाती है उस वक्त उनकी चुत और गांड का छेद साफ दिख रहा था। अब्बू बिस्तर में आके चुत में जीभ डालके चूसना शुरू करते है। माँ ” अह्हह्ह्ह्ह……… क्या मस्त चूस रहे हो क्या मस्त लंड आपका ” अब्बू ” तुम भी तो कमाल की हो जानेमन ये, क्या बूब्स है तुम्हारे। जो कोई तुम्हारी चुत हे पागल हो जाय ” . माँ अपनी टांगे फैलाये अब्बू के लंड का स्वागत कर रही थी अब्बू अपने लंड पर थूक लगाके धीरे धीरे चुत में घुसा रहे थे माँ ” अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह ये कमलादेवी की चुत नईम जी के लंड के नाम उफ्फ्फफ्फ्फ़ क्या मज़ा आ रहा है। ” . अब्बू ने माँ को अपने ऊपर लिया और नीचे से लंड चुत में लेने लगे और सात-सत् धक्का मारने लगे। फिर माँ उनके लंड पर उचलने लगी और सत-सत्-छप-चप की आवाज आ रही थी। फ़िर अब्बू ने माँ को घोड़ी बना दिया और गांड पे थप्पड़ लगाते हुए, चुत की ठुकाई करने लगे। माँ पूरा हिल रही थी, अब्बू के धक्के से। मम्मी के बालो को पक्का के, घोड़ी बना के, अब्बू चुत की सवारी करने लगी।
बहोत देर तक अब्बू ऐसे ही माँ को पेलते हैं। फिर थोड़ा आराम किया और माँ को किस करना लागे। दोनो मस्त किस कर रहे थे।
फिर अब्बू माँ को लंड पे बिठा निचे से धक्के दे रहे थे। १० मिनट बाद माँ को को सीधा करके एक पैर उप्पर करके चोदने लगे। उनका स्पीड १२० का हो जाता है और वीर्य की पिचकारी माँ के चुत में छोड़ देते है माँ भी आपने रस छोड़ती है फिर दोनों लंड और चुत साफ़ करके सोफे पे नंगे बैठ के गप्पे मारते है। गेट पे माँ देखती है में आगयी तो दोनों झट से कपडे पहन के अपने काम में लग जाते है।. माँ हॉल में भगवन का पाठ कर रही थी। बैडरूम में अब्बू नमाज़ पढ रहे थे। मुझे के दोनों कुछ हुवा ही नहीं ऐसा बिहेव कर रहे थे। श्याम को खाना खाने के बाद में और हामिद टहल रहे थे। माँ और अब्बू टीवी देख रहे थे। कोई देख नहीं रहा तो दोनों चुप चाप घर के पीछे जाते है। वहा पे माँ ” नईम, कब तक में तुम्हारा लंड दुनिया से छुपते छुपाते लुंगी। कब में सबके सामने तुझ से चुदुँगी। अब्बू ” बच्चो के सामने शादी करना अच्छा नहीं लगता ” . दोनों एक दूसरे को किस करना शुरू करते है। अब्बू बिच बिच में माँ की गांड मसलते है.

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कुछ दिनों तक ऐसा ही चलता रहा
एक दिन इतवार के दिन शाम के ४ बजे। में चलो हामिद पिक्चर चलते है। हामिद ” चलो चलते है ” . अब्बू ” तुम लोग होके आओ में अपने दोस्त को मिलने जा रहा हु, उसका एक्सीडेंट हुआ है। ” में ” ओके, अब्बू, माँ तुम तैयार हो जाओ ” . माँ ” में क्या करुँगी तुम जवान लोगो में आके में यही सत्संग में जाती हु ” . में ” हामिद क्या करे? ” अब्बू ” मेरी बात सुनो तुम पिक्चर देख के आओ ” . में और हामिद सर हिलाके हां बोलते है। अब्बू हमारे पहले घर से निकल जाते है. माँ हमारे साथ मंदिर तक आती है। में और हामिद आगे निकल जाते है।. अब्बू बगल के दुकान से हमें देखते है। चुप चाप घर आके सारे कपडे हॉल में बेथ ते है। माँ भी जल्दी जल्दी घर आती है। गेट खोलके इधर उधर देख के अपनी शेफोन की साडी उतरती है। फिर अपना ब्लाउज और पेटीकोट। अंदर माँ ने पेंटी ब्रा नहीं पहना था।. माँ डोर बेल बजती है अंदर से अब्बू ” कौन है? ” माँ ” बाबूजी रांड चाहिए चोदने के लिए ” . अब्बू दरवाजा खोलते है दोनों एक दूसरे के सामने नंगे थे। दोनों एक दूसरे को देख के हसने लगते है. फिर अब्बू माँ को घर के अंदर लेते हुए गांड की दरार पर ऊँगली डालते है माँ भी अब्बू का लंड को सहलाने लगी। अब्बू चेयर पर बैठ गए माँ घुटनो पे बैठ के लंड चूसने लगी। फिर अब्बू माँ को सोफे पे लिटाके माँ की चुत में जुबान डालके चूस ने लगते है। माँ उनका सर चुत में दबाने लगती है ५ मिनट बाद अब्बू के मुँह में झड़ जाती है। अब्बू अपने लंड पे थूक लगाके चुत में लंड रगड़ना शुरू करते है वह माँ ” अहूउउउउउउउ।।।।।।।।।।। बस करो डालो अपना लंड मेरी चुत में।……… फिर अब्बू अपना लंड चुत में डालते है छोड़ना शुरू करते है। १० मिनट बाद माँ को किचन में ले जाके उनके निप्पल्स पे शहद की धार छोड़के चाटना शुरू करते है कूछ शहद माँ अपनी चुत पे डालती है वो भी प्यार से चाट लेते है।. अचानक लाइट माँ अब्बू लिपट जाती है। दोनों नंगे ही टेरेस पे आते है। अँधेरा होने के कारन किसी की नज़र नहीं जाती। अब्बू माँ को छत की दिवार से खड़ा करते है और एक टांग उठाके पेलना शुरू करते है माँ ” अह्ह्ह्हह्हह उईईईईई माँ मरगयी।…….. ” ५ मिनट बाद माँ ” नईम मेरी टाँगे बोहोत दर्द कर रही है ” . अब्बू लंड चुत मेसे बाहर निकालते हुए माँ को गोदी में उठा के बैडरूम में लेके जाते है। अब्बू माँ को गोदी में बिठा के स्मूच करना शुरू करते है और दोनों बूब्स चूसना शुरू करते है। धीरे धीरे गांड को दबा न शुरू करते है. में और हामिद हिंदी की जगह इंग्लिश मूवी देखते है. पिक्चर जल्दी ख़तम होती है हम जल्दी घर आते है। लाइट न होने के कारन कुछ नहीं दिख रहा था। में खुद के पास की डुप्लीकेट चाबी से ताला खोल के अंदर आती हु। बैडरूम से ” अह्हह्ह्ह्ह उईईईईई ” आवाजे आती है में और हामिद दौड़ के बैडरूम का दरवाजा खोलते है। मोबाइल के टॉर्च से देखते है माँ अब्बू के गोदी थी। अब्बू उनके गांड पे हाथ घुमा रहे थे। में ” ये क्या हो रहा है माँ? ” . अब्बू को किस करते हुए ” देखो बेटा मेरा और कमलादेवी का चुदाई का रिश्ता है, वो मेरा लंड लेती है में उसकी चुत छोड़ता हु ” . हम दोनों एक दूसरे को देखते है। अब्बू ” हमारी चुदाई देखनी है तो यहाँ पे रुको ” . हम दोनों आँख झुकाके चले जाते है। रात भर अब्बू माँ को चुदते रहे। सबेरे उठ कर माँ सफ़ेद पंजाबी सूट पहनके आती है सर पे ओढ़नी रख के आती है। माँ मुजसे नज़र नहीं मिला रही थी। इतने में शॉर्ट में अब्बू आते है। और माँ के पास आके उनकी गांड पे हाथ घूमते है। माँ हाथ झटक देती है।. माँ को गोदी में उठा के हॉल में ले आते है। मुझे और हामिद को बुलाते है। अब्बू ” आज से में ये एलान करता हु की कमला देवी और में नईम चौधरी मिया बीवी है। भले हम जिंदिगी भर शादी नहीं करेंगे पर हम एक दूसरे के साथ रहेंगे। ” हम दोनों मान जाते है कूछ दिन माँ हमारे साथ रहती है फिर लोगो के तनो की वजह से अपने घर शिफ्ट होती है बाद में अब्बू भी शिफ्ट होते है. दोनों मिया बीवी की तरह है राहते है.

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